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प्रेम प्रसंग की रंजिश में की गई थी मनोज की हत्या : 2 साथी गिरफ्तार

 

फर्रूखाबाद। कोतवाली कायमगंज पुलिस ने मनोज श्रीवास्तव हत्याकांड में 2 युवकों का चालान कर दिया। पुलिस ने कायमगंज के मोहल्ला पाठक नई कालोनी निवासी करन भारद्वाज पुत्र नरेश एवं रजनेश शाक्य पुत्र सर्वेश को गिरफ्तार किया। करन थाना कंपिल के ग्राम बहवलपुर मिस्तनी का मूलनिवासी है तथा कायमगंज के एसएनएम इंटर कालेज में कक्षा 10 का छात्र है। जब कि रजनेश ग्राम अद्दूपुर का मूलनिवासी है। वह नगर के श्यामा गेट स्थित पैथालॉजी पर नौकरी करता था। मनोज के जेल जाने के बाद उसकी प्रेमिका करन की बहन का सम्बंध रजनेश से हो गया।

मालुम हो कि मोहल्ला पाठक नई कालोनी निवासी मनोज करीब 3 माह बाद 8 मई को ही जेल से छूटा था। कायमगंज के मोहल्ला गंगादरवाजा स्थित शिवाला भवन में मोहल्ला पाठक निवासी रमेश चन्द्र की पुत्री की शादी हुई थी। इसी शादी समारोह में करन की बहन भी दावत खाने गई थी। मनोज के साथ करन रजनेश के अलावा गनेश मिश्रा भी दावत खाने गये थे। गनेश दावत खाने के बाद घर वापस चला गया। मनोज रजनेश के साथ शिवाला भवन की छत पर गया और वहां रजनेश से अपनी प्रेमिका को बुला लाने को कहा। वापस लौटने पर रजनेश ने मनोज को बताया कि उसने आने से मना कर दिया।

रजनेश ने प्रेमिका बाली बात करन को भी बताई तभी छत पर पहुंचे करन ने कोल्डड्रिंक में नशीली गोली मिलाकर मनोज को शराब पिलाई। मनोज के बेहोश हो जाने पर उसकी रस्सी से गला घोटकर हत्या की गई। करन ने पुलिस को बताया कि मैने मनोज के जूतों के फीते निकाले और फीतों से ही मनोज की गला घोटकर हत्या की। लेकिन पुलिस को करन की यह बात गले नही उतरी। पुलिस को मौके पर प्लास्टिक की रस्सी का टुकडा मिला था।

करन कहता रहा कि मैने अकेले ही मनोज की हत्या की है। लेकिन पुलिस ने हत्याकांड को रोचक बनाने के लिये रजनेश को भी फांस दिया। मालुम हो कि कायमगंज पुलिस ने करन को घटना के बाद ही हिरासत में ले लिया था। पुलिस की कार्रवाई संदिग्ध रही। जिसके कारण पुलिस ने हत्याकांड का मीडिया के सामने खुलासा नही किया और न ही पुलिस अधीक्षक की पत्रकार वार्ता कराई।