फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) पूर्व विधायक विजय सिंह की आवास पर हुए विस्फोट के मामले को साजिश कर दिया गया है। पूर्व विधायक विजय सिंह की पत्नी श्रीमती दमयंती सिंह काफी मुसीबत के दौर से गुजर रही हैं उन्होंने मीडिया से वार्ता ना करके घटना के संबंध में प्रेस नोट जारी किया है। नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष दमयंती सिंह ने कहा है कि यह हमारी राजनैतिक लड़ाई है यह सब साजिश के तहत हुआ हुआ है। क्योंकि 12 मार्च 26 को भाजपा एमएलसी प्रांशु दास द्विवेदी के द्वारा डाली गई पिटीशन सुप्रीम कोर्ट में खारिज हुई है। 18 तारीख को पूर्व विधायक विजय सिंह की अपील की सुनवाई थी सुप्रीम कोर्ट में। 17 तारीख की शाम को 7 से 7.30 बजे के बीच यह घटना हुई, यह घटना एक दिन पहले क्यों हुई। यह सब घटना साजिश के तहत हुई है इसमें हमको फंसाया जा रहा है।
श्रीमती दमयंती सिंह का कहना है कि अभी जांच चल रही है इससे पहले ही बच्चों पर केस लगा दिया गया हम यह चाहते है कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद एसपी हमारे घर से उतरने के बाद पत्रकार बन्धुओं से बोली भी थीं कि किसी भी तरीके की विस्फोटक व बारुद की कोई महक नहीं आ रही है। हमने जांच में पूरा सहयोग किया, डीएम व एसपी ने जो पूंछा उसके हमने उत्तर दिये, मेरे बच्चे गम्भीर हालत में थे। चूंकि दोनों बच्चे आईसीयू में भर्ती थे इसलिये कुछ भी बता पाने की स्थिति में वह नहीं थे। जब मेरा छोटा बेटा 19 तारीख को होश में आया तो उसने बताया कि मैं घर में लाइट जला रहा था, नीचे तहखाने में गया तो उसको कुछ महक लगी।
ईशु भी उसके साथ था दोनों बच्चों ने सिलेन्डर चेक किया फिर सिलेन्डर को ठीक करने के बाद इन लोगों ने माचिस जलाकर देखा कि सब ठीक है। जैसे ही चेक किया वैसे ही धमाका हुआ और दोनों बच्चे सिक्की व ईशु आग में झुलस गये और जान बचाकर तहखाने से बाहर भागे। विक्की व मैया लाल दोनों ऊपर लैन्टर में दबे हुये थे। श्रीमती दमयंती सिंह ने रहस्योद्घाटन किया कि पुलिस मेरे लाइसेंसी राइफल व पिस्टल असलहे ले गई है।
मेरे बच्चों के चार मोबाइल व दो टेबलेट भी पुलिस ले गई है।
उन्होंने दुख जाहिर करते हुए बताया कि मेरा घर सील कर दिया गया है जिससे मुझे असुविधा हो रही है। मेरे रोज के प्रयोग की सारी वस्तुएं व कपड़े आवास के अन्दर ही सील है।



