फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 24 अप्रैल। सदर तहसील के पीड़ित अधिवक्ताओं ने आज बैठक करके भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन चलाने पर चर्चा की है। तहसील सदर के वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी के चेंबर में अधिवक्ताओं की बैठक हुई। बैठक में तहसील सदर में व्याप्त जबरदस्त भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए कहा गया कि रिश्वत लेने के प्रयास में मुकदमों की जल्द सुनवाई नहीं की जाती। बहस हो जाने के बावजूद भी महीनों तक आदेश पारित नहीं किये जाते है। तहसील में दलालों की भरमार है जो खुलेआम दिन भर ग्रामीण से रुपए लेकर कर्मचारियों को रिश्वत देकर काम करवाते हैं। ऐसे से दलाल इतने दबंग हो गए हैं कि वह न्यायिक कार्य में भी हस्तक्षेप करने लगे हैं।
लिपिकीय कार्य में त्रुटि हो जाने पर शुद्ध कराने के लिए महीनों भटकना पड़ता है। अधिवक्ताओं ने एक स्वर से कायमगंज के अधिवक्ताओं के द्वारा किए जा रहे आंदोलन का समर्थन किया । बैठक में तय किया गया किसी शीध्र ही अधिवक्ताओं की आम बैठक में आंदोलन की ठोस रणनीति बनाई जाएगी। बैठक में मंजेश कटियार, अजय त्रिवेदी, प्रवीण सक्सेना, अजय प्रताप सिंह, अनुराग तिवारी, तहसील बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष योगेश तिवारी एडवोकेट, प्रदुमन गुप्ता, जेडी राजपूत, पंकज राजपूत, भानु प्रताप सिंह आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। तहसील सदर के कई लेखपाल खुले आम भ्रष्टाचार में लिप्त है जो रिश्वत मिल जाने पर काम को तुरंत ही कर देते हैं। जिस मामले में उन्हें मुंह मांगी रकम नहीं मिलते हैं उस कार्य को करने के लिए टालमटोल करते हैं। आईजीआरएस की शिकायतों में झूठी रिपोर्ट लगाकर खानापूर्ति की जा रही है।



