अधिक खून रिसने से हुई प्रसूता की मौत: अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नहीं

फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 22 अक्टूबर 26। प्राइवेट अस्पताल में अधिक खून रिसने के कारण प्रसूता शशि प्रभा राजपूत की मौत हुई है। मेडिकल चौकी इंचार्ज रामकेश यादव ने आज नायब तहसीलदार मनीष वर्मा के निर्देशन में मृत प्रसूता शशी प्रभा राजपूत के शव का पंचनामा भरकर पीएम के लिए भिजवाया। डॉ गौरव यादव एवं डॉ कल्पना के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। पीएम में शशि प्रभा की मौत अधिक खून रिसने के कारण पाई गई। मालूम ओ की बीती शाम डॉक्टर की लापरवाही से प्रसूता शशि प्रभा की मौत हो जाने पर परिजनों ने बवाल मचाया था। भयभीत डाक्टर दंपति अस्पताल में ताला लगाकर भाग गये थे।

श्रीमती शशी प्रभा थाना नवाबगंज के ग्राम दनियापुर निवासी मौजी राम राजपूत की 30 वर्षीय पुत्री थी। उसका वर्ष 2022 में जनपद मैनपुरी थाना भोगांव के ग्राम रामनगर निवासी महेंद्र सिंह राजपूत के पुत्र नीलेश से विवाह हुआ था। परिजनों ने प्रसूता शशी प्रभा को परसों रात करीब 11 थाना मऊदरवाजा के ग्राम नगला खैरबंद बाईपास स्थित एल्विस हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। थाना मऊ दरवाजा के ग्राम लुखरियाई निवासी डॉक्टर धर्मेंद्र राजपूत एवं उनकी पत्नी डॉक्टर संध्या राजपूत ने महिला का उपचार किया। ऑपरेशन करने के लिए 50,000 रुपये लिए आज खून चढ़ाने के लिए 5 हजार ऑनलाइन लिए। ऑपरेशन से पुत्र पैदा होने के बाद महिला की हालत बिगड़ गई डॉक्टर ने महिला के इंजेक्शन लगाया और बाद में खून चढ़ाया खून चढ़ाने के बाद महिला की हालत बिगड़ी रही। शाम करीब 5 बजे महिला ने दम तोड़ दिया तब डॉक्टर ने महिला को दूसरे अस्पताल ले जाने की राय दी।

इसी दौरान अस्पताल वालों ने महिला को ले जाने के लिए एंबुलेंस मंगाई और महिला के शव को जबरन निकालकर अस्पताल के बाहर रख दिया। थाना मऊ दरवाजा के वरिष्ठ उप निरीक्षक राजेश कुमार यादव एवं मेडिकल चौकी इंचार्ज रामकेश ने अस्पताल कर्मचारियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने का शासन देकर महिला का पोस्टमार्टम कराने के लिए लोहिया अस्पताल ले जाने का प्रयास किया। परिजनों ने डॉक्टर से बदला लेने की बात कहकर शव का पंचनामा भरवाने से साफ मना कर दिया। शशि प्रभा की मौत पर उसकी मां ईश्वरी देवी आदि परिवार की महिलाएं बुरी तरह बिलखती रही। पति नितेश यादव ने पत्नी के सबको रात 10.40 बजे लोहिया अस्पताल पहुंचाया।

परिजनों ने बताया की ग्राम दनियापुर निवासी डॉक्टर आकाश राजपूत ने शशि प्रभा को एल्विस अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी। बताया गया कि डॉक्टर धर्मेंद्र राजपूत ने अस्पताल को 15000 रुपए किराए पर लिया है उन्होंने बिना रजिस्ट्रेशन कराए करीब एक माह पूर्व ही अस्पताल चालू किया है। जसमई दरवाजा निवासी हरिओम निर्मल अस्पताल के मालिक हैं अस्पताल के अंडरग्राउंड में लाइब्रेरी चलती है। बताया गया कि अस्पताल में एक अन्य मरीज भी भर्ती था। अस्पताल वालों ने शशि प्रभा की मौत के बाद उस मरीज को भी जाने को कह दिया था। मृत शशी प्रभा के भाई साहब सिंह राजपूत ने आरोप लगाया कि अस्पताल में चार लड़कियां भी मौजूद थी। एक अन्य मरीज को अस्पताल से निकालने के बाद डॉक्टर मुझे धक्का देकर पत्नी डॉक्टर व लड़कियों के साथ भाग गए थे। भागते समय अस्पताल के बाहर एक बाइक भी छूट गई, जो आज शाम तक अस्पताल के बाहर खड़ी देखी गई।

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