बौद्ध सम्मेलन में डा0 नवल शाक्य के समर्थकों की गुंडई से बवाल : गुस्साये लोगों ने की मारपीट

 

फर्रूखाबाद। जनपद कासगंज के कस्वा गंजडुडवारा में आयोजित महाविशाल बौद्ध सम्मेलन में डा0 नवल किशोर शाक्य व उनके समर्थकों की गुंडागर्दी के कारण कार्यक्रम में अफरा तफरी मच गई। बताया गया कि सम्मेलन में जन अधिकार मंच के संस्थापक एवं पूर्व काबीना मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। बिलम्ब से पहुंचे विशिष्ट अतिथि डा0 नवल किशोर शाक्य ने संचालक अतुल शाक्य से यह कहकर जल्द बुलवाने को कहा कि कायमगंज में सपा के प्रदेश अध्यक्ष आ रहे है। मुझे तुरंत ही कायमगंज जाना है।

जन अधिकार मंच के प्रदेश प्रवक्ता अतुल शाक्य ने मुख्य अतिथि के बाद सम्बोधन कराने से मना कर दिया। इसी बात पर डाक्टर के समर्थकों ने अतुल के साथ धक्का मुक्की की। तो अतुल शाक्य ने भी बदसलूकी का विरोध किया। इसी दौरान अतुल शाक्य के साथ मारपीट की गई। बवाल देखकर मुख्य अतिथि श्री कुशवाहा ने अपना सम्बोधन बंद कर दिया और तुरंत ही वहां से चले गये। श्री कुशवाहा के जाते ही अधिकार मंच के कार्यकर्ताओं में डाक्टर व उनके समर्थकों के प्रति जबरदस्त रोष व्याप्त हो गया। जिन्होने डा0 नवल किशोर शाक्य को पांडाल के बाहर तक खदेडा और वहां डाक्टर व उनके समर्थक एवं चालक के साथ मारपीट की।

बताया गया कि भयभीत हो जाने के कारण डाक्टर अपने चालक को छोडकर गाडी को लेकर चले गये। सम्मेलन में बवाल होते ही भगदड एवं अफरा तफरी मच गई। आयोजन स्थल डिग्री कालेज में करीब 8 हजार बौद्ध समर्थक मौजूद थे। पटियाली के विधायक ममतेश शाक्य ने सम्मेलन का उद्घाटन किया तथा अध्यक्षता अलीगंज के पूर्व वृद्ध सांसद महादीपक शाक्य ने की। स्वागता अध्यक्ष डा0 श्याम सिंह शाक्य आदि प्रमुख बौद्ध समर्थक संकिसा के भंते चेतसिक बोधि, गुणानंद आदि अनेकों भिक्षु मौजूद थे।

कासगंज के डा0 प्रदीप कुमार मौर्य ने बताया कि हमले में मंच के एक कार्यकर्ता को चोट लगी। जबकि संचालक अतुल शाक्य को अंदरूनी चोटे लगी। कार्यक्रम में राजा के रामपुर के सत्तन शाक्य, मोहनपुर नगर पंचायत के चेयरमैन सुभाष शाक्य, फर्रूखाबाद जन अधिकार मंच के मीडिया प्रभारी अतुल शाक्य, कायमगंज के सतीश शाक्य आदि लोग मौजूद थे।

कामरेड कर्मवीर शाक्य ने बताया कि मैने घटना के सम्बंध में डा0 नवल शाक्य से बातचीत की। तो डाक्टर ने श्री शाक्य को बताया कि बाबू जी आपने संकिसा के मंच से मुझे न बोलने देने की शुरूआत की है। उसी तरह मुझे वहां सम्मेलन में नही बोलने दिया गया और अब कोई बोलने भी नही देगा। डाक्टर ने श्री शाक्य को यह भी बताया कि मंच से बोलने की अनुमति न दिये जाने पर मेरे समर्थकों ने मेरे नौकर अतुल शाक्य को बहुत मारा है। अब उसे नानी याद आ जायेगी। घटना के बाद पांडाल के बाहर मारपीट हुई है।

बताया गया कि लखनऊ निवासी अतुल शाक्य के अलावा दिल्ली के प्रेम सिंह शाक्य ने भी कार्यक्रम का संचालन किया। घटना के समय विधायक ममतेश शाक्य मंच पर पीछे बैठे थे। बताया गया कि घटना के सम्बंध में पीडित पक्ष द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा है। जन अधिकार मंच के कार्यकर्ताओं के अलावा बौद्ध समर्थकों ने डाक्टर व उनके समर्थकों की अकारण गुंडई की जोरदार निंदा की है।

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