कवि सम्मेलन : जब तक तन में एक बूंद भी गरम लहू की बाकी है, भारत मां का आंचल बदनाम नही होने देगे

कवि सम्मेलन : जब तक तन में एक बूंद भी गरम लहू की बाकी है, भारत मां का आंचल बदनाम नही होने देगे

फर्रूखाबाद। मेला रामनगरिया के वैदिक क्षेत्र में वेद प्रचार मण्डल आर्यावर्त्त एवं जिला आर्य प्रतिनिधि सभा फर्रुखाबाद के तत्वावधान में आज विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें देश के जाने माने कवियों ने अपने ओजस्वी काव्यपाठ से कल्पवासियों को आकर्षित किया।

कवि सम्मेलन के मुख्य अतिथि मुख्य ग्राम विकास अधिकारी डॉ0 राजेन्द्र पेन्सियां रहे। सम्मेलन का शुभारंभ कवियत्री सुमेधा शर्मा ने सरस्वती वंदना के साथ किया। उनकी कविता फिर शम्भू को हलालहल का अनुरागी हो जाने दो, यौवन को फिर दयानंद जैसा त्यागी हो जाने दो गाकर स्वामी दयानंद को नमन किया।

देश के वरिष्ठ कवि डॉ0 सारस्वत मोहन मनीषी ने स्वामी दयानंद याद करते हुए दया और आनंद के जो रहे सदा जो धाम दयानंद सा है नही जग में दूजा नाम, शब्दों से उन्हें नमन किया। उन्होंने प्रण करते हैं संस्कृति की हम शाम नहीं होने देंगे, वीर शहीदों की समाधि बदनाम नहीं होने देंगे, जब तक तन में एक बूंद भी गर्म लहू की बाकी है, भारत माँ का आँचल बदनाम नहीं होने देंगे, द्वारा देश भक्ति का जोश बढ़ाया।

कवि धर्मेश अविचल ने कहा कि जब तक देशद्रोहियों का फांसी से मान नहीं होगा, तब तक मेरे भारत का सच्चा उत्थान नहीं होगा, गीत गाकर युवाओं में जोश भरा। दिल्ली से आये प्रसिद्ध हास्य कवि सुनहरी लाल वर्मा तुरंत ने अपनी हास्य कविता किसी वजह से आपके पिचक गए हों गाल, बर्र.ततैया छेड़ दो फूल जाएं तत्काल, द्वारा लोगों को लोटपोट कर दिया।

संदीप सजर ने ललाट उन्नत है अब प्रचंड भारत का प्रसन्न हो रहा है, खण्ड-खण्ड भारत का। द्वारा अपने देश भक्ति विचार दिए। हरदोई से आये कवि प्रखर पांडेय ने द्रौपदी के चीर को बचाने वाला योगिराज, गोपियों के चीर का हरण कैसे करेगा, द्वारा मार्मिक गीत प्रस्तुत किया। कवि सम्मेलन का संचालन गाजियाबाद के स्वदेश यादव ने किया। उन्होंने कहा कि हर एक मानव के लिए दिल मे बड़े अरमान सुनता हूं, पुकारे द्रोपदी जब जब तो वो भगवान सुनता है द्वारा ओजस्वी काव्यपाठ किया।

वहीं स्थानीय कवियों में गीता भारद्वाज व निमिष टण्डन ने काव्यपाठ किया। कार्यक्रम के संयोजक व शिविर संचालक आचार्य चन्द्रदेव शास्त्री ने मुख्य अतिथि को साहित्य भेंट कर सम्मानित किया। संयोजक मंडल में डॉ शिवराम सिंह आर्य, धर्मवीर आर्य, डॉ हरिदत्त द्विवेदी, रामचंद्र सिंह आर्य, मुन्ना यादव, प्रमोद यादव, काशीराम आर्य ने सभी कवियों का स्वागत सम्मान किया। कार्यक्रम में आदित्य राठौर, प्रदीप आर्य, संदीप आर्य, हरिओम शास्त्री, राजाराम आर्य, नीलम आर्या, सीमा आर्या, विनोद वाला, शालिनी आर्या आदि उपस्थित रहे।

Categories: Breaking News

About Author

Related Articles