भिक्षुओं ने बुद्ध का अपमान करने वाले कुलाधिपति के खिलाफ मोर्चा खोलाः योगी मोदी के खिलाफ नारेबाजी

भिक्षुओं ने बुद्ध का अपमान करने वाले कुलाधिपति के खिलाफ मोर्चा खोलाः  योगी मोदी के खिलाफ नारेबाजी

मेरापुर फर्रुखाबाद।(एफबीडी न्यूज) बौद्ध भिक्षुओं ने भगवान बुद्ध का अपमान करने वाले कुलाधिपति गिरधर मिश्र उर्फ रामभद्राचार्य के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भिक्षुओं ने ऐलान किया कि जब तक रामभद्राचार्य को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा तब तक पूरे देश में भद्राचार्य के विरुद्ध जबरदस्त आंदोलन चलाया जाएगा।

संकिसा स्थित शाक्य मुनि बुद्ध बिहार में प्रथम बौद्ध बुद्धिजीवी महापंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें प्रमुख रुप से संकिसा भिक्षु एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ0 धम्मपाल महाथैरो, यूथ बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं संस्थापक सुरेश बौद्ध, चेतसिक बोधि, भिक्षु करमादा थैरो, भिक्षु नंदरतन थैरो, भिक्षु प्रज्ञानंद थैरो, भिक्षु धम्म रतन थैरो, भिक्षु शीलानंद थैरो, भिक्षु महाचुंद थैरो, भिक्षु गुणानंद महाथैरो, भिक्षु जय सिंह थैरो, भिक्षु अश्वबोध,

डा0 देवेश शाक्य, महेन्द्र शाक्य, मुकेश कुमार शाक्य, नीलेश शाक्य, डा0 आलोक शाक्य, सोनू शाक्य, अक्रांत शाक्य, बॉबी शाक्य, शहजान मंसूरी, कुलदीप कठेरिया, दीपक शाक्य, रघुवीर शाक्य, पवन शाक्य, दिनेश प्रियदर्शी, सूर्यकांत, सुशील कुमार, अनीता शाक्य, शशांक मौर्य, दीपक वर्मा, शैलेंद्र मौर्य आदि सैकडों बौद्ध शामिल हुए।

महापंचायत में बुद्ध का अपमान करने और भारत को नपुंसक कहने वाले गिरिधर मिश्र उर्फ रामभद्राचार्य के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली गई। बुद्धिजीवियों ने संकल्प लिया कि अब याचना नही अब रण होगा, यह अटल हमारा प्रण होगा, मत भूलो अपनी मर्यादा मत पार करो, हद सीमाएं अब भी जिंदा है चंड अशोक जिंदा है उनकी क्षमताएं, छेड़ो मत सिंहों को वरना नाहक ही प्राण हरण होगा, याचना नहीं अब रण होगा।

यह अटल हमारा पर होगा, उन सम्राटों के वंशज हम जो करते है परियाद नहीं, किसके टुकड़ों पर पले हो तुम शायद यह तुमको याद नही। होगा फिर बुद्धमयी भारत जिसका साक्षी कण-कण होगा, याचना नहीं अब रण होगा यह अटल हमारा प्राण होगा।

महापंचायत के बाद सभी बौद्ध भिक्षु वाईवीएस सेंटर स्थित सम्राट अशोक की लाट स्थल पहुंचे। वहां से भिक्षु एवं बौद्ध अनुयायी नारेबाजी करते हुये स्तूप के लिये रवाना हुये। रास्ते में
भिक्षुओं एवं बौद्ध अनुयायियों ने योगी सरकार मुर्दाबाद, बौद्ध धर्म की क्या पहचान मानव मानव एक समान, योगी मोदी की गुंडागर्दी नहीं चलेगी, भद्राचार्य को अरेस्ट करो वरना कुर्सी खाली करो, सत्य की जीत हो असत्य की हार हो, योगी सरकार हाय हाय आदि के जोरदार नारे लगाए। इस दौरान बौद्ध अनुयायियों ने पंचशील के ध्वज लहराए।

सभी ने बौद्ध स्तूप की तीन बार परिक्रमा लगाई, भिक्षुगणों ने स्तूप के निकट मोमबत्ती एवं अगरबत्ती लगाकर परित्राण पाठ किया। भिक्षु एवं सैकड़ों अनुयाई पैदल मार्च करते हुए संकिसा तिराहे पहुंचे वहां पुलिस ने अनुमति न होने के कारण आयोजकों को कुलाधिपति रामभद्राचार्य का पुतला फूंकने से रोक दिया गया। आयोजकों ने कुलाधिपति का पुतला फूंकने की योजना बनाई थी। सभी लोग वापस बौद्ध पुस्तकालय एवं महासमता बुद्ध बिहार पहुंचे, वहां भगवान बुद्ध की जय हो, सम्राट अशोक की जय हो, योगी मोदी की जुमलेबाजी बंद करो, भष्टाचार खत्म करो आदि के नारे लगाए गए।

डॉ0 धम्मपाल थैरो, सुरेश बौद्ध, चेतसिक बोधि, आरपी मौर्य आदि ने मेरापुर थानाध्यक्ष धवेद्र कुमार को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, प्रदेश के डीजीपी का ज्ञापन एसओ को ही सौपा गया। मेरापुर थानाध्यक्ष काफी पुलिस बल के साथ राजघाट से ही भिक्षुओं के साथ रहे। भोगांव थाने के उपनिरीक्षक दीपक भाटी भी पुलिस बल के साथ कार्यक्रम के अंत तक डटे रहे।

भिक्षु एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ0 धम्मपाल महाथैरो ने कार्यक्रम का आयोजन बौद्ध समाज के सहयोग से किया। महापंचायत में भारतीय राष्ट्रीय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामप्रताप मौर्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

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