फर्रुखाबाद। (एफबीडी न्यूज़) 26 अक्टूबर 26। बुद्ध पूर्णिमा महोत्सव पर आज संकिसा में सुबह 7 बजे बड़ी धूमधाम से धम्म यात्रा निकाली गई। भिक्षुओं ने स्तूप पर बौद्ध परंपरा से पूजन किया। महोत्सव के सह संयोजक आयोजक एवं भिक्षु संघ के अध्यक्ष डॉ. धम्मपाल महाथैरो ने झांकी में स्थापित भगवान बुद्ध की प्रतिमा की पूजा अर्चना की। बुद्ध महोत्सव के आयोजन के कर्मवीर शाक्य ने फीता काटकर एवं पंचशील ध्वज लहराकर भगवान बुद्ध की झांकी सहित धम्म यात्रा को बुद्ध स्तूप के लिए रवाना किया। डॉक्टर धम्मपाल महाथैरो एवं भिक्षु चेतसिक बोधी के नेतृत्व में दर्जनों भिक्षुगण एवं बुद्ध अनुयाई यात्रा में रवाना हुए। 
यात्रा के दौरान भिक्षुगण धम्मम शरणम् गच्छामि, संघम शरणम् गच्छामि, संघम शरणम् का उच्चारण करते रहे। जबकि अनुयायी पंचशील ध्वज लहराते हुए जब तक सूरज चांद रहेगा भगवान बुद्ध का नाम रहेगा, बौद्ध धर्म की क्या पहचान मानव मानव एक समान आदि के जोरदारी से नारे लगाते रहे। स्तूप पहुंचने पर भिक्षुओं एवं अनुयायियों ने तीन बार बुद्ध स्तूप की परिक्रमा की। बाद में सभी ने स्तूप के किनारे मोमबत्ती व अगरबत्ती जलायी, डा. धम्मपाल महाथैरो ने विधि विधान से परित्राण पाठ कर पूजन कराया। संकिसा भिक्षु एसोसिएशन के अध्यक्ष भिक्षु डॉ धम्मपाल महाथैरों ने भगवान बुद्ध के उपदेशों की जानकारी देते हुए उनके कारवां को आगे बढ़ाये जाने का आवाहन किया। 
कार्यक्रम में कुशीनगर के पूर्व मंत्री बनते नव रत्न महाथैरो, भिक्षु आलोक थैरो, भिक्षु चेतसिक बोधी, भंते नागसेन, डॉ नवल शाक्य, डॉ आलोक सिंह शाक्य, रघुवीर शाक्य नागेंद्र शाक्य, अवनीश शाक्य, प्रधान लौहरे शाक्य, प्रधान अनंगपाल सिंह कुशवाहा, डा0 देवेश शाक्य, सुधीर शाक्य एडवोकेट, संतोष बौद्ध, प्रधान पवन शाक्य, कमल सिंह उर्फ ठाकुर, कुलदीप कठेरिया आदि हजारों लोग शामिल रहे। भीड के कारण स्तूप परिसर में लगी बेरीकेटिंग टूट गई, बौद्ध अनुयायियों को स्तूप की परिक्रमा कराने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। परिक्रमा के लिए अनुयायियों को रोक-रोक कर आगे बढ़ने दिया गया। धम्म यात्रा के दौरान संकिसा तिराहे से स्तूप तक सड़क पर काफी भीड़ देखी गई। अनुमान लगाया गया इस बार बीते वर्ष की अपेक्षा बौद्ध अनुयाई देढ़ गुना अधिक आए।
























