फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 4 सितंबर बीते दिनों निरंतर बरसात होने के कारण किसानों की लाखों रुपए कीमती सब्जी की फैसलें चौपट हो गई है। जिनका कोई आंसू पोंछने वाला नहीं है। बीते करीब 20 दिन पहले बरसात हुई थी जो निरंतर होती रही। बरसात के कारण फूलगोभी, पत्ता गोभी, मूली सोया पालक की फैसले चौपट हो गई है। फूलगोभी एवं पत्ता गोभी का बीज काफी महंगा आता है और काफी मेहनत से पौध तैयार की जाती है। पौध के लगाते ही बरसात चालू हो गई, यदि बरसात दो-चार दिनों के अंतराल से होती तो शायद फसलें बच जाती।
शहर के निकटवर्ती ग्राम नेकपुर खुर्द, अर्राह पहाड़पुर, अर्राह अवाजपुर, गुडेरा नगला भूड आदि गांव में सबसे ज्यादा फूलगोभी की फसलें होती है। नगला भूड निवासी गौरव शाक्य ने बताया कि उन्होंने लाखों रूपयों की लागत से 5 बीघा फूल गोभी की फसल तैयार की थी लेकिन अधिक निरंतर बरसात होने के कारण पूरी फसल चौपट हो गई है। जिससे करीब ढाई लाख रूपयों का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया की कोई भी सरकारी कर्मचारी सब्जी फसलों के नुकसान के बारे में पूंछता तक नहीं है मुआवजा मिलना तो दूर की बात है। बताया गया कि सब्जी फसलों की बर्बादी के कारण बची सब्जियां काफी महंगी बिकेगी। खून के आंसू रोने वाले किसान अब किसी तरह अगली फसल की तैयारी करेंगे।
अधिक बरसात होने का फायदा धान मक्का घुइया एवं बागवानी करने वाले किसानों को हुआ है। हाइब्रिड आलू पैदा कर शीत गृहों में भंडारित करने वाले किसान भी बर्बाद हो गए हैं। शीत गृहों में आलू का पैकेट करीब 300 रूपए में बिक बिक रहा है जिससे लागत तक नहीं निकल रही है। वही चिप्सोना, 3797 एवं हॉलैंड आलू का भंडारण करने वाले किसानों व व्यापारियों के आंसू पुछ रहे हैं। इन आलू के पैकेट 500 रुपये में बिक रहा है। प्याज के सुर्ख होते ही विरोधी नेता महंगाई का रोना रोते हैं लेकिन अब कोई भी नेता आलू व सब्जी पैदा करने वाले की बर्बादी पर नहीं बोल रहा है।

