अखिलेश को साइकिल दिलाने की पैरवी में मुख्य चुनाव आयुक्त से सिफारिश कराने की चर्चा

अखिलेश को साइकिल दिलाने की पैरवी में मुख्य चुनाव आयुक्त से सिफारिश कराने की चर्चा

फर्रूखाबाद। समाजवादी पार्टी अखिलेश गुट को चुनाव चिन्ह साइकिल दिलाने की पैरवी में मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी से सिफारिश किये जाने की चर्चा हुई। अखिलेश गुट के नये जिलाध्यक्ष नदीम फारूखी ने आज दोपहर बाद मीडिया से वार्ता की। मीडिया कर्मियों को यह सूचना देकर बुलाया गया था कि नगर विधायक विजय सिंह चुनाव आयोग के बारे में जानकारी देगे। लेकिन जब मीडिया कर्मी कार्यालय पहुंचे तो वहां विधायक मौजूद नही थे। नदीम फारूखी ने बताया कि विधायक कार्यालय में आकर चले गये, वह स्वंय लेट आये है। श्री फारूखी से व्याप्त चर्चा के बारे में पूछा गया कि आपने शमसाबाद के प्रो0 मुजीब से मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी से पैरवी करवाई है कि वह अखिलेश यादव गुट को ही सपा पार्टी का चुनाव चिन्ह साइकिल दे। प्रो0 मुजीब यहां जिलाधिकारी के पद पर तैनात रहे। नसीम जैदी के अतिकरीबी है।

श्री फारूखी ने अफवाह का जोरदारी से खंडन करते हुये कहा कि प्रो0 मुजीब व डा0 नसीम जैदी में अलीगढ यूनीवर्सिटी में पढाई के दौरान ही दोस्ती हो गयी थी। एैसे तो मुझे भी उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी से सिफारिश करना चाहिए कि वह राज्यसभा सदस्य रामगोपाल यादव की सदस्यता खत्म न करे। श्री फारूखी ने बताया कि वह एैसी सिफारिश नही कर सकते है। उन्होने बताया कि जब मै अलीगढ़ यूनीवर्सिटी के निचले सदन के कमेटी का अध्यक्ष था तब हामिद अंसारी उच्च कमेटी के सदस्य थे। श्री फारूखी ने बताया कि उन्होने आचार संहिता का उल्लघंन नही किया। वह लखनऊ से घर जाने के लिये अकेले निकले थे। रास्ते में उत्साहित कार्यकर्ताओं ने सरकार बनने के जोश में खुशी मनाई। कार्यकर्ताओं को आचार संहिता के बारे में जानकारी नही थी। उन्होने बताया कि थाना कमालगंज पुलिस ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य अल्लारक्खा के विरूद्ध आचार संहिता उल्लघंन करने की भी गलत कार्रवाई की है।

08अल्लारक्खा मेरे जुलूस के साथ नही थे। उन्होने बीते दिन ही इस बात की जानकारी पुलिस अधीक्षक को उनके आवास पर दे दी है। इस दौरान मंदीप यादव, सुरेन्द्र सिंह गौर, जग्गू यादव, पुष्पेन्द्र यादव, ओमप्रकाश शर्मा साथ थे। वार्ता के दौरान एसपी भी मेरी बातो पर सहमत हो गये। जब वह हिन्दुस्तान होटल के बाहर से निकल रहे थे तभी पूर्व जिलाध्यक्ष चन्द्रपाल सिंह यादव व पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत बात करने के लिये होटल में बुला ले गये थे। जिसको पुलिस ने बैठक का दर्जा दे दिया। श्री फारूखी ने बताया कि वह एक सप्ताह में नई कार्यकारिणी का गठन कर देगे। पूर्व जिलाध्यक्ष विश्वास गुप्ता की कमेटी के भी पदाधिकारियों को शामिल करने का प्रयास करेगे। उन्होने तब तक के लिये मीडिया का कार्य देखने के लिये पुष्पेद्र यादव सुरेद्र सिंह गौर व ओमप्रकाश शर्मा का नाम लिया। उन्होने बताया कि वह चुनाव के दौरान नगर में ही रहेगे। तभी उन्होने पास बैठे पूर्व महानगर अध्यक्ष विजय यादव की ओर इशारा करते हुये कहा कि नगर में ठहराने की जिम्मेदारी नगर वालो की है।

09उन्होने दूसरी ओर पास बैठे  जग्गू यादव की ओर इशारा करते हुये कहा कि लोको कालोनी में भी काफी खाली जगह है। नगर विधायक विजय सिंह को बुलाने के लिये विजय यादव ने उनसे फोन पर बात की तो विधायक ने न आने की बात कहते हुये कहा कि उन्हे पत्रकारों को कोई जानकारी नही देनी है। सपा के पूर्व अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव का फोटो हटाये जाने के आरोप में बताया कि देखो मैने उनका फोटो सामने दीवार में लगवाया है। उनका फोटो मेरे पीछे नेताजी के फोटो के ऊपर अच्छा नही लगता था। उन्होने पार्टी में चल रही कलह के बारे में बताया कि आज शाम तक अच्छी खबर मिल सकती है। अमृतपुर व कायमगंज विधान सभा क्षेत्र में 2-2 प्रत्याशियों के मैदान में होने के बारे में बताया कि नई सूची घोषित न होने के कारण भ्रम की स्थिति है। वार्ता के दौरान मंदीप यादव एडवोकेट, सुरेन्द्र सिहं गौर, पुष्पेन्द्र यादव, ओमप्रकाश शर्मा, रजत क्रांतिकारी आदि समर्थक मौजूद रहे।

पत्रकार वार्ता से पूर्व शमसाबाद निवासी प्रो0 मुजीब कार्यालय आये थे। जो थोडी देर रूकने के बाद चले गये। मालुम हो कि नदीम फारूखी 14वे जिलाध्यक्ष है। इससे पूर्व वर्ष 1992 से 1996 तक मोहम्मद अनवार खां, 1996 से 2001 तक नरेन्द्र सिंह यादव, 2001 से 2004 तक दलगंजन सिंह यादव, 2004 से 2007 तक सतीश दीक्षित एडवोकेट, 2007 से 2009 तक नदीम फारूखी, 2009 से 2011 तक चन्द्रपाल सिंह यादव, 2012 से 2013 तक राजकुमार सिंह, 2013 से 2014 तक चन्द्रपाल सिंह यादव, 2014 से 2015 तक रामसेवक सिंह यादव, 2015 से 2015 तक प्रताप सिंह यादव, 4 फरवरी 2016 से 2016 तक चन्द्रपाल सिंह यादव, 20 नवम्बर 2016 से 2016 तक विश्वास गुप्ता जिलाध्यक्ष रहे। 5 जनवरी से नदीम फारूखी जिलाध्यक्ष बने है। श्री फारूखी ने बोर्ड भर जाने की बात कहते हुये बताया कि बोर्ड में उनका नाम बडे शब्दो में लिखा गया था जिसको उन्होने ऊपर लिखे अक्षरों की तरह करवा दिया।

Categories: Breaking News, सपा

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