कामचोर 2 लेखपाल निलंबित: एक्सप्रेस-वे भूमि क्रय मामले में

फर्रूखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 16 मई। लिंक एक्सप्रेस-वे की भूमि खरीद मामले में दिलचस्पी न लेने वाले 2 लेखपालों को निलंबित किया गया है। जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर ने जनपद में प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे हेतु भूमि क्रय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व,अपर जिलाधिकारी न्यायिक, उपजिलाधिकारी सदर, तहसीलदार सदर उपस्थिति रहे। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न ग्रामों में भूमि खरीद एवं अभिलेखीय कार्यों की प्रगति का बिंदुवार परीक्षण किया। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ राजस्व कर्मियों द्वारा कार्यों में अपेक्षित गति एवं गंभीरता नहीं बरती जा रही है, जिससे भूमि क्रय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्राथमिकता वाली परियोजना है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। समीक्षा में कार्य के प्रति लापरवाही एवं शिथिलता बरतने के दोषी पाए जाने पर जिलाधिकारी द्वारा लेखपाल नीवकरोरी प्रवीन दुबे तथा लेखपाल मदनपुर महेश्वर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि भूमि क्रय से जुड़े सभी प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि परियोजना से जुड़े समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी शासन की मंशा के अनुरूप पूर्ण जिम्मेदारी एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों से समन्वय बनाते हुए भूमि संबंधी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न होने पाए। बैठक में संबंधित अधिकारियों को प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।

चर्चित है दोनों लेखपाल

मालूम हो कि लेखपाल महेश्वर सिंह तहसील लेखपाल संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष है। लेखपाल संघ के महत्वपूर्ण पदों पर काम करने वाले लेखपाल मनमाने ढंग से काम करते हैं और यह समझते हैं कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।

जबकि रिश्वतखोरी के मामले में चर्चित लेखपाल प्रवीन दुबे उस समय चर्चा में आये थे, जब वह ग्राम पंचायत ढिलावल क्षेत्र में तैनात थे। दलित प्रधान ने लेखपाल के पैर छू लिए थे तो लेखपाल प्रवीन दुबे ने प्रधान से हजारों रुपए रूपयों का दंड वसूला था।

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