फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज) 2 मई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीन का निर्धारित मुआवजा मिलेगा। उन्होंने किसानों को किसान यूनियन की अफवाह पर ध्यान न देने को कहा है। जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर ने मीडिया को जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि बीते दिनों यूपीडा के अंतर्गत कराए जा रहे बैनामों की समीक्षा के दौरान कुछ लेखपालों द्वारा यह अवगत कराया गया कि विभिन्न किसान यूनियन द्वारा कुछ जगहों पर निर्धारित सर्कल रेट से अधिक दर की मांग की जा रही है। साथ ही अफवाह फैलाई जा रही है कि अगले कुछ दिनों में यह दरें बढ़ा दी जाएगी।
जिस पर जिलाधिकारी ने बड़े ही स्पष्ट रूप से यह बताया है कि ग्रामीण क्षेत्र में निर्धारित सर्किल रेट से 4 गुना दर एवं नगरीय क्षेत्र में निर्धारित सर्किल रेट से 2 गुना की दर पर भूमि का बैनामा कराते हुए भुगतान किया जाएगा। किसी भी दशा में अनुमोदित दर से अधिक मुआवजा नहीं दिया जाएगा और न ही निकट भविष्य में उपरोक्त दरें बढ़ने की कोई संभावना है। मालूम हो कि जब से लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए संबंधित किसानों की जमीन की खरीदारी शुरू की गई है तभी से किसान यूनियन के द्वारा भ्रामक प्रचार किया जा रहा है कि वह लोग शासन व प्रशासन पर दबाव डाल निर्धारित मुआवजा दो गुना अधिक दिलवाएंगे।
अधिक मुआवजा मिलने की उम्मीद में किसानों ने जमीन का बैनामा करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। बताया गया है की तहसील सदर व अमृतपुर क्षेत्र में अभी तक एक हजार तक बैनामे नहीं हुए हैं जबकि करीब 7 हजार बैनामे होने हैं। प्रभारी सदर तहसीलदार सनी कनौजिया ने एफबीडी न्यूज़ को बताया कि मुआवजा बढ़ाये जाने के लिए नगला बाग राठौरा के 4 ग्रामीणों ने हाई कोर्ट में रिट डाली थी। अदालत ने मुआवजा बढ़ाये जाने के मामले में हस्तक्षेप न करके सभी रिटें खारिज कर दी है। उन्होंने बताया कि अभी तक करीब 750 बैनामें हुए हैं।



