तालाब में डूबने से ग्रामीण की मौत से कोहरामः कथित पत्रकार ने लिखाई झूठी रिपोर्ट

तालाब में डूबने से ग्रामीण की मौत से कोहरामः कथित पत्रकार ने लिखाई झूठी रिपोर्ट

फर्रुखाबाद। (एफबीडी न्यूज़) मंदिर की देखभाल करने वाले ग्रामीण प्रमोद शाक्य की तालाब में डूबकर मौत हो गई। कोतवाली मोहम्मदाबाद के गांव जाजपुर बंजारा निवासी 46 वर्षीय प्रमोद शाक्य गांव के तालाब के किनारे बने गमादेवी मंदिर की सफाई कर पूजा पाठ करते थे। रात में मंदिर पर ही सोते थे बीती शाम प्रमोद मंदिर गए तो पडोस के तालाब में पैर फिसल गया जिससे प्रमोद तालाब में गिर गये।

अधिक गहरा होने से प्रमोद तालाब से नही निकल पाये बच्चों ने प्रमोद को तालाब में डूबते देखा और शोर मचा दिया। जिससे काफी ग्रामीण इकट्ठे हो गए लेकिन कोई भी ग्रामीण गहरा होने के कारण तालाब में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा सका। प्रधान बृजपाल ने चौकी इंचार्ज को सूचना दी जब पुलिस मौके पर पहुंची तब तक प्रमोद पानी में डूब चुका था।

वह कहीं दिखाई नहीं पड़ रहा था प्रभारी निरीक्षक दिलीप कुमार बिंद ने फर्रुखाबाद से गोताखोर बुलवाये। गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद रात 11.30 बजे प्रमोद के शव को ढूंढ निकाला। प्रमोद के अखिलेश आशुतोष 2 पुत्र तथा शिल्पी, शिवानी स्वाति 3 पुत्रियां हैं शिल्पी की शादी हो चुकी है। बताया गया कि प्रमोद पुत्री शिल्पी की ससुराल किशनी से 3 दिन पूर्व ही लौटे थे। प्रमोद की मौत से पत्नी नीलम देवी का रोकर बुरा हाल हो गया।

दरोगा मोहित मिश्रा ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भेज दिया।

कथित पत्रकार ने लिखाई झूठी रिपोर्ट

मेरापुर थाने के गांव ढर्रा शादी नगर निवासी शिव कांत चतुर्वेदी पुत्र ने अपने ही गांव के विपक्षी रोशन लाल शाक्य, नन्हें शाक्य,लालमन शाक्य,भुल्लन उर्फ प्रभात शाक्य पुत्रगण खुशीराम शाक्य के विरुद्ध मारपीट जान से मारने की धमकी एवं फायरिंग करने का मुकदमा दर्ज कराया है।

रिपोर्ट के मुताबिक शिव कांत चतुर्वेदी 2 जुलाई को सुबह करीब 7.30 बजे अपने खेत पर था तभी आरोपी खेत पर पहुंचे और एंटी डकैती कोर्ट में विचाराधीन मुकदमें को वापस लेने का दबाव बनाने लगे। मना करने पर आरोपी मां बहन की भद्दी गालियां व जान से मार देने की धमकी देते हुए मारपीट करने लगे। खेत पर रखे विद्युत ट्रांसफार्मर पर लकड़ी डालकर आग लगाने का भी प्रयास किया।

शोर-शराबा सुनकर गांव के लोगों के आ जाने पर आरोपी फायर करते हुए भाग गये। ग्रामीणों ने बताया कि चकरोड के एक तरफ शिवकांत व दूसरी तरफ विपक्षी रोशनलाल का खेत है। शिवकांत के खेत से होकर चकरोड है जिसकी कई बार पैमाइश हुई लेकिन चकरोड शिवकांत के खेत मे ही निकला। लेकिन शिवकांत इस बात को मानने को तैयार नहीं है।

शिवकांत कहता है कि रोशन के खेत में चकरोड़ है। राजस्व कर्मियों ने पैमाइश कर मेंड़बंदी करवा दी थी शुक्रवार सुबह शिवकांत ने चकरोड वाली मेंड़ को जोत दिया जब रोशन लाल आदि ने विरोध किया तो शिवकांत ने उनके साथ गाली गलौज किया और विरोध किये जाने पर शिवकांत ने स्वयं ही नलकूप वाले ट्रांसफार्मर के नीचे मकरेडा डालकर आग लगा दी।

मुकदमें की जांच दरोगा नर सिंह यादव को सौपी गयी। वताया कि शिवकांत चतुर्वेदी स्वयं को अंतर्राष्ट्रीय ब्राह्मण महा संघ का प्रदेश अध्यक्ष एवं समाचार पत्र का चीफ ब्यूरो  बताकर सरकारी कर्मचारियों पर धौंस जमाया करता है।

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