फर्रुखाबाद(एफबीडी न्यूज़) 23 अक्टूबर 26। डीआईजी ने आज यहां संकिसा महोत्सव में गड़बड़ी करने वालों को कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। पुलिस उप महानिरीक्षक निरीक्षक जमुना प्रसाद, जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने संकिसा के निरीक्षण भवन में आयोजित शांति कमेटी की बैठक में भाग लिया। डीआईजी ने बौद्ध धर्म एवं सनातन धर्मियों का परिचय लिया। एसपी ने बीते दिनों बुद्ध स्तूप के निकट भिक्षुओं की मारपीट की वायरल घटना की ओर इशारा करते हुए कहा की बुद्ध स्तूप विश्व के मानचित्र पर प्रसिद्ध है। उन्होंने मारपीट की घटना पर अफसोस जाहिर करते हुए समस्याएं बताने को कहा। 
जिलाधिकारी डॉ लाठर ने आपसी सामंजस्य से बेहतर ढंग से बुद्ध महोत्सव मनाए जाने की अपील करते हुए लाइट सफाई शौचालय आदि की समस्याये बताने को कहा। धम्मालोको बुद्ध विहार सेवा ट्रस्ट के उप प्रबंधक रघुवीर शाक्य ने मेले में आने वाले दिव्यांग जनों की समस्या के लिए वाहन पास उपलब्ध कराने को कहा। डीएम ने इस समस्या के साथ ही पेयजल बिजली लाइट आज की समस्या को नोट कराते हुए सीओ से पूंछा कि समझौते पर अमल करने के लिए दोनों पक्ष तैयार हैं। कायमगंज के सीओ ने बताया कि समझौते पर अमल करने के लिए दोनों पक्ष तैयार हैं। डीआईजी ने बुद्ध महोत्सव के कार्यक्रम में सहयोग करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि आप लोग किसी के बहकावे में न आए, सोशल मीडिया पर किसी भी भ्रामक वीडियो व पोस्ट पर ध्यान न देकर अधिकारियों को जानकारी दें। 
उन्होंने कार्यक्रम में गड़बड़ी करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा की निर्देश का पालन न करने वालों को थाने व कचहरी के चक्कर काटने पड़ेंगे। अदालत के आदेश का पालन करने को कहा। राघव दीक्षित ने संकिसा के विकास न होने की बात कही तभी डीआईजी ने कहा कि जब आप लोग आपस में झगड़ा करेंगे तो विकास कैसे होगा। बैठक के दौरान ही नगला दुबे के भिक्षु रामसनेही, लालाराम आदि अनेकों भिक्षु वहां पहुंच गए। उन्होंने शिकायत की कि पुलिस हम लोगों को स्टूप परिसर में घुसने नहीं दे रही है, हम लोग काफी समय से वहां बैठते हैं। डीआईजी ने जवाब दिया कि आप लोगों के अपने गलत आचरण के कारण ही जाने पर रोक लगाई गई है और अब 27 अक्टूबर तक आप लोगों का प्रवेश वर्जित है।
अतुल दीक्षित ने शिकायत की कि नदी की ओर से झांकी आने की नई परंपरा शुरू की गई है डीआईजी ने स्पष्ट कहा कि कोई भी नई परंपरा नहीं कायम होगी। अतुल दीक्षित ने विषारी देवी के पूजन के लिए भक्तों की संख्या 5 से बढ़ाने की अपील की। डीआईजी ने संख्या बढ़ने से साफ मना करते हुए अतुल दीक्षित को पांच लोगों की सूची देने को कहा। अतुल दीक्षित के साथ ही कर्मवीर शाक्य ने स्तूप परिसर में कथित भिक्षुओं की मौजूदगी का विरोध करते हुए कहा की इन लोगों के आचरण के कारण देश में बौद्ध धर्म एवं संकिसा की छवि धूमिल हो रही है।
बैठक में प्रभाव जमाने के लिए अतुल दीक्षित व उनके साथियों ने भाजपा में अपने पद की जानकारी देते हुए परिचय दिया। जवाब में डीआईजी ने साफ कहा की कानून का उल्लंघन होने पर कार्रवाई के दौरान यह नहीं देखा जाता है कि कौन क्या है। बैठक में संकिसा भिक्षु संघ के अध्यक्ष डॉ धम्मपाल महाथैरो भंते आलोक आदि लोग मौजूद रहे। संकिसा पहुंचने पर अधिकारियों ने बुद्ध स्तूप के ऊपर जाकर जायजा लिया बाद में आयोजन स्थल टीन शेड का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। मेरापुर थानाध्यक्ष नरेंद्र सिंह अधिकारियों के साथ रहे।























