ब्लड बैंक के बिचौलियों पर शिकंजा कसा: जांच कमेटी गठित

फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 14 जुलाई। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने लोहिया चिकित्सालय के ब्लड बैंक में बिचौलियों की सक्रियता, रक्त उपलब्ध कराने के नाम पर अवैध धनराशि वसूले जाने तथा संचालन में अनियमितताओं से संबंधित समाचारों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से विस्तृत एवं निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि रक्त उपलब्ध कराने के नाम पर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली अथवा बिचौलियों की संलिप्तता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जरूरत मंद मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ किसी भी प्रकार का शोषण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि वरिष्ठ चिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए। जांच के दौरान ब्लड बैंक प्रभारी, चिकित्सकों, लैब तकनीशियनों, कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों तथा आवश्यकतानुसार मरीजों एवं तीमारदारों के बयान दर्ज किए जाएं। साथ ही गत तीन माह के रक्तदाता पंजीकरण, रक्त निर्गमन, रिप्लेसमेंट डोनर, स्टॉक एवं अन्य अभिलेखों का मिलान कर सत्यापन किया जाए। उन्होंने ब्लड बैंक परिसर एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कराने, बाहरी एवं अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने तथा प्रवेश-निकास का समुचित अभिलेखीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ब्लड बैंक के बाहर प्रमुख स्थानों पर सूचना पट्ट लगाकर यह भी प्रदर्शित करने को कहा गया है कि रक्त उपलब्ध कराने के नाम पर किसी को कोई धनराशि न दें तथा किसी प्रकार की मांग होने पर तत्काल अस्पताल प्रशासन अथवा हेल्पलाइन पर शिकायत करें।

डीएम ने यह भी निर्देश दिए कि मरीजों एवं तीमारदारों को रक्त प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि पात्र लाभार्थियों को शासन के प्रावधानों के अनुरूप निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराया जाए। ब्लड बैंक के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से यह घोषणा-पत्र भी प्राप्त किया जाएगा कि उनका किसी दलाल अथवा अनधिकृत व्यक्ति से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया है कि तीन दिवस के भीतर बिंदुवार जांच आख्या, दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई तथा ब्लड बैंक व्यवस्था में किए गए सुधारों का फोटोग्राफ सहित अनुपालन आख्या उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे संवेदनशील मामलों में किसी प्रकार की शिथिलता अथवा औपचारिक कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी तथा जनहित सर्वोपरि रखते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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