फर्रुखाबाद।(एफबीडी न्यूज़) पीड़ित पत्नी ने जूते से पिटाई कर दो मंजिल से फेंकने वाले दरोगा विवेक कुमार व सास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। जनपद बरेली थाना इज्जत नगर आशुतोष सिटी गेट नंबर 3 निवासी श्रीमती साधना देवी ने कोतवाली फर्रुखाबाद में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि प्रार्थिनी के पति विवेक कुमार सिंह दरोगा के पद पर वर्तमान में पुलिस लाइन फतेहगढ में कार्यरत है। मेरे पति व सास मुझे व मेरे बच्चों को काफी समय से लडाई झगड़ा, गाली गलौज व मारपीट तथा आर्थिक रूप से परेशान कर रहे है। मेरी सास राजबाला देवी तथा मेरे पति विवेक कुमार सिंह ने उनके यहां खाना बनाने वाले नीरज से षडयंत्र के तहत फोन करवाकर कहा कि फर्रुखाबाद कमरे पर आओ बात करेंगे।
मैं उनके कहने पर 22 जनवरी को बरेली से बस द्वारा फर्रुखाबाद उनके कमरे पर पहुंची। कमरे पर मेरे पति व नीरज मौजूद थे उन्होंने मेरे पहुंचने पर बातचीत शुरू की इसी बीच नीरज वहाँ से चले गये। फिर बात करते करते उन्होंने गन्दी गन्दी गाली गलौज कर मारपीट शुरू कर दी और कहने लगे आज मैं तुझे जिन्दा नही छोडूंगा। यहाँ मेरा कानून चलता है मैं दरोगा हूँ मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता। मेरे बार बार हाथ जोडने पर भी वह नही माने बैल्ट लात घूंसा जूता डंडा आदि से मारते रहे। मेरे काफी चीखने चिल्लाने पर भी उन्हे दया नहीं आयी और वह हंस हंस कर मारते रहे। इसी बीच उन्होंने अपनी माँ राजबाला देवी को फोन मिलाया और कहा मैं साधना को मार रहा हूँ आज मै इसका काम कर दूंगा। मारते मारते उन्होंने मेरे बाल पकड़ कर सिर दीवार में मारा और पहली मंजिल की खिड़की से जान से मारने को बाहर धक्का दे दिया।
बाहर गिरने के बाद मैं काफी समय तक चीखती रही लेकिन मेरे पति के डर की वजह से कोई मदद करने नहीं आया। काफी समय बाद मुझे कुछ लोगों ने अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष व सीओ सिटी ने अस्पताल में आकर मुझसे घटना की पूरी जानकारी ली व कार्यवाही का आश्वासन दिया। खबर मिलते ही बरेली से मेरे बच्चे लोहिया अस्पताल फर्रुखाबाद पहुंचे। मेरी हालत देखकर डाक्टर के कहने पर मुझे इलाज हेतु बरेली रेफर करा लिया। इस समय मेरा इलाज सिद्धि विनायक अस्पताल बरेली में चल रहा है मेरे शरीर में काफी गम्भीर चोटें आयी है कई जगह से हड्डियां टूटी है। इस घटना के बाद भी लगातार मेरे पति फोन से मेरे बच्चों व मुझे धमकी दे रहे हैं कि मैं किसी को जिन्दा नहीं छोडूंगा तथा सबको झूठे मुकद्दमों में फंसा दूंगा। मैं दरोगा हूँ मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता।
हमारे व बच्चों के साथ जितनी भी घटनाएं हमारे पति के द्वारा की जाती है सभी में हमारी सास राजबाला देवी का संरक्षण होता है। अब यदि हमारे व बच्चो के साथ कोई घटना कारित होती है तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी हमारे पति विवेक कुमार सिंह व हमारी सास राजबाला देवी की होगी। मुकदमे की विवेचना रेलवे रोड चौकी इंचार्ज कल्पेश चौधरी को दी गई है। बताया गया है कि दरोगा विवेक कुमार मोहल्ला रेटगंज सोसाइटी में किराए पर रहते हैं। रेलवे रोड चौकी इंचार्ज कल्पेश चौधरी ने एफबीडी न्यूज़ को बताया कि घटना घुमना चौकी क्षेत्र की है घुमना चौकी इंचार्ज अवकाश पर हैं। लिंक अधिकारी होने के कारण मुझे विवेचना दी गई है।




