एक पखबारे पूर्व घर के बाहर से गायब हुआ छात्र मिल गया सकुशल

 

फर्रूखाबाद। एक पखबारे पूर्व घर के बाहर खेलते समय गायब हुआ छात्र बालक सत्यम सकुशल मिल गया। सत्यम के मिलते ही गम में डूबे परिवार में खुशी का माहौल हो गया। सत्यम खेलते समय फर्रूखाबाद रेलवे स्टेशन पहुंच गया और कायमगंज की ओर जाने वाली ट्रेन में सवार होकर जिला एटा पहुंच गया। वहां किसी सम्भ्रांत व्यक्ति को सत्यम लावारिस घूमते मिला। उन्होने सत्यम को अपने बच्ची की तरह पाला। सत्यम की गुमशुदगी के पोस्टर ट्रेनों पर लगाये गये थे।

जिस पर लिखे कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक के फोन पर उन्हे सत्यम के बारे में जानकारी दी गई। इंस्पेक्टर संतोष कुमार मिश्रा ने सत्यम को लाने के लिये तुंरत ही आईटीआई चौकी इंचार्ज रामकेश यादव को वहां भेजा। श्री यादव सत्यम को लेकर रात 9 बजे  कोतवाली पहुंचे । इंस्पेक्टर श्री मिश्रा ने सत्यम से पूछताछ की और उसे   बाप आदि परिजनों के हवाले कर दिया। सत्यम को देखकर उसकी मां बेहद खुश हो गई।

मालुम हो कि सत्यम 30 मई को इलेक्ट्रिक इंजन देखने के दौरान छात्र सत्यम गायब हो गया था। बेटे के न मिलने के गम में उसकी मां रमा देवी की हालत खराब हो गई थी। सत्यम कोतवाली फर्रूखाबाद के ग्राम नगला खैरबंद निवासी सुनील जाटव का 7 वर्षीय पुत्र था। सत्यम ग्राम ढिलावल स्थित प्राइमरी स्कूल में कक्षा 2 का छात्र था। सुनील का मकान ग्राम नगला खैरबंद रेलवे क्रासिंग के निकट रेलवे लाइन के किनारे है। बीते दिन करीब 2 बजे रेलवे अधिकारी ट्रायल के लिये इलेक्ट्रिक इंजन को लेकर वहां से निकले।

इसी इंजन को देखने के लिये सत्यम भीषण गर्मी व धूप में घर से बाहर निकला। थोडी देर बाद सत्यम के घर न पहुंचने पर उसे तलाश किया गया। पूरे इलाके में छानबीन के दौरान जब सत्यम नही मिला तो उसके पिता सुनील ने कोतवाली में मध्यरात को बेटे के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। गोरे रंग का सत्यम हरे रंग की हाफ बनियान एवं काले रंग का हाफ पेंट पहने है। मुकदमे की जांच आईटीआई चौकी इंचार्ज रामकेश सिंह यादव को सौपी गई। लेकिन चौकी इंचार्ज आज शाम तक करीब 2 किलो मीटर दूर स्थित घटना स्थल पर मामले की जांच करने तक नही गये।

यदि वह गये होते तो परिजनों को तसल्ली होती कि पुलिस कोई कार्रवाई कर रही है। बताया गया कि घटना से पूर्व सुनील के घर के सामने सफेद रंग की बुलैरों को कई बार आते जाते देखा गया। बुलैरों पर भाजपा का झंडा लगा था तथा गाडी के शीशे काले रंग के थे। अंतिम बार बुलैरों को रेलवे क्रासिंग से देवरामपुर क्रासिंग की ओर जाते देखा गया। बुलैरों में कई बच्चे भी देखे गये। सुनील के 3 पुत्र व एक पुत्री है। सत्यम बीच का था। पुलिस के सुझाव पर परिजनों ने सत्यम के गायब होने का पोस्टर छपवाकर लगाना शुरू कर दिया है। सत्यम का पता बताने वालों को उचित इनाम देने का वायदा किया गया है।

दूसरे दिन ही कोतवाली का चार्ज लेने वाले इंस्पेक्टर संतोष कुमार मिश्रा ने मामले को गम्भीरता से लिया। उन्होने तुरंत ही टीम गठित कर छात्र की तलाश में लगाये। पुलिस टीम ने इलाके के कई सीसीटीवी कैमरे खंगालकर अनेकों लोगों से पूछताछ की थी।

 

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