फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़)18 मार्च पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह ने लाइन हाजिर करने के बाद कोतवाली कायमगंज की महिला उप निरीक्षक सुधा पाल एवं आरक्षी चालक को सस्पेंड कर दिया है। यह जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने देर शाम मीडिया को दी है। एएसपी श्री सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया मैं वायरल वीडियो को देखने से पता चला की कोतवाली कायमगंज की उप निरीक्षक सुधा पाल व आरक्षित चालक पैसों को लेनदेन करते हुए कथित रूप से दिख रहे हैं। एसपी ने इस घटना का संज्ञान लेकर दोनों को सस्पेंड कर दिया है इस मामले की जांच क्षेत्राधिकार मोहम्मदाबाद को सौंपी गई है।
मालूम हो कि कोतवाली कायमगंज में तैनात आरक्षित चालक का नाम दिनेश चंद्र त्रिपाठी है। कोतवाली कायमगंज के ग्राम रानीपुर गांव निवासी भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि उप निरीक्षक सुधा पाल ने मुकदमे की जांच के लिए 25 हजार मांगे मैंने मजबूरन 7 हजार रुपए उन्हें दे दिए हैं। भूपेन्द्र सिंह शिकायती पत्र भेज कर पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया कि मेरे परिवार की 14 वर्षीय नाबालिग लड़की खेत पर काम करने वाले अपने बाबा को 10 मार्च को 12 बजे दोपहर में खाना देने जा रही थी। रास्ते में ही गाँव के अर्जुन पुत्र भूरे सिंह निवासी रानीपुर गौर और उसके अन्य तीन साथी सुरजीत पुत्र नरेश सिंह व अनिल कुमार पुत्र नरेश सिंह व लालजी पुत्र जीतू उर्फ टिंकू निवासी आजमपुर थाना कम्पिल लडकी को बहला फुसलाकर भगा ले गये।
उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में थाना में अभियुक्तगणों के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है। श उपरोक्त प्रकरण की विवेचना सब-इंस्पेक्टर सुधा पाल द्वारा की जा रही है। जिन्होनें मुझसे मुकदमें में विवेचना करनें हेतु 25 हजार रूपयों की मॉग की। जिस पर मैने मजबूरीवश अपने मुकदमें में विवेचना करानें हेतु 7 हजार रूपये दे दिये। जिसका वीड़ियो भी सोशल मीडिया पर प्रचलित है। अभियुक्त खुलेआम घूम रहे हैं तथा मुझे व मेरे परिवारिजन को आये दिन गाली गलौज कर जान से मारने की ऐलानियां धमकी दे रहे हैं।
धमकी देकर कह रहे हैं कि मैनें एस०आई० (सुधापाल) को खरीद लिया है मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ पायेगा। जिससे मुझे व मेरे परिवारिजनों में भय व्याप्त है और डरे हुये हैं। मुझे एस०आई० (सुधा पाल) से निष्पक्ष न्याय की आशा नहीं रह गई है। इस कारण से विवेचना उपरोक्त एस०आई० से स्थानान्तरित कर किसी अन्य एस०आई० से कराया जाना न्याय संगत होगा।



