बिजली चोरी पर अंकुश के लिये अलग-अलग बनेगे थाने व न्यायालय

लखनऊ। अब प्रदेश सरकार हर हालत में बिजली चोरी रोक कर चोरों को शीघ्र ही सजा दिलायेगी। इसके लिये सभी जिलों में अलग-अलग थाने व न्यायालय बनाये जायेगे। बिजली चोरी पर कड़ाई से अंकुश के लिए कड़ा कानून भी बनेगा। अगले वर्ष के अंत तक हर घर में बिजली पहुंचाई जाएगी। 14 अप्रैल से गांवों में 18 घंटे बिजली की आपूर्ति की जायेगी। परीक्षाओं के दौरान तो शाम 6 से सुबह 6 बजे तक गांवों को बिजली मिलेगी। उसके बाद भी शाम को गांवों में बिजली देने का प्रयास किया जाएगा।

ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष ऊर्जा विभाग को भेजे गये प्रस्ताव में कहा है कि बिजली चोरी संज्ञेय अपराध होने के साथ ही ऐसे मामलों के लिए अलग से थाने बनाए जाएंगे। श्री शर्मा ने बताया कि गुजरात की तर्ज पर बिजली चोरी के मामलों को तेजी से निपटाने के लिए अलग से विशेष अदालतें भी होंगी। उल्लेखनीय है कि बिजली चोरी के संबंध में केंद्रीय विद्युत अधिनियमण्2003 के तहत चोरी पकड़े जाने पर शमन शुल्क वसूलने की व्यवस्था है। शमन शुल्क न अदा करने पर रिपोर्ट दर्ज की जाती है। इटावा, मैनपुरी, आजमगढ़ आदि जिलों में जबरदस्त बिजली चोरी का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि इस पर तेजी से अंकुश लगाने की दिशा में काम हो रहा है। जिन फीडरों का लाइन लॉस ज्यादा है वहां बिना किसी भेदभाव के पहले कार्रवाई की जायेगी।

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि अगले वर्ष के अंत तक सूबे के हर एक घर में बिजली पहुंचाने के लिए 14 अप्रैल को केंद्र व राज्य सरकार के बीच यहां पावर फार ऑल योजना को लेकर एक अनुबंध होने जा रहा है। वर्तमान में 1.86 करोड़ घरों में बिजली नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आम व्यक्तियों की है इसलिए सभी का ख्याल रखा जा रहा है। मंत्री ने बताया कि परीक्षाओं के मद्देनजर गांव को शाम छह से सुबह छह बजे तक बिजली देने के निर्देश दिए गए है। परीक्षा के बाद भी गांवों में शाम को पीक आवर्स के दौरान बिजली आपूर्ति बनाए रखने की दिशा में गंभीरता से विचार किया जाएगा। 14 अप्रैल से जिला मुख्यालयों में 24ए तहसीलों व बुंदेलखंड में 20 तथा गांवों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। तय शेड्यूल के मुताबिक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिडिंग प्रक्रिया के जरिए पर्याप्त बिजली खरीदी जाएगी। इन दिनों बिजली की मांग करीब 16.17 हजार मेगावाट के है।

ऊर्जामंत्री ने कहा कि खेतों में खड़ी फसलों के ऊपर से जाने वाले हाई टेंशन तारों के कारण अक्सर आग लगने की घटनाएं होती हैं। ऐसे मामलों में पीडि़त किसान को सप्ताहभर में मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सप्ताहभर में मुआवजा यदि संबंधित किसान के खाते में नहीं पहुंचेगा तो जिलाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

शिकायत ठंडे बस्ते में नहीं जाएगी

ठंडे बस्ते में न जाएंगी शिकायतें ऊर्जा मंत्री ने बताया कि भले ही पूर्व की सरकारों में आम जनों की शिकायतों को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता हो लेकिन योगी सरकार में कोई भी शिकायत ठंडे बस्ते में नहीं जाएगी। हर एक शिकायत का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की जाएगी।

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