पत्रकार ने कथित बैंक की आड में लाखों का गवन किया : तकादा होने पर बंद कर दी कंपनी

फर्रूखाबाद। कायमगंज के चर्चित पत्रकार अनुपम पाल ने कथित बैंक की आड में लाखों रूपयों का गवन किया है। तकादा होने पर मुख्य कार्यलय बंद कर दिया गया। जिसमे कंपनी के भवन मालिक व बकायेदारों ने अपने ताले लगाये है। थाना नवाबगंज के ग्राम नगला पाल निवासी अनुपम पाल ने वर्ष 2017 में ग्राम नगला खैरबंद ढिलावल रोड पर कृषक सर्वोपरि प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड एवं कृषक सर्वोपरि निधि लिमिटेड खोली थी। कंपनी के एमडी अनुपम पाल ने काफी अच्छा ब्याज देने की आकर्षक योजनाओं से प्रभावित कर अपने खास दोस्तों रिश्तेदारों आदि लोगों के लाखों रूपये जमा करवाये। जब लोगों ने रूपये वापस मांगे तो उन्हे आज कल का बहाना कर टरकाया गया। दिवालिया घोषित हो जाने पर एमडी अनुपम ने कार्यालय बंद कर दिया।

मुख्यालय के अलावा कायमगंज में भगवती टॉकीज के निकट खोले गये ब्रांच कार्यालय एवं जनपद औरैया की भी शाखा को बंद कर दिया गया। एमडी अनपुम पाल ने ग्राम नगला खैरबंद निवासी अमित शाक्य को कार्यालय में नौकरी दी। अमित शाक्य ने बताया कि एमडी अनुपम पाल ने मुझसे 30 हजार रूपये की एफडी बनवाई थी। एफडी सहित मेरे करीब 70 हजार रूपये बकाया है। अमित ने बताया कि अनुपम का छोटा भाई शिवम अपने पडोसी गांव की गरीब युवती को भगा ले गया था। इस मामले में शिवम के साथ ही अनुपम के विरूद्ध भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

अनुपम पर ग्राम कुइयांवूट बाईपास निवासी कार्यालय भवन मालिक अनार सिंह वर्मा के किराये का करीब 2 लाख रूपये बकाया है। कार्यालय को 15 हजार रूपये महीने पर लिया गया था। एमडी अनुपम पाल ने किसानों एवं व्यापारियों को लुभाने के लिये जैविक खाद एवं कीटनाश्क दवाओं के नमूने बनवाये थे। किसानों को कंपनी का सदस्य बनाया गया और उन्ही सदस्यों के बैंक में भी खाते खुलवाये गये।

कंपनी पर ग्राम ढिलावल निवासी पपडी बिक्रेता ठेली दुकानदार शिवकुमार के 45 हजार, देवरामपुर में मोबाइल दुकानदार संदीप राठौर के 30 हजार, परचून दुकानदार शिवा सक्सेना के 10 हजार, ग्राम नगला खैरबंद निवासी रेडीमेड कपडा बिक्रेता जय सिंह राजपूत के 10 हजार, परचून दुकानदार अजय पाल राजपूत के 10 हजार, परचून दुकानदार ओमपाल वर्मा के 20 हजार, ग्राम पचपुखरा निवासी जानवरों के डाक्टर अनुराग कुशवाहा के 35 हजार, कायमगंज के ग्राम झब्बूपुर निवासी प्रमोद चौहान के करीब 10 लाख, गंजडुडवारा के राहुल शाक्य के करीब एक लाख रूपये जमा है।

अमित शाक्य ने बताया कि कार्यालय में फतेहगढ़ निवासी अतेन्द्र पाल उर्फ बबलू मैनेजर थे। रजीपुर निवासी अजीत पाल भी कर्मचारी था जो अनुपम पाल का ही भतीजा है। प्रमोद चौहान ने उपभोक्ताओं के रूपये जमा करवाये थे। उपभोक्ताओं के तकादे से परेशान होने पर प्रमोद घर छोडकर फतेहगढ़ ससुराल में रहते है। गरीब शिवकुमार की बेटी की शादी है। उसे अब रूपयों की सख्त जरूरत है। अन्य गरीब लोगों ने भी पाई-पाई एकत्र कर अच्छा ब्याज मिलने की उम्मीद में रूपये जमा कराये थे।

मालुम हो कि अनुपम पाल कायमगंज क्षेत्र में पत्रकारिता करते रहे। जब आनंद भान शाक्य वर्ष 2017 में प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष थे। तब कथित प्रदेश सचिव एवं तहसील कायमगंज के पदाधिकारी संजय शर्मा ने अनुपम पाल को एसोसिएशन का पदाधिकारी बनाया था। जिलाध्यक्ष आनंद भान शाक्य ने कायमगंज तहसील की कमेटी में कथित पत्रकारों को शामिल किये जाने की राष्ट्रीय अध्यक्ष से शिकायत की थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष ग्राीशचन्द्र कुशवाहा ने 17 सितम्बर 2017 को फर्रूखाबाद आकर मामले की जांच पडताल की थी।

विनय कुशवाहा ने अपने पक्ष के पत्रकारों को अनुपम पाल के नगला खैरबंद स्थित कार्यालय में एकत्र किया था। जांच में अनेकों पत्रकार फर्जी पाये जाने पर श्री कुशवाहा ने उक्त पत्रकारों को अवैध करार देकर एसोसिएशन से निकाल दिया था। तभी प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक जर्नलिस्ट एसोसिएशन के नाम से मिलती एसोसिएशन का गठन किया था। पत्रकारिता में जबरदस्त फर्जीबाडे के कारण आनंद भान शाक्य एसोसिएशन के प्रति निष्क्रिय हो गये। इसके बाबजूद बीते सप्ताह ही आंनद भान शाक्य को पुनः प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक जर्नलिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पद पर मनोनीत किया गया है।

सोशल मीडिया पर शेयर करे ||
अन्य खबरें