पंचशील की जमानत खारिज : बरामद कार की हिफाजत, चर्चित इंस्पेक्टर ने मैस के रूपये हडपे

पंचशील की जमानत खारिज : बरामद कार की हिफाजत, चर्चित इंस्पेक्टर ने मैस के रूपये हडपे

 

 

फर्रूखाबाद। सेशन कोर्ट से पंचशील राजपूत एवं उनके पार्टनर दीपक गुप्ता की जमानत खारिज हो गई है। पंचशील राजपूत के द्वारा गोली कांड में प्रयोग की गई उनकी स्कारपियों नम्बर यूपी 76 एए/6922 को पुलिस बरामद कर कोतवाली ले आई है। पंचशील की कार की कोतवाली में काफी हिफाजत की जा रही है। पंचशील के 2 समर्थक कोतवाली पहुंचे। जिन्होने कार को कबर से ढक दिया और कबर हवा में उड न जाये इस लिये कबर को ईटो से दबाया गया। कोतवाली एवं आईटीआई चौकी में सैकडो दुपहिया व चारपहिया वाहन खडे है। जो खुले में खडे होने के कारण खराब हो गये है। पुलिस ने कभी भी इन वाहनों की देखभाल नही की और न ही वाहन मालिको को वाहन की हिफाजत करने की अनुमति दी। बल्कि अनेकों वाहनों से कीमती सामान भी गायब किये जाने के आरोप लगते रहे।

कोतवाली के दीवान ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि कार पुलिस के कब्जे में है। कार की सुरक्षा के लिये कबर डाला गया है। मालुम हो कि बढपुर मंदिर के सामने रहने वाले श्रीनिवास कटियार ने एक अगस्त को बेटे मानव व नीतेश कटियार को गोली मारने के मामले में पंचशील राजपूत व दीपक गुप्ता आदि के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। श्री निवास ने पंचशील के द्वारा रिवाल्वर से फायरिंग करना दर्शाया था। जब कि मुकदमे के विवेचक दीपक कुमार त्रिवेदी ने 17 अगस्त को पंचशील को रिमांड पर लेकर लोहिया अस्पताल के पीछे मैदान की झाडी से 32 बोर की पिस्टल व 3 कारतूसों की बरामदगी दर्शाई गई। अधिवक्ता प्रेमपाल, शैलेन्द्र एवं विपिन ने आरोप लगाया था कि पंचशील को पिस्टल लगाई गई।

बीते दिनों इंस्पेक्टर संजय कुमार मिश्रा का तबादला हो गया। चर्चा है कि श्री मिश्रा का पंचशील से प्रकरण में ही तबादला हुआ है। घटना के तुरंत बाद श्री मिश्रा ने पंचशील के पिता डा0 रामकृष्ण राजपूत व उनकी पत्नी उर्मिला राजपूत को पकड लिया था। पुलिस हिरासत में रामकृष्ण राजपूत के पैर सूज गये थे। इंस्पेक्टर संजय कुमार मिश्रा उर्फ गोलू के तबादले के बाद पुलिस कर्मी उनके कारनामो को खोल रहे है। चर्चा है कि इंस्पेक्टर ने गिरफ्तार किये गये दीपक गुप्ता के माध्यम से केस में मदद करने के नाम पर मोटी लाखों रूपये की रकम बसूल की। श्री मिश्रा का पेट बडा होने के कारण उनसे पीडित पुलिस कर्मियों ने ही इंस्पेक्टर को गोलू कहना शुरू कह दिया था।

चर्चित इंस्पेक्टर ने मैस के रूपये हडपे

तबादले पर जाते समय इंस्पेक्टर ने मैस में भोजन के बकाया 3159 रूपयों का भी भुगतान नही किया। कोतवाली फतेहगढ़ के मुंशी अवधेश ने भी मैस में भोजन के बकाया 729 रूपये नही जमा किये है। अवधेश कोतवाली फर्रूखाबाद में ही रहते थे। अब मैस वाले बकाया मोटी रकम न मिलने के कारण काफी परेशान है। घटना के बाद जो पुलिस कर्मी पंचशील राजपूत को तलाश कर उनके परिजनों पर अत्याचार कर रहे थे। वह अब शांत हो गये है। कोतवाली में नये इंस्पेक्टर की तैनाती न होने से पुलिस की सक्रियता नही दिखती है। कोतवाली का चार्ज एसएसआई रमाशंकर सरोज के पास है। जिनका तबादला हो जाने के कारण उनका प्रभाव कम हो गया है। पल्ला चौकी इंचार्ज बनी सिंह एवं नखास चौकी इंचार्ज भानूप्रकाश का भी तबादला हो चुका है। आवास विकास चौकी इंचार्ज दीपक कुमार त्रिवेदी ने बताया कि सेशन कोर्ट से पंचशील व दीपक की जमानत खारिज हो चुकी है।

 

Categories: अपराध

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