फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़ 22 जुलाई। जिला मजिस्ट्रेट ने 7 अपराधियों को गुंडा एक्ट में जिला बदर किया है। जनपद में कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने एवं असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट के द्वारा गुंडा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई की गई है। जिला मजिस्ट्रेट फर्रुखाबाद के न्यायालय में अपराधियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही करते हुए मई व जून में 10 मामलों में गुण्डा अधिनियम के अन्तर्गत 07 वादों का निर्णय किया गया है।
जिनमें जयदीप पुत्र महेश निवासी ग्राम बरूआ थाना राजेपुर, देवेन्द्र उर्फ भगत, कुलदीप पुत्रगण कैलाश निवासी राजाराम की मड़ैया कोतवाली फतेहगढ़, मजर नसीम उर्फ वसीम पुत्र शमीम निवासी गौसपुर थाना कमालगंज, राजन पुत्र राजू निवासी महरूपुर रावी थाना कमालगंज अर्पित यादव उर्फ अंश कुमार पुत्र वीरेन्द्र सिंह यादव निवासी राजन नगला रम्पुरा थाना फतेहगढ़ एवं मनीष पुत्र जंगबहादुर निवासी ग्राम बिरसिंहपुर थाना राजेपुर शामिल हैं। जिनको 6 माह के लिए जिला बदर किया गया। 3 वादों में लालाराम पुत्र पातीराम निवासी ग्राम गांधीनगर तकीपुर थाना मोहम्मदाबाद को 6 माह तक, गौरव उर्फ पण्डा पुत्र वीरू निवासी ममापुर थाना कायमगंज एवं कमरूल खॉन पुत्र तारिक खान निवासी ग्राम नसरतपुर थाना कमालगंज को 2-2 माह तक प्रत्येक शनिवार को सम्बन्धित थाना पर उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश पारित किये गये।
इसी प्रकार गिरोहबन्द अधिनियम के अन्तर्गत अभियुक्तगण अनुपम दुबे पुत्र स्व०महेश चन्द्र दुवे निवासी सहसापुर थाना मोहम्मदाबाद, रामबावू उर्फ बड़े लला पुत्रगण राजेन्द्र अवस्थी निवासी कस्बा व थाना अमृतपुर एवं सर्वेश पाल पुत्र मलखान सिंह निवासी पालीवाल गली, भोलेपुर कोतवाली फतेहगढ से सम्बन्धित 5 मामलों में 59,80,69,457 रूपये की धनराशि के सम्बन्ध में अभियुक्तगण के दावे खारिज करते हुए प्रकरण निस्तारित कर अधिकारितायुक्त न्यायालय विशेष न्यायाधीश, गैंगेस्टर एक्ट फर्रुखाबाद के न्यायालय में सन्दर्भित किये गये। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध विधि सम्मत कठोर कदम उठाए जाते रहेंगे।

