माफिया अनुपम दुबे व पीड़ितों पर केस दर्ज

फर्रुखाबाद। (एफबीडी न्यूज़)हनुमान मंदिर के ट्रस्ट एकलव्य ने माफिया अनुपम दुबे व बिजली करंट से करने वाले के परिजनों के विरुद्ध दलित उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। थाना मऊदरवाजा के मोहल्ला बहादुरगंज निवासी एकलव्य ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि ग्राम अर्राह पहाड़पुर स्थित 4.3810 हे0 ट्रस्ट की भूमि है । जिसके स्वामी मालिक हनुमान जी महाराज विराजमान मंदिर हैं । जिसकी सरकारी कीमत लगभग 70 करोड़ रूपये है। इस ट्रस्ट भूमि पर प्रदेश स्तरीय माफिया डा अनुपम दुबे पुत्र स्व महेशचन्द्र दुबे व उसके गिरोह के सदस्य रणधीर यादव, सन्जू यादव व इसके दो अन्य भाई पुत्रगण स्व राजेन्द्र प्रसाद, रमेशचन्द्र यादव पुत्र सोहनलाल यादव, राहुल यादव पुत्र रमेशचन्द्र यादव, रिषभ यादव पुत्र महेश यादव, देवेन्द्र यादव पुत्र दुशासन निवासी ग्राम अर्राह पहाड़पुर व सचिन यादव पुत्र निवासी खदिया है।

ये सभी डा0 अनुपम दुबे का अवैध खनन व जमीनों का काम देखते हैं व उसके अपराधिक कृत्यों में सहयोग कर सक्रिय रहते है । डा0 अनुपम दुबे ने करोड़ों की कीमती ट्रस्ट भूमि को हडपनें के लिये कूटरचित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ट्रस्ट भूमि हड़पनें हेतु षडयन्त्र किया ट्रस्ट भूमि को अवैध रूप से गुण्डई व दबंगई से अपने कब्जे में लेकर उसका विक्रय कराया। ट्रस्ट भूमि के ट्रस्टियों द्वारा मुझको सरवर्राकार नियुक्त किया गया। मुझ प्रार्थी द्वारा विधिक कार्यवाही करते हुये किये गये सारे फर्जीवाडे का खुलासा कर दिया व न्यायालय के आदेश से ट्रस्ट भूमि को बचाया गया। जिस कारण डा0 अनुपम दुबे के साथ संलिप्त सहयोगी अपराधियों के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही की गयी ट्रस्ट भूमि गिरोह के हाथों से निकल गयी।

इसी कारण ये जनपदीय स्तर का गिरोह प्रार्थी से रंजिश मानने लगे। डा0 अनुपम दुबे व इसके गिरोह के सदस्यों व भाईयों द्वारा प्रार्थी को कई बार धमकियों दी गयी कि हमारे विरुद्ध पैरवी बन्द कर दे अन्यथा परिणाम बहुत घातक होगें तू व तेरा परिवार वेमौत मारा जायेगा । इसकी सूचना प्रार्थी उच्च अधिकारियों को पूर्व में कई बार दे चुका है। उक्ट ट्रस्ट भूमि जिला प्रशासन द्वारा अनुपम दुबे के विरुद्ध दर्ज गैगेस्टर एक्ट के तहत कोतवाली फर्रुखाबाद द्वारा कुर्क की गयी थी प्रार्थी द्वारा जिलाधिकारी के यहाँ प्रभावी विधिक कार्यवाही कर 2.02.2026 को डीएम के आदेश से कुर्क ट्रस्ट सम्पत्ति को निर्मुक्त करा लिया गया। जिससे ये सक्रीय गिरोह अपनी हार से बुरी तरह बौखला गया। उपरोक्त गिरोह ने योजनाबद्ध तरीके से प्रार्थी व उसके परिवार की हत्या करने का षडयन्त्र रच डाला।

योजनबद्ध तरीके से सर्वेश यादव को प्रेम प्रसंग की रंजिश में हत्या कर योजना के तहत ट्रस्ट के खेत में सर्वेश यादव का मृत शरीर को 3/04.02.2026 को ट्रस्ट भूमि के खेत में डाल दिया। योजना के तहत रणधीर यादव आदि उपरोक्त नें गाँव व क्षेत्र में अफवाह फैला दी कि एकलव्य व उसके परिवार ने हनुमान मंदिर के खेतों में फसल की रखवाली हेतु जो तार लगा रखे हैं उनमें बिजली का करंट लगा रखा था। जिसकी चपेट में आकर सर्वेश यादव की मृत्यु हो गयी। इस अफवाह से सुबह क्षेत्रीय जनता एकत्र हो गयी जिसकी अगुवाही रणधीर आदि कर रहे थे। इन लोगों नें मंदिर परिसर में मौजूद प्रार्थी के बेटे मानव सिंह को पकड़ लिया उसे बुरी तरह मारा पीटा व उसे मरणासन्न अवस्था में खाई से नीचे फेंक दिया। इस घटना की सूचना किसी राहगीर द्वारा प्रार्थी के घर पर दी गयी प्रार्थी ने तत्काल 112 नम्बर पर सूचना दी पूरा परिवार बदहवास हालत में हनुमान मंदिर की ओर भागा।

लगभग 8 बजे प्रार्थी व परिवार के लोग सरसों के खेत के पास पहुँचे वैसे ही रणधीर आदि उपरोक्त ने गाली गलौज करना शुरू कर दिया कहा साले चमट्टे तेरी वजह से सर्वेश खत्म हो गया आज तुझे जिन्दा नहीं छोडेगें। तेरे पूरे परिवार को आज ही निपटा देगे। जान से मारने की नियत से लाठी डण्डे व धारदार हथियार से प्रार्थी व उसकी पत्नी व पुत्रों पर हमला कर दिया । जिसमें हम सभी गम्भीर रूप से घायल हो गये। इन सभी ने कहा चलो काम हो गया इसी बीच थाना पुलिस आ गयी जिसे देखकर ये सभी भाग गये। थाना पुलिस द्वारा हम सभी घायलों का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया गम्भीर अवस्था होनें के कारण हमें लोहिया अस्पताल फर्रुखाबाद में भर्ती कराया गया।

इस सक्रीय गिरोह ने करंट से लगनें की झूठी घटना बनाई प्रार्थी के खेतों पर उस समय कोई करंट नहीं चल रहा था। चूंकि करंट झटका मशीन दो दिन पहले से ही खराब थी और उसके करंट से किसी की मृत्यु भी नहीं हो सकती। प्रार्थी व उसके परिवार की हत्या करने का माफियाओं द्वारा सुनियोजित षडयन्त्र रचा गया। चूँकि प्रार्थी व उसका परिवार गम्भीर रूप से घायल अवस्था अस्पताल में भर्ती था। तत्काल घटना की सूचना देनें में सक्षम नहीं था। अब कुछ मानसिक व शारीरिक चेतना आनें पर थाने पर प्रार्थना पत्र भेज रहा है। इस मुकदमे की जांच सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय को सौंपी गई है।

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