जीवन में सुख समृद्धि की कामना के लिए भेंट की गई यज्ञ में आहुतियां

जीवन में सुख समृद्धि की कामना के लिए भेंट की गई यज्ञ में आहुतियां


फर्रुखाबाद। मेला श्रीराम नगरिया के वेदिक क्षेत्र में वेद प्रचार मण्डल आर्यावर्त्त एवं जिला आर्य प्रतिनिधि सभा फर्रुखाबाद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चरित्र निर्माण शिविर का आज यज्ञ में पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया। बीते एक माह से लगातार चल रहे पर्यावरण शुद्धि एवं रोग निवारक यजुर्वेद पारायण महायज्ञ की पुर्णाहुति में भारी संख्या में कल्पवासी उपस्थित रहे। यजमान संदीप आर्य के साथ मिलकर सभी ने सफल कल्पवास के लिए परमात्मा का आभार व्यक्त कर जीवन में सुख संवृद्धि की कामना के लिए आहुतियां प्रदान की।

इस अवसर पर कल्पवासियों को आशीर्वाद देते हुए आचार्य चन्द्रदेव शास्त्री ने कहा कि यज्ञ का अर्थ परोपकार है अपने एक माह के कल्पवास में जो साधना की, जो ज्ञान अर्जित किया उसे वापस समाज मे जाकर प्रसारित करना है। अपने जीवन के दुर्गुण दुर्व्यसन आज से छोड़कर मन मे परोपकार तथा पवित्रता का भाव जगाइए। जिस प्रकार गंगा का पावन प्रवाह बिना किसी भेद भाव के सब को सुख पहुंचता है हमें भी मां गंगा से प्रेरणा लेकर परोपकारी बनना है।

मन से भेदभाव के विकारों को निकाल कर निर्मलता के भाव जगाने हैं तभी हमारा ये कल्पवास सार्थक है अन्यथा कोई लाभ नहीं। प्राकृतिक के प्रति अपने कर्तव्य को निभाते हुए आज से यज्ञ करने का संकल्प लें अपने घर पर नित्य यज्ञ कर वातावरण को सुगंधित व पवित्र कर पुण्य अर्जित कर जीवन यापन करें।सैकड़ों कल्पवासियों ने यज्ञ करने का संकल्प लिया। मध्यान्ह में आयोजित कार्यकर्ता सम्मान समारोह में शिविर के संयोजक डॉ शिवराम सिंह आर्य ने सभी कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने मानव कल्याण, वैदिक धर्म के प्रचार प्रसार व सामाजिक कुरीतियों के निवारण हेतु अपना जीवन लगा दिया। उन्होंने अपना प्रचार कार्य कुम्भ के मेले से शुरू किया उनकी ओजस्वी वाणी ने समाज को नई दिशा दिखाई जिसने आर्य समाज जैसे क्रांतिकारी संगठन खड़ा कर दिया। कार्यक्रम में स्वामी श्यामानंद, आचार्य ओमदेव,डॉ हरिदत्त द्विवेदी, प्रमोद यादव, मुन्ना यादव, हरिओम शास्त्री,उदयराज, रत्नेश द्विवेदी, रेनू आर्या, उदिता आर्या,उपस्थित रहे।

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