सड़क सुरक्षा में सहयोग करने वाले सम्मानित : मेला रामनगरिया में तम्बांकू के खतरों से सावधान किया

सड़क सुरक्षा में सहयोग करने वाले सम्मानित : मेला रामनगरिया में तम्बांकू के खतरों से सावधान किया

फर्रूखाबाद।(एफबीडी न्यूज) राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के समापन अवसर पर आयोजित किये गये समारोह में सहयोग करने वालों को सम्मानित किया गया। रोडवेज बस स्टेशन परिसर में आयोजित समारोह में जिलाधिकारी पुलिस अधीक्षक एवं सांसद मुकेश राजपूत ने सड़क सुरक्षा में सहयोग करने वालों की सरहाना की। डीएम ने कहा कि अच्छे देश व राष्ट्र निर्माण के लिये अनुशासित देश जापान की तरह कानून एवं नियमों को अपनाया जाना चाहिए।

हेलमेड एवं चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट बांधना सुरक्षा के लिये जरूरी है। सभी को ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आ सके। इस दौरान ट्रैफिक इंस्पेक्टर देवेश कुमार, डाक्टर्स एवं प्रतियोगिताओं में अब्बल आने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया।

मेला रामनगरिया में तम्बांकू के खतरों से सावधान किया

बीड़ी सिगरेट व अन्य तम्बाकू उत्पादों का सेवन करने वाले न केवल अपने जीवन से खिलवाड़ करते हैं बल्कि घर परिवार की जमा पूँजी को भी इलाज पर फूंक देते हैं। इसके अलावा इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर पड़ जाती है, जिससे संक्रामक बीमारियों की चपेट में भी आने की पूरी सम्भावना रहती है। यह कहना है तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा0 दलवीर सिंह का।

डॉ0 दलवीर सिंह ने कहा कि थूक में कई तरह के बैक्टीरिया हो सकते है जो 9 से 10 घंटे तक जीवित रहते है। किस व्यक्ति में कौन सी बीमारी है यह कोई नहीं जानता ऐसे में व्यक्ति खुले में कहीं पर पान मसाला खाकर थूकता है तो उसके अंदर मौजूद बैक्टीरिया उसके थूक के साथ बाहर निकलता है। कोई दूसरा व्यक्ति उसके संपर्क में आकर तेजी से संक्रमित होता है, ऐसे में हमें सार्वजानिक स्थान पर थूकने से बचना चाहिए।

तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के जनपद सलाहकार सूरज दुबे ने बताया कि शनिवार को मेला रामनगरिया में अभियान चलाकर तम्बाकू खाने वाले 7 लोगों से 260 रूपए वसूले गए। वही कुछ लोगों के पास पैसे ही नहीं निकले उनको चेतावनी देकर छोड दिया गया।
सूरज ने बताया कि धूम्रपान करने वाला व्यक्ति न केवल अपने जीवन के लिए बल्कि अपने परिवार व समाज के लिए भी कैंसर का खतरा पैदा करता है। इसलिए हम सभी को तम्बाकू से बने उत्पादों को छोड़ना हितकर रहेगा और साथ ही समाज को इनसे होने बाले खतरों से आगाह करना होगा।

डॉ राममनोहर लोहिया चिकित्सालय पुरुष में तम्बाकू को छोडने के लिए आने वाली गोलियां निशुल्क दी जाती है। वैश्विक वयस्क तम्बाकू सर्वेक्षण2 गैट्स 2 2016-17 के आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में तम्बाकू का सेवन करने वालों का आंकड़ा हर साल बढ़ रहा है। आज से 10 साल पहले 2009-10 में प्रदेश में करीब 33.9 फीसद लोग गुटखा व अन्य रूप से तम्बाकू का सेवन कर रहे थे जो कि 2016-17 में बढ़कर 35.5 फीसद पर पहुँच गया है।

धूम्रपान करने वालों की तादाद में मामूली गिरावट जरुर देखने को मिली है, दस साल पहले जहाँ 14.9 फीसद आबादी धूम्रपान करती थी, वही 2016-17 में 13.5 फीसद पर आ गयी है।
खैनी व धुँआ रहित अन्य तम्बाकू उत्पादों का सेवन करने वालों की तादाद 2009-10 में 25.3 प्रतिशत थी, वह 2016-17 में बढ़कर 29.4 प्रतिशत पर पहुँच गयी है। इस दौरान मेला रामनगरिया में तैनात दरोगा प्रशांत कुमार और पुलिस कर्मी मौजूद रहे।

मेला रामनगरिया में आर्य समाज के वैदिक क्षेत्र चरित्र निर्माण शिविर द्वारा आज नशा मुक्ति अभियान चलाया गया। जिसके अंतर्गत कार्यकर्ताओं ने कल्पवासियों से बीड़ी, गुटखा व शराब आदि के सेवन से होने वाली हानियों को गिनाते हुए इनको छोड़ने का अनुरोध किया।
बहुत से कल्पवासियों ने हांथ उठाकर मद्यपान को छोड़ने का संकल्प लिया। कल्पवासियों को सम्बोधित करते हुए आचार्य चन्द्रदेव शास्त्री ने कहा कि 1760 से पहले भारत मे कोई शराब का ठेका नहीं था, इसके बाद अंग्रेजों ने बंगाल में पहला ठेका खोलकर भारत मे शराब का चलन प्रारंभ कराया।

फिर भी भारतीयों के संस्कार व महापुरुषों के प्रभाव के कारण इसका ज्यादा प्रचलन नहीं हो पाया। जब अंग्रेज इस देश से गए तब मात्र 1500 ठेके थे परंतु आज लगभग 25 हजार हो गए।
अंग्रेजों ने एक सोची समझी साजिश के तहत हमारे युवाओं के चारित्रिक पतन के लिए शराब के चलन को बढ़ाया जिसे हमारी सरकारों ने और भी तेजी से आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि शराब पीकर मानव को दानव बनते देर नहीं लगती।

शराब पीकर माता, पत्नी बहन आदि में भी भेद नहीं नजर आता। 90 फ़ीसदी बलात्कार में शराब का योगदान है इन आपराधिक घटनाओं में शराब का बहुत बड़ा योगदान है और इन सब को हमारी सरकार लाइसेंस देती है। एक तरफ शराब के ठेके खुलवाना और दूसरी तरफ मद्यनिषेध विभाग चलाकर लोगों को मूर्ख बना रहे है।

जिन राज्यों ने शराब को बंद किया हुआ है वहां का आपराधिक रिकार्ड का ग्राफ काफी सुधरा है। जिससे यह प्रेरणा मिलती है कि मजबूत राजनैतिक इच्छा शक्ति से इस कुरीति को मिटाया जा सकता है। आर्य समाज इस क्षेत्र में सदैव प्रयासरत है तथा जन जागरण के द्वारा इसके समूल नाश करने को संकल्पित है।

आचार्य ओमदेव शास्त्री ने कहा कि प्रत्येक वर्ष लगभग 19 अरब लीटर शराब की खपत हमारे देश मे होती है जो तेजी से बढ़ रही है। यदि यही हाल रहा तो वह दिन दूर नहीं जब दूध दही की नदियां बहने वाले भारत देश मे शराब की नदियां बहने लगे इसे तत्काल प्रभाव से रोकने की आवश्यकता है। प्रातःकाल यज्ञ हरिओम शास्त्री ने यजुर्वेद के मंत्रों से संपन्न कराया। बनारस से आये सत्येंद्र आर्य सपत्नी यजमान रहे। मेरठ से पधारे आर्य भजनोपदेशक पंडित अनिल दत्त नादान ने अपने सु मधुर भजनों के द्वरा अपने विचार रखे।

शिवनारायण आर्य के गीत पीके तूने मदिरा का प्याला प्राण नाथ हमें तो मार डाला, पर खूब तालियां बजीं। संदीप आर्य ने बताया कि कल 21 फरबरी रविवार को मध्यान्ह 2 बजे से वैदिक क्षेत्र में विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। जिसमे देश के विख्यात कवि डॉ0 सारस्वत मोहन मनीषी व अन्य अन्य प्रसिद्ध कवियों की ओजवी वाणी को सुनने का अवसर प्राप्त होगा।
आज के कार्यक्रम में सत्येंद्र अग्निहोत्री, अजीत आर्य, जामुन आर्य, क्षेत्र पाल आर्य, प्रशांत आर्य, उदिता, उदयराज आदि उपस्थित रहे।

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