रूतवा जमाने वाले पत्रकार को पुलिस ने जबरन थाने से निकाला : आग लगाये जाने से नुकसान

 

फर्रूखाबाद। थाना राजेपुर पुलिस ने रूतवा जमाने वाले कानपुर से प्रकाशित अखबार के पत्रकार को अपमानित कर जबरन थाने से निकाल दिया। कस्वा राजेपुर निवासी पत्रकार के पिता पडोसी गांव के प्रधान है। गांव के बलराज सिंह एवं सत्यवीर ने ग्राम समाज की करीब 50 बीघा जमीन पर वर्षो से कब्जा कर रखा है। प्रधान ने बीते दिनों एसडीएम से अवैध कब्जे को हटाने की शिकायत की थी। एसडीएम ने जमीन पर कब्जा करने पर रोक लगा दी थी। बीती शाम थाने के दरोगा दीपक त्रिवेदी ने भूमाफिया के सहयोग से ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा कराने की योजना बनाई। दोनों पक्षों की शिकायत मिलने पर बीती शाम पत्रकार व कथित कब्जेदार भी थाने पहुंचे।

पत्रकार ने दरोगा पर रूतवा जमाने का प्रयास किया तो दरोगा भी पत्रकार पर हमलावर हुआ। दोनों लोगों में विवाद होने पर पत्रकार ने सदर विधायक से नजदीकी सम्बंध बताकर दरोगा पर दबाब बनाने का प्रयास किया और फोन पर एसपी को भी घटना की जानकारी दी। थोडी देर बाद ही थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राकेश कुमार भी थाने पहुंचे। तो पत्रकार ने एसपी को फोन मिलाकर उनसे बात करने को कहा। तो इंस्पेक्टर ने अपने फोन से अधिकारी से बात करने की जानकारी देकर पत्रकार से इस मामले से दूर रहने को कहा कि हम एवं एसडीएम इस मामले को देखेगे।

पत्रकार ने दरोगा को सस्पेंड कराने की चेतावनी दी। तभी इंस्पेक्टर ने पत्रकार से बदसलूकी कर थाने से निकल जाने को कहा। यह बात सुनते ही सिपाही मनोज, रोहित पुंडीर ने पत्रकार का हाथ पकड लिया और जबरन धकियाकर थाने के बाहर निकाल दिया। विवाद होने से पूर्व पत्रकार ने अपने मीडिया साथियों को भी बुला लिया था।

आग लगाये जाने से नुकसान

थाना व कस्वा मेरापुर निवासी अजय सक्सेना ने गांव के ही रामाधार उर्फ बेचेलाल से 6 वर्ष पूर्व जमीन की अदला बदली की थी। अजय जमीन पर झोपडी बनाकर रहता था। बीते दिन बेचेलाल ने अजय की झोपडी क्षतिग्रस्त कर दी और सामान फेंकने लगा। अजय की पत्नी माया देवी के विरोध करने पर बेचेलाल ने उसकी पिटाई कर दी और झोपडी में आग लगा दी। गांव वालों ने प्रयास करके आग बुझाई। आग से गेहूं, कपडे एवं 5 हजार की नकदी जल गई। आग से माया के पैर झुलस गये। पुलिस ने अजय व दूसरे पक्ष के रामाधार, कृष्णाधार एवं नारायण को हिरासत में ले लिया।

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