जेल कैदी फांसी लगाकर मरा: आजीवन कारावास था

फर्रुखाबाद। (एफबीडी न्यूज़) केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ में आजीवन सजा से दुखी कैदी प्रभात राजपूत ने फांसी लगाकर जान दे दी। वर्षीय कैदी प्रभात राजपूत सेंट्रल जेल के दरी कारखाने में काम करता था वह आजीवन कारावास की सजा होने से बहुत दुखी था। वह आज दोपहर बाद करीब 3 बजे लघु शंका के बहाने कारखाने के पीछे गया। वहां क्षतिग्रस्त भवन में लोहे की राड में गमछे से फांसी लगाकर लटक गया। जब प्रभात काफी देर तक कारखाने नहीं लौटा तो उसे तलाश किया गया। प्रभात को फांसी पर लटका देखकर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जेल वार्डन अवधेश साहू व जेल वार्डन अजय प्रदीप शर्मा शाम 3.56 बजे सीटी 29157 कैदी प्रभात को लेकर लोहिया हॉस्पिटल पहुंचे।

डॉक्टर ने जांच करने के बाद कैदी को मृत घोषित कर दिया। बताया गया की कैदी प्रभात की जेल में ही मौत हो गई थी उसके सब को कानूनी कार्रवाई के लिए लोहिया अस्पताल ले जाया गया था। प्रभात राजपूत थाना थाना मेरापुर के ग्राम सिलसंडा निवासी रामकुमार का 39 वर्षीय पुत्र था। उसको पाक्सों एक्ट आजीवन कारावास की सजा हुई थी। सेंट्रल जेल अधीक्षक ने यह जानकारी देते हुए बताया की कैदी प्रभात को 24 मार्च 2024 को जेल भेजा गया था। उसको पाक्सों एक्ट की अदालत ने मरते दम तक की सजा सुनाई थी। प्रभात के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। उसका शव को लोहिया अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है।

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