लापरवाह लेखपाल व ग्राम विकास अधिकारी निलंबित: डीएम की प्रशंसा

फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 2 मई। तहसील अमृतपुर के संपूर्ण समाधान दिवस पर जिलाधिकारी ने कडा रूख अपनाते हुए लापरवाह लेखपाल व ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया। जिससे अधिकारियों व कर्मचारियों में डीएम का खौफ व्याप्त हो गया। जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर की अध्यक्षता में सम्पूर्ण समाधान दिवस हुआ। ग्राम पिथनापुर निवासी भूरेलाल की पत्नी श्रीमती कांति देवी ने शिकायत की कि वह वर्ष 2022 से निरंतर प्रार्थना पत्र देकर जमीन की पैमाइश किए जाने की मांग कर रही हूं लेकिन अभी तक लेखपाल ने पैमाइश नहीं की है।

स्वर्गीय प्रियांशु दीक्षित की विधवा पत्नी श्रीमती अंशुल ने शिकायत की काफी फरियाद किए जाने के बावजूद लेखपाल ने उनके पति की विरासत दर्ज नहीं की है, लेखपाल और कानूनगो की लापरवाही के कारण विरासत का मामला अदालत में पहुंचा गया है। ग्राम फखरपुर निवासी योगेश दत्त की पत्नी श्रीमती रागिनी ने शिकायत की की वह सामुदायिक शौचालय पर कार्यरत है वर्ष 2021 से उन्हें वेतन नहीं मिला है वेतन देने के लिए शिकायत करते-करते थक चुकी हूं। डीएम डॉ0 लाठर ने कर्मचारियों की घोर लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए लेखपाल उत्कर्ष दुबे एवं ग्राम विकास अधिकारी मानेद्र सिंह को निलंबित कर दिया। डीएम का कड़ा फरमान सुनते ही समाधान दिवस में मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों में सन्नाटा छा गया।

डीएम ने समाधान दिवस के दौरान जनसामान्य की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की हिदायत दी। समाधान दिवस में 114 शिकायतें दर्ज कराई गई। इनमें सर्वाधिक राजस्व विभाग की 48, पुलिस विभाग की 22, विद्युत विभाग की 3, विकास विभाग की 18, खाद्य एवं रसद विभाग की 5 तथा अन्य विभागों की 13 शिकायतें शामिल रही। मौके पर 2 शिकायतों का निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने महत्वपूर्ण मामलों की 5 शिकायतों की जांच रिपोर्ट आज शाम तक प्रस्तुत करने की चेतावनी दी। उन्होंने साफ कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण शासन की मंशा के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर एवं निर्धारित समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस का उद्देश्य जनता को त्वरित न्याय एवं राहत प्रदान करना है, इसलिए सभी अधिकारी इस कार्य को गंभीरता से लें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता बनाए रखी जाए तथा शिकायतकर्ता को संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

डीएम ने इस के अवसर पर 3 लाभार्थियों को मौके पर ही आयुष्मान कार्ड बनवाकर वितरित किए। पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उप जिलाधिकारी अमृतपुर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि अब सभी पीड़ित लोगों को न्याय मिल सकेगा।

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