योगी सरकार ने बजट में सभी का रखा ध्यान : किसानों को मुफ्त पानी और सस्ते कर्ज की व्यवस्था

योगी सरकार ने बजट में सभी का रखा ध्यान : किसानों को मुफ्त पानी और सस्ते कर्ज की व्यवस्था

लखनऊ। सूबे की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आज विधानमंडल के दोनों सदनों में वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट पेश किया। योगी सरकार का यह पांचवां और आखिरी पूर्ण बजट है। यह सूबे के इतिहास में पहला कागज रहित बजट भी है। इस बजट में युवाओं, किसानों, श्रमिकों और महिलाओं को साधने के साथ बुनियादी ढांचे के विकास को भी तेज गति देने की कोशिश की गई है। बजट का आकार 5,50,270.78 करोड़ रुपये है। बजट में किसानों को मुफ्त पानी और सस्ते कर्ज की व्यवस्था की गई।


देखे बजट की खास बाते

किसान के लिए


योगी सरकार के बजट में किसानों की आय को वर्ष 2022 तक दोगुना करने के लिए खास फोकस किया गया है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 से आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना संचालित की जाएगी। इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत 600 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित। किसानों को मुफ्त पानी की सुविधा के लिए 700 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित। रियायती दरों पर किसानों को फसली ऋण उपलब्ध कराए जाने हेतु अनुदान के लिए 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में 15 हजार सोलर पम्पों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित।

महिलाओं का उत्थान

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना को और विस्तार देकर लागू किये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत 1200 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।
महिलाओं एवं बच्चों में कुपोषण की समस्या के निदान हेतु मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना वित्तीय वर्ष 2021-22 से क्रियान्वित की जाएगी। इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।

पुष्टाहार कार्यक्रम के लिये 4094 करोड़ रुपये तथा राष्ट्रीय पोषण अभियान हेतु 415 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित। वित्तीय वर्ष 2021-2022 से महिला सामर्थ्य योजना के नाम से एक नई योजना क्रियान्वित की जाएगी। इस हेतु 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
महिला शक्ति केंद्रों की स्थापना हेतु 32 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।

युवाओं के लिए

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत पात्र छात्र-छात्राओं को टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। संस्कृत विद्यालयों में अध्ययनरत् निर्धन छात्रों को गुरुकुल पद्धति के अनुरूप निशुल्क छात्रावास एवं भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेश के 12 अन्य जिलों में माडल कैरियर सेंटर स्थापित किये जाने की योजना प्रस्तावित।

युवा खेल विकास एवं प्रोत्साहन योजना के लिये हेतु 8.55 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित। ग्रामीण स्टेडियम एवं ओपेन जिम के निर्माण के लिए 25 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित। मेरठ में नए स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु 20 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित। वित्तीय वर्ष 2021-2022 में युवक एवं महिला मंगल दलों के प्रोत्साहन हेतु 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

युवा अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने के लिए कार्पस फंड में पांच करोड़ रुपये की धनराशि की व्यवस्था प्रस्तावित। प्रदेश के विभिन्न जिलों में अधिवक्ता चैम्बर का निर्माण एवं उनमें अन्य अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु 20 करोड़ रूपये की धनराशि की व्यवस्था प्रस्तावित। युवा अधिवक्ताओं के लिए पुस्तक एवं पत्रिका आदि के क्रय करने हेतु 10 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।

श्रमिक कल्याण के लिए

विभिन्न प्रदेशों से वापस आए यूपी के श्रमिकों व कामगारों को रोजगार व स्वरोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक नई योजना मुख्यमंत्री प्रवासी श्रमिक उद्यमिता विकास योजना लाई जा रही है। इस योजना हेतु 100 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।


पल्लेदारों श्रमिक परिवारों तथा असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान किए जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना शुरू। इस योजना के लिए 12 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित। मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना शरू, इसके लिए 100 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित। अटल आवासीय विद्यालय के लिए 270 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के लिए

कोविड-19 की रोकथाम हेतु टीकाकरण योजना के लिये 50 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन हेतु 5395 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।आयुष्मान भारत योजना के लिये 1300 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।

आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना हेतु 142 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिये 320 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित। प्राथमिक स्वास्थ्य परिचर्या सुविधाओं के लिये डायग्नास्टिक बुनियादी ढांचा सृजित किये जाने हेतु 1073 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित। शहरी स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों हेतु 425 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।

राज्य औषधि नियंत्रण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिये 54 करोड़ रुपये तथा प्रदेश के 12 मंडलों में खाद्य एवं औषधि प्रयोगशालाओं एवं मंडलीय कार्यालयों के निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित। ब्लाक स्तर पर लोक स्वास्थ्य इकाइयों की स्थापना हेतु 77 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।

चिकित्सा शिक्षा के लिए

प्रदेश में 13 जिलों बिजनौर, कुशीनगर, सुल्तानपुर, गोंडा, ललितपुर, लखीमपुर खीरी, चन्दौली, बुलन्दशहर, सोनभद्र, पीलीभीत, औरैया, कानपुर देहात तथा कौशाम्बी में निर्माणाधीन नए मेडिकल कालेजों के लिए 1950 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित। प्रदेश के 16 असेवित जिलों में पीपीपी मोड में मेडिकल कालेज संचालित कराए जाने लिए 48 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।

राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के लिये 23 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित। एटा, हरदोई, प्रतापगढ़, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, गाजीपुर एवं मीरजापुर में निर्माणाधीन मेडिकल कालेजों में जुलाई 2021 से शिक्षा सत्र शुरू किये जाने का लक्ष्य। इसके लिए 960 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित। अमेठी और बलरामपुर में नए मेडिकल कालेज की स्थापना हेतु 175 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।

अटल बिहारी बाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ की स्थापना हेतु 100 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित। असाध्य रोगों की चिकित्सा सुविधा मुहैया कराये जाने हेतु 100 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित। लखनऊ में इंस्टीटयूट आफ वायरोलाजी एंड इन्फेक्शस डिजीजेज के अन्तर्गत बायोसेफ्टी लेवल 4 लैब की स्थापना का लक्ष्य। एसजीपीजीआई लखनऊ में उन्नत मधुमेह केंद्र की स्थापना कराए जाने का निर्णय।

आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सालयों में प्रमाणित एवं गुणकारी औषधियों की आपूर्ति की व्यवस्था हेतु प्रदेश में दो राजकीय औषधि निर्माण शालाएं लखनऊ और पीलीभीत को सुदृढ़ करने व उत्पादन क्षमता में वृद्धि किये जाने का लक्ष्य।

स्वच्छता के लिए

जल जीवन मिशन ग्रामीण योजना के अंतर्गत वर्ष 2024 तक सभी घरों में पेयजल कनेक्शन हेतु 15,000 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।
वित्तीय वर्ष 2021-2022 से शहरी स्थानीय निकायों में घरेलू नल कनेक्शन के साथ सर्व सुलभ जल आपूर्ति और अमृत शहरों में तरल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी। इस योजना हेतु 2000 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।

मुख्यमंत्री आरओ पेयजल योजना हेतु 22 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के अंतर्गत वर्ष 2021.2022 में 12 लाख 13 हजार व्यक्तिगत शौचालय तथा 98 हजार सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के लिए 2031 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित। स्वच्छ भारत मिशन शहरी हेतु 1400 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित। नगरीय सीवरेज एवं जल निकासी की व्यवस्था हेतु 175 करोड़ रुपये का प्राविधान।

औद्योगिक विकास एवं अवस्थापना के लिए

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए 1107 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए 1492 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस.वे परियोजना हेतु 860 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित। गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के भूमि अधिग्रहण के लिए 7200 करोड़ रुपये तथा निर्माण कार्य के लिए 489 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।

लोक निर्माण के लिए

वित्तीय वर्ष 2021-2022 के लिए लोक निर्माण विभाग के अधीन सड़कों और सेतुओं के निर्माण के लिए 12,441 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।

सड़कों और सेतुओं के अनुरक्षण हेतु 4,135 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।

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