फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 3 सितंबर। बड़ी उम्मीद के साथ जिले के तीनों विधायकों व सांसद ने मुख्यमंत्री से बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र वासियों की मदद करने की मांग जोरदारी से की। अमृतपुर के विधायक सुशील शाक्य ने मुख्यमंत्री के द्वारा बाढ़ पीड़ितों की सहायता एवं उत्साहवर्धन किए जाने की प्रशंसा करते हुए कहा कि बाढ़ आने से अमृतपुर व कायमगंज क्षेत्र में करोड़ों का नुकसान होता है सड़कें टूट जाती है। उन्होंने इस समस्या की वजह उजागर करते हुए बताया कि गंगा नदी काफी उथली हो गई है जिसके कारण गंगा का पानी इलाके में भर जाता है।
श्री शाक्य ने गंगा नदी की खुदाई कर गहराई किए जाने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि बाढ़ के समय बिजली की आपूर्ति बंद कर दी जाती है और बाढ़ की समस्या अलग होती है। इस समस्या के निदान के लिए विधायक ने विशेष छूट के साथ इलाके में सोलर लगवाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सोलर लगने से बाढ़ पीड़ितों की स्थिति में काफी सुधार हो सकता है।
सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने मुख्यमंत्री के आने पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा बाढ़ जैसे संकट के दौरान बाढ़ की समस्या से पीड़ित ग्रामीणों की चिंता करते हैं। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को राहत दिए जाने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। श्री द्विवेदी ने विधायक सुशील शाक्य की भावनाओं पर सहमत जताते हुए कहा कि जिले में लिंक एक्सप्रेस-वे व सड़कों के चौड़ीकरण के लिए मुख्यमंत्री का विशेष सहयोग रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मेला रामनगरिया के दौरान कानून व्यवस्था पर चिंता जाहिर की है। श्री द्विवेदी ने पांचाल घाट से कंम्पिल की ओर करीब 40 किलोमीटर एवं कन्नौज की ओर करीब 50 किलोमीटर गंगा के किनारे तटबंध का निर्माण कराए जाने की मांग की।
कायमगंज की विधायक डॉ सुरभि ने कहा कि बाढ़ आने पर किसानों की तबाही होती है। सपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में राशन बेच दिए जाने के कारण लोग भूखे रहे थे। लेकिन अब कोई बाढ़ पीड़ित भूखा नहीं है उनके बच्चों को शिक्षा की सुविधा उपलब्ध करा कर इलाज भी किया जा रहा है। उन्होंने भी तटबंध बनाए जाने पर बल दिया और गंगा मइया का शंखनाद किया। भोजपुर के विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री के द्वारा बाढ़ पीड़ितों से मिलकर संबल दिए जाने के प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा की सरकार बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ी है, सरकार गरीबों के लिए विशेष रहनुमा है।
सांसद मुकेश राजपूत ने बताया की मुख्यमंत्री ने पूरे जिले का हवाई सर्वे कर पीड़ितों को राहत प्रदान की है। पीड़ितों को जमीन के पट्टे व आवास मिलेंगे। श्री राजपूत ने बाढ़ की समस्या के लिए विशेषज्ञ लगाए जाने पर बल देते हुए कहा कि विशेषज्ञों के प्रयास से बाढ़ रोकी जा सकती है। नुकसान से भी बचा जा सकता है जमीन भी कटने से बच सकती है। उन्होंने इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए तटबंध बनाए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने किसानों की सुध लेकर शीत गृहों में में भंडारित आलू भाड़े पर सब्सिडी दी है।

मुख्यमंत्री के संबोधन के थोड़ी देर बाद ही घंटो से इंतजार करने वाली महिलाएं बच्चों को लेकर जाने लगी, पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। भीड़ के चले जाने के कारण पंडाल की कुर्सियां खाली नजर आई। मुख्यमंत्री के सामने अन्य किसी जनप्रतिनिधि एवं नेता को बोलने का मौका नहीं दिया गया।

