फर्रुखाबाद। (एफबीडी न्यूज़) मऊदरवाजा थाने के मोहल्ला मोहन नगर खारबंदी कुइयांबूट जसमई दरवाजा निवासी आलोक मिश्रा को मार डालने के लिए पत्नी प्रतिमा शाक्य ने गला दबाया। अदालत के आदेश पर थाना मऊ दरवाजा पुलिस ने आलोक मिश्रा पुत्र बीरेन्द्रपाल मिश्रा की ओर से हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आलोक ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि प्रार्थी का विवाह प्रतिमा शाक्य पुत्री राधेश्याम शाक्य निवासी राजीव गांधीनगर थाना कोतवाली फर्रुखाबाद के साथ हुई थी। प्रार्थी और पत्नी प्रतिमा शाक्य के संसर्ग से एक पुत्र अक्षत मिश्रा पैदा हुआ जो कि जीवित है और प्रार्थी के पास है। प्रार्थी की पत्नी वर्तमान में बतौर सहायक अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला बारग ब्लाक नवाबगंज में तैनात है।
इसी ब्लाक नवाबगंज के प्राथमिक विद्यालय परिउली खरिदाई में रोहित द्विवेदी नामक व्यक्ति सहायक अध्यापक पद पर तैनात है। रोहित द्विवेदी पुत्र राजकुमार द्विवेदी निवासी मकान नंबर 6/231 केशव नगर सिटी पब्लिक स्कूल के पास नेकपुर चौरासी थाना कोतवाली फतेहगढ़ और प्रार्थी की पत्नी प्रतिमा शाक्य का वर्ष 2019 से मेलजोल बढ़ गया। मेलजोल इतना बढ़ा कि प्रतिमा शाक्य रोहित द्विवेदी के घर आना जाना हो गया। यही नहीं कालांतर में प्रतिमा शाक्य और रोहित द्विवेदी के मध्य शारीरिक संबंध स्थापित हो गए। रोहित द्विवेदी और प्रतिमा शाक्य के आपत्तिजनक नग्न एवं अर्धनग्न फोटो मोबाइल चैटिंग मैसेज आदि प्रार्थी के पास उपलब्ध है।
प्रतिमा शाक्य व रोहित द्विवेदी के मध्य अनैतिक संबंध है। 12-01-2026 को समय करीब साढ़े नौ बजे सुबह प्रतिमा शाक्य उसके पिता राधेश्याम शाक्य पुत्र परमेश्वरी दयाल शाक्य निवासीगण राजीव गांधीनगर, रामकुमार शाक्य निवासी अताईपुर जदीद थाना कोतवाली कायमगंज, सुशील प्रताप सिंह व रोहित निवासीगण गैसिंगपुर कोतवाली मोहम्मदाबाद, रोहित द्विवेदी पुत्र राजकुमार द्विवेदी व दो तीन अज्ञात व्यक्ति प्रार्थी के घर पर आए। रिश्तेदार होने के नाते घर में बैठाया। बातचीत के दौरान वाद विवाद बढ़ गया और उक्त लोग गाली गलौज कर हमलावर हुए और प्रार्थी को धमकी देकर व मारपीट कर कोरे कागज व कोरे स्टाम्प पर प्रार्थी के हस्ताक्षर करवा लिए।
राधेश्याम शाक्य ने प्रार्थी से कहा कि तू साले ज्यादा मुकदमाबाजी करता आज साले को जान से मार दो। इतना सुनते ही रामकुमार शाक्य ने प्रार्थी को पकड़ लिया और प्रतिमा शाक्य ने जान से मारने की नियत से प्रार्थी का गला दबा दिया। यह देख प्रार्थी का पुत्र अक्षत मिश्रा बचाने आया तो किसी तरह प्रार्थी उनके चंगुल छूट गया। प्रतिमा शाक्य ने धमकी भरे लहजे में कहा कि ये ऐसे नहीं मानेगा इसको पकड़ कर ले चलो इसकी हत्या कर देंगे। सारा मामला खत्म हो जाएगा। इतना सुनते ही सभी लोगों ने प्रार्थी को पकड़ लिया और रोड पर खडे चौपहिया वाहन में प्रार्थी को धकेल कर डालने लगे। गुत्थमगुत्था के दौरान प्रार्थी की 1200 रुपए कीमत की शर्ट फट गई और 500 रुपए कीमत का चश्मा टूट गया।
बेटा अक्षत के चिल्लाने पर तमाम लोग मौके पर आ गए जिनके ललकारने पर उक्त लोग प्रार्थी को छोड़ कर भाग गए। उक्त लोग आए दिन प्रार्थी को धमकी देते रहते है कि सारा सामान भर ले जायेगें और मकान पर कब्जा कर लेंगे। उक्त लोग फर्जी शिकायतें करके पुलिस से शारीरिक व मानसिक उत्पीडन करवाते है। जबकि विभिन्न न्यायालयों में मुकदमे विचाराधीन चल रहे है। प्रार्थी ने डायल 112 पर सूचना दी। पुलिस ने थाने जाने के लिए कहा, प्रार्थी थाने गया लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक को डाक से प्रार्थना पत्र भेजा उस पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। तब मजबूर होकर अदालत की शरण में जाना पड़ा। मुकदमे की जांच उप निरीक्षक पंकज कुमार यादव को सौंपी गई है।













