फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) सातनपुर मंडी में आलू की खरीदारी न हो पाने के कारण भारत सरकार की बाजार हस्तक्षेप योजना फेल हो रही है। प्रदेश के उद्यान निदेशक ने 28 अप्रैल को सातनपुर मंडी में फीता काटकर सरकारी आलू खरीद केंद्र का शुभारंभ किया था। मानक सख्त होने के कारण अभी तक किसी भी किसान का आलू खरीदा नहीं गया। किसान नेता अशोक कटियार, सुधीर शुक्ला (आलू निर्यातक) आलू आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रिंकू वर्मा
अंशुल कटियार अध्यक्ष सरदार पटेल युवा वाहिनी, आढ़ती अरविन्द राजपूत, रामलड़ाइते राजपूत, परशुराम वर्मा, प्रभात कटियार, पवन कटियार, सुरजीत सिंह राजीव यादव(लालू) आकाश कटियार राजवीर कठेरिया ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर किसने की समस्याओं से अवगत कराया है।
उत्तर प्रदेश मे आलू की अत्याधिक खराब स्थिति को देखते हुये भारत सरकार ने बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत 2200 मैट्रिक टन आलू खरीदने का निर्णय 650.9 रुपया कुंटल की दर से खरीदने का निर्णय किया है। इस योजना के तहत आलू मंडी सातनपुर मे उद्यान निदेशक वी पी राम ने दिनांक 28 अप्रैल 2026 को फीता काटकर राज्य औद्यानिक सहकारी विपणन संघ (हाफेड) का क्रय केंद्र भी खोल दिया। लेकिन अभी तक किसानों का कोई भी आलू नहीं खरीदा जा सका। क्यों कि आलू का साइज़ 45 से 85 एम एम व्यास का होने व आलू बिना मिट्टी लगा रोग मुक्त सहित कई कठोर शर्ते लागू होने के कारण किसान आलू नहीं बेंच पा रहे है और मंडी मे औने पौने दामों मे बेचने को मजबूर है। आलू खरीदने की कठोर शर्ते अव्यवहारिक व हास्यापद है। ऐसा प्रतीत होता है कि भारत सरकार की आलू खरीद नीति बनाने वाले अधिकारियों को आलू के संबंध मे व्यावहारिक जानकारी भी नहीं है।
आलू की अत्यधिक खराब स्थिति को देखते हुये आलू मंडी सातनपुर से किसानों के नेतत्व मे आलू किसान बचाओ यात्रा निकालकर 8 अप्रैल को महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश को ज्ञापन भी दिया गया। किसानों की समस्या से भी अवगत कराया गया इसके उपरांत महामहिम राज्यपाल के हस्तक्षेप के बाद भारत सरकार द्वारा आलू क्रय केंद्र खोल तो दिये गए। लेकिन कठोर शर्तों व अभी तक बजट आवंटित न किये जाने के कारण अभी तक आलू की खरीद शुरू नही हो सकी है।
पुन: निम्न निवेदन है:-
1. यह कि आलू खरीद के नियमों को शिथिल किया जाये केवल 45×85 mm के आलू खरीदने की शर्त को समाप्त किया जाये।
2. आलू खरीदने के लिये बजट अभी तक आवंटित नही किया गया है शीघ्र बजट आवंटित किया जाये।
3. आलू का केवल एक प्रतिशत निर्यात किया जाता है जबकि विश्व के 65 देशों मे खाद्यान्न संकट है आलू निर्यात की नीति बनाई जाये ।
4. आलू खाद्य प्रशंस्करण मे केवल एक प्रतिशत कुल उत्पादन का उपयोग होता है। जबकि आलू से आटा, स्टार्च, कार्बोहाइड्रेट, दवाइया, वोदका(शराब) बनाई जा सकती है रूस, पोलेंड, चीन से तकनीकी मंगाकर आलू आधारित उद्योग लगवाकर खपत 15 से 20 प्रतिशत बढ़ाई जाये।
5. आलू किसानों की समस्याओं पर विचार हेतु संसद व विधान सभा का विशेष सत्र आहूत किया जाये।
निवेदन किया गया कि आलू किसानों के हित मे शीघ्र संशोधित आदेश जारी कराने का कष्ट करे।



