जांच में पीडब्लूडी का भ्रष्टाचार उजागर: पांचाल घाट कादरी गेट मार्ग के निर्माण में

फर्रुखाबाद। (एफबीडी न्यूज़) आज भूपेंद्र सिंह भदौरिया द्वारा की गई जांच में लोक निर्माण विभाग का भ्रष्टाचार उजागर हो गया है। पीडब्लूडी कार्यालय में पांचालघाट से कादरीगेट होते हुए रेलवे स्टेशन मार्ग से संबंधित समस्त अभिलेखों का विधिवत निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित वित्तीय लेन–देन, स्वीकृतियां, तकनीकी अभिलेख, माप पुस्तिकाएं (MB), भुगतान विवरण, कार्यादेश एवं अन्य सहायक दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि अभिलेखों में काफी बड़ी मात्रा में गंभीर खामियां, विसंगतियां एवं अनियमितताएं पाई गई हैं, जो प्रथम दृष्टया में विभागीय लापरवाही एवं संभावित वित्तीय अनियमितताओं की ओर संकेत करती हैं।

निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि उक्त मार्ग पर आवश्यक सांकेतिक एवं सुरक्षा बोर्ड नहीं लगाए गए हैं, जिससे आमजन की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है। साथ ही सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त व टूटी हुई अवस्था में पाई गई, जो स्वीकृत मानकों एवं कार्य गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। प्राप्त तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट है कि संबंधित कार्यों में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व का अभाव प्रतीत होता है। इस पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे शीघ्र ही सक्षम अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।

इस संबंध में राज्य सूचना आयोग, लोक निर्माण विभाग (PWD) प्रांतीय खंड मुख्यालय तथा शासन को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रतिलिपि भेजी जाएगी। यह जानकारी देते हुए भूपेंद्र सिंह भदौरिया ने मीडिया को बताया कि जनहित एवं सार्वजनिक धन की सुरक्षा सर्वोपरि है और भविष्य में भी इस प्रकार की अनियमितताओं के विरुद्ध सतत प्रयास जारी रहेंगे। भूपेंद्र सिंह भदौरिया आम आदमी है उन्होंने पांचाल घाट से कादरी गेट मार्ग के भौतिक निरीक्षण हेतु ऑनलाइन आरटीआई से समय मांगा था। पीडब्ल्यूडी विभाग के जन सूचना अधिकारी ने श्री भदौरिया को भौतिक निरीक्षण के लिए आज ही दोपहर 11 बजे निरीक्षण करने का आदेश भेजा था।

मालूम हो कि पीडब्ल्यूडी में करोड़ों की लागत से सड़कों का निर्माण कराया जाता है। घटिया सामग्री लगाकर लाखों रूपयों का खेल किया जाता है। जिसके कारण ही निर्माणाधीन सड़के बनने के बाद ही उखड़ने लगती है। सड़कों की मरम्मत करने के नाम पर काम की खाना पूर्ति करके रुपए हड़पे जाते हैं।

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