कचहरी में बवाल : अधिवक्ताओं ने दीवान को लात घूसों से पीटा, बार एसोसिएशन ने अदालत का बहिष्कार किया

 

फर्रूखाबाद। कचहरी में ड्यूटी करने वाले दीवान को अधिवक्ताओं ने लात घूसों से पीटकर घायल कर दिया। दीवान अशोक त्रिपाठी आज फतेहगढ़ कचहरी की सदर हवालात में मुल्जिम की ड्यूटी कर रहे थे। दोपहर के समय सुनियोजित ढंग से अधिवक्ताओं ने दीवान को घेर लिया और उसकी जमकर पिटाई की। भयभीत दीवान ने पुलिस कार्यालय की ओर भागकर जान बचाई। इस नजारे को देखकर लोग भौचक्के रह गये। कचहरी में अफरा तफरी मच गई। भय के कारण पुलिस वालों ने साथी को नही बचाया।

सूचना मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह कोतवाली फतेहगढ़ के इंस्पेक्टर अजय नारायन सिंह ने मामले की जांच पडताल की। पुलिस लाइन के दीवान अशोक त्रिपाठी ने थाना मेरापुर के ग्राम फतेहपुर परौली निवासी राजीव दुबे अधिवक्ता व उनके करीब 10 साथियो के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने के लिये तहरीर दी है। तहरीर के मुताबिक दोपहर 12 बजे अधिवक्ता राजवीर दुबे अपने साथियों के साथ दीवान के पास पहुंचे और उसे अचानक गिराकर लात घूसों से पीटा। इसी दौरान दीवान के सिर में डंडा मारा गया। जिससे उसके सिर से खून बहने लगा। भयभीत दीवान ने शोर मचाया।

काफी भीड हो जाने पर दीवान जान बचाकर भागा। दीवान अशोक कुमार ने बताया कि मै जनपद मैनपुरी कोतवाली बेबर के मोहल्ला कुचलिया का मूलनिवासी हूँ। राजवीर मेरे बेटे अंबुज का साला है। 21 दिसम्बर 2018 को राजवीर की बहन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। राजवीर ने मेरे व मेरे दोनों बेटो बहू व लडकी के विरूद्ध दहेज हत्या की रिपोर्ट कराई थी। जिसमे मै जमानत पर हूँ। इसी रंजिश में मेरे ऊपर जानलेवा हमला किया गया। मैने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिये इंस्पेक्टर को तहरीर दी है। मेरी रिपोर्ट दर्ज न कर उसकी जांच की जा रही है। इंस्पेक्टर अजय नारायन सिंह ने रिपोर्ट दर्ज होने के बारे में पूछे जाने पर बताया कि मुझे इस घटना की जानकारी नही है।

 

बार एसोसिएशन ने अदालत का बहिष्कार किया

जिला बार एसोसिएशन ने अपर मुख्या न्यायिक दंडाधिकारी/किशोर बोर्ड फर्रूखाबाद के न्यायालय का बहिष्कार शुरू कर दिया है। गुस्साये अधिवक्ताओं ने बार एसोसिएशन जिंदाबाद के नारे लगाये। पुलिस अधीक्षक ने जनपद न्यायाधीश से भेटकर घटना की जानकारी की। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव एडवोकेट एवं संयुक्त सचिव राजेन्द्र सिंह यादव ने बहिष्कार के सम्बंध में पत्र भेजकर जनपद न्यायाधीश को जानकारी दे दी है। जनपद न्यायाधीश को अवगत कराया गया कि अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा बिना बार एसोसिएशन को बताये अभिहीत अधिकारी खाद सुरक्षा औषधि प्रशासन के द्वारा कचहरी में अधिवक्ताओं की जलपान कैन्टीन की जांच कराई गई।

हम अधिवक्तागण की बार एसोसिएशन मंदिर के समान है। जिसमे किसी भी संस्था या व्यक्ति का दुर्भावना से प्रवेश करना परिसर को दूषित करता है। जिससे अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है। अपर न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा अकारण अधिवक्ताओं को नोटिस देकर न्यायालय में अधिवक्ताओं को धमकाने आंख दिखाने एवं कानून न मानने की लगातार शिकायते प्राप्त होती रही है। इस सम्बंध में श्रीमान जी को अवगत कराया गया था। परन्तु एसीजीएम के स्वभाव एवं कार्य प्रणाली में कोई परिवर्तन नही आया है। जिस कारण बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी ने स्वंय संज्ञान लेते हुये सर्व सम्मति से अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं किशोर बोर्ड के न्यायालय का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। निर्णय की प्रतिलिपि उच्च न्यायालय भेजी गई है।

 

 

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