जानिये- सीएम योगी ने भिक्षुओं को क्या भेट दी और उनकी किस मांग पर रहे खामोश

 

फर्रूखाबाद। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में सूबे के भिक्षुओं को बुलाकर उनको कोई बडी भेट नही दी। भंतों की मांग पर खामोशी धारण कर ली। लेकिन श्री योगी ने बौद्ध धर्म की प्रशंसा एवं भगवान बुद्ध की प्रेरणा का गुणगान कर भिक्षुगणों को कई बार साधुवाद-साधुवाद कहने को मजबूर कर दिया। मुख्यमंत्री ने मोदी को पुनः प्रधानमंत्री बनाने के लिये भिक्षुओं का आर्शीवाद लिया। मुख्यमंत्री ने लखनऊ के विश्वेश्वरैया सभागार में धम्म सम्मेलन को 26 मिनट तक सम्बोधित किया। इस दौरान श्री योगी ने कहा कि देश में धर्म की रक्षा के साथ मानव कल्याण भी बहुत जरूरी है।

इन दोनो की रक्षा तभी हो सकती है जब नरेन्द्र मोदी पुनः देश के प्रधानमंत्री बनेगे। उन्होने कहा कि देश पर संकट के समय भिक्षुओं को भी चुपचाप नही बैठना चाहिए। देश को संकट से उबारने का दायित्व भिक्षुओं का भी है। श्री योगी ने तथागत भगवान बुद्ध के धर्म एवं उनके आर्दशों पर व्यापक प्रकाश डाला। उन्होने कहा कि भगवान बुद्ध ने पूरी मानवता को करूण एवं मैत्री का संदेश दिया है। कई देशों जापान, थाईलैंड, कम्बोडिया, कोरिया, तिब्बत, श्रीलंका आदि ने तथागत की प्रेरणा लेकर मुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया है।

उन्होने बताया कि भगवान बुद्ध ने राजपाट छोडकर दुख का कारण जाना और दुख के कारण का निवारण भी खोजा। उनके धम्मम् शरणम् गच्छामि श्लोक में पूरी मानवता का कल्याण छिपा है। बुद्ध अपने कर्तव्य पर डटे रहे, उन्होने पलायन का मार्ग नही अपनाया। इस दौरान श्री योगी ने प्रधानमंत्री मोदी सरकार की उपलब्धियों का भी गुणगान किया। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी मोदी सरकार के कार्यो का गुणगान करते हुये उन्हे पुनः प्रधानमंत्री बनाने की अपील की। इस अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय बौद्ध संस्थान के अध्यक्ष शांति मित्र ने भी विचार व्यक्त किये।

इसी दौरान अन्तर्राष्ट्रीय बौद्ध संस्थान के सदस्य शीलरतन ने मुख्यमंत्री से साधुओं की तरह उन्हे भी 2 हजार रूपये की मासिक पेंशन दिये जाने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने कोई जबाब नही दिया। सभागार में भिक्षुओं को लजीज भोजन दान किया गया और बाद में सभी को एक-एक लिफाफा एवं बैग भेट किया गया। लिफाफे में 500 मुद्राये थी। धम्म सम्मेलन में सूबे के करीब 650 बौद्ध भिक्षुओं ने भाग लिया। आज सुबह 10.30 बजे कार्यक्रम की शुरूआत सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं काव्य पाठ से हुई।

समारोह में सूबे के संगठन महामंत्री सुनील बंसल, भाजपा नेता लालजी प्रसाद निर्मल, भंते शिवरतन आदि लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री गोविन्द शुक्ला ने किया। रात में भिक्षुओं को अन्तर्राष्ट्रीय बौद्ध संस्थान में ठहराया गया था। फर्रूखाबाद से करीब 120 भंते गये थे। जिनमे धम्मा लोको बुद्ध बिहार के भंते धम्म कीर्ति बोधि पुस्तकालय के भंते चेतसिक बोधि, नागसेन, भद्रशील, संघकीर्ति, चेलानंद, गुणसागर, आनंद कीर्ति, अश्वघोष, आलोक, रितिक, सुमित ग्राम चिलसरी स्थित डीआरदेव बुद्ध बिहार के भंते संघसेन आदि भंते शामिल रहे।

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