फर्रुखाबाद। (एफबीडी न्यूज़) जिला आलू व शाकभाजी विकास अधिकारी ने लाइसेंस का नवीनीकरण न कराने वाले शीतग्रह मालिकों को आलू का भंडारण न करने की चेतावनी दी है। जनपद में कुल 111 शीतगृह संचालित है। संचालित शीतगृहों के शीतगृह स्वामी, प्रबन्धकों को अवगत कराया गया है कि अपने से सम्बन्धित शीतगृह लाइसेंस की अवधि माह 31 दिसम्बर, 2025 को समाप्त हो चुकी है। उन्हें कार्यालय से नोटिस व दूरभाष के माध्यम से भी बार-बार अवगत कराया जा रहा है। शीतगृह स्वामी, प्रबंधक द्वारा वर्ष 2026 में कृषकों का आलू भण्डारण हेतु लाइसेंस नवीनीकरण के समस्त प्रपत्र आज 4 फरवरी को कार्यालय में प्रस्तुत नही किये गये है, शीतगृहों द्वारा लाइसेंस नवीनीकरण में न ही रूचि ली जा रही है।
जबकि शीतगृह में आलू भण्डारण का समय नजदीक है। ऐसी स्थिति में शीतग्रह मालिकों को पुनः अवगत कराया गया है कि बिना शीतगृह लाइसेंस के सम्बन्धित कोल्ड़ स्टोरेज में कृषकों के आलू का भण्डारण कदापि न करें। साथ ही शीतगृह नवीनीकरण हेतु समस्त प्रपत्र कार्यालय में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। चित्र बालकों को चेतावनी दी गई है कि बिना शीतगृह लाइसेंस नवीनीकरण कराये आलू भण्डारण किया जाता है तो उनके विरूद्ध उत्तर प्रदेश कोल्ड स्टोरेज विनियमन अधिनियम-1976 के संगत प्राविधानों के अन्तर्गत आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
शीतगृह लाइसेंस नवीनीकरण हेतु आवश्यक प्रपत्र
1. नवीनीकरण के लिए आवेदन पत्र।
2. लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क जमा चालान की प्रति।
3.भवन सुदृढ़ता प्रमाण-पत्र।
4.मशीनरी सुदृढ़ता एवं कार्यशीलता एवं अवशीतन क्षमता का प्रमाण-पत्र।
5.भवन, मशीनरी तथा स्टाक सम्बन्धी बीमा प्रपत्र की प्रति।
6.विद्युत लोड स्वीकृत, अंतिम बिल जमा रसीद।
7.अग्निशमन सम्बन्धी प्रमाण-पत्र ।
8. प्रदूषण विभाग की NOC प्रमाण-पत्र ।
9. शीतगृह भवन, मशीनरी तथा लकड़ी की रैक्स, बांस आदि की मरम्मत का प्रमाण-पत्र।
10. विगत वर्ष में भण्डारित आलू में कोई क्षति नहीं हुई सम्बन्धी प्रमाण-पत्र।
11.शीतगृह पार्टरशिप डीड प्रति।
जिला आलू एवं शाक भाजी विकास अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया की शीतग्रह का लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए 23 मालिकों ने आवश्यक प्रपत्र जमा नहीं किए हैं। जिनमें अयूब कोल्ड स्टोरेज, हामिद कोल्ड स्टोरेज, एचएम कोल्ड स्टोरेज के एके कोल्ड स्टोरेज शामिल हैं।
आलू की खरीदारी के प्रयास
प्रदेश के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने सूबे के आलू की बाहरी प्रांतों में खरीदारी कराने के प्रयास किए हैं। उन्होंने उड़ीसा के मुख्यमंत्री वाणिज्य मंत्री के साथ बैठक करके वहां के व्यापारियों द्वारा आलू की खरीदारी कराने के लिए वार्ता की गई है। प्रशासनिक व्यवस्था से जिले के आलू उत्पादक जवाहरलाल एवं नरेश राजपूत भी उड़ीसा भेजा गया। वहां के व्यापारियों से कहा गया है कि वह पश्चिम बंगाल के बजाय उत्तर प्रदेश का के आलू की खरीदारी कर सहयोग करें। बताया गया है कि उड़ीसा में आलू की कम पैदावार होती है इस समय वहां आलू 2200 प्रति कुंतल के भाव में बिक रहा है यहां का आलू पहुंचने में करीब 28 घंटे लगते हैं। कल लखनऊ में आलू की खरीदारी को बढ़ावा देने के लिए बैठक बुलाई गई है।




