फर्रुखाबाद।(एफबीडी न्यूज़) नगर के लोहिया मैदान में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन के दौरान हिंदुओं के एकजुट होकर सनातन धर्म को मजबूत करने का आवाहन किया गया। मुख्य वक्ता सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय ने देश की अखंडता की जडें खोदने वालों की आलोचना करते हुए कहा कि पॉलिटिकल हिंदू, नकली हिंदू एवं परिवर्तित हिंदू ऐसा कार्य नहीं करेगा। असली हिंदुओं को संविधान को समझाना पड़ेगा। उन्होंने कट्टरवाद पर हमला करते हुए कहा कि जहां-जहां मदरसे खुला वहां अशांति फैल गई। श्री उपाध्याय ने उदाहरण देते हुए कहा की दुर्योधन की ननिहाल गंधार में मदरसे खुलने के बाद धर्मांतरण एवं लव जेहाद की डेमोग्राफी बदल गई और अफगानिस्तान बन गया। 
इसी तरह राजा भरत की ननिहाल जहां से कैकेई आई थी वहां पाकिस्तान बन गया। उन्होंने दावा किया कि मदरसों में अवैध काम होते हैं जन्म होने से पहले पेट में भ्रूण होता है। तब कोई जात धर्म नहीं होता, जब बच्चा पैदा होता है तो उसके कौन से विचार होते हैं कौन सी किताब पढ़ता है वैसी ही मानसिकता हो जाती है।श्री उपाध्याय ने मदरसों की महामारी की जानकारी देते हुए बताया की मुगलों ने एक हजार मदरसे खुलवाए थे अब देश में मदरसों की संख्या 3 लाख हो गई है। उन्होंने सवाल किया की बताओ कि मदरसों से खतरा कम हुआ है या बढ़ गया है। उन्होंने गुरुकुल की शिक्षा की वकालत करते हुए कि गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चों ने कभी बम नहीं फोड़ा, पहचान छिपकर लव जिहाद नहीं किया, किसी के साथ धोखा नहीं किया है। देश के मदरसे अराजकता के केंद्र बन गए हैं जिनको भारत मुक्त होना चाहिए। 
श्री उपाध्याय ने जनप्रतिनिधियों से गुरुकुल की वैदिक शिक्षा को तेजी से लागू करने का आवाहन करते हुए कहा कि वंशवाद खत्म होना चाहिए तभी भारत के विश्व गुरु बने का सपना साकार होगा।
पांचाल घाट स्थित दुर्वासा ऋषि आश्रम के महंत श्री ईश्वर दास जी महाराज ने भारत माता की जय व जय श्री राम का नारा लगाकर संबोधन शुरू किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सनातन धर्म पर चारों तरफ से संकट है। राघवेंद्र ने महलों का सुख त्याग कर जंगलों में भटककर कंदमूल फल खाए उन्होंने रावण जैसे राक्षसों एवं उनकी विचारधारा का अंत किया। शहीद भगत सिंह चंद्रशेखर आजाद व रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान की सराहना करते हुए कहा कि हम लोग उनकी बदौलत सांस ले रहे हैं। 
हिंदू काटा मारा जा रहा है पूरे विश्व में आतंकवाद पनप रहा है गांव-गांव में मदरसे खुल गए हैं, जबकि गुरुकुल शिक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। महंत ईश्वर दास ने राजनेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें एसी की सुविधा का त्याग कर सड़कों पर निकलना पड़ेगा और हर हालत में गुरुकुल की शिक्षा खड़ी करनी पड़ेगी। उन्होंने बताया की देवताओं ने जान लेवा हमला होने के भय से घोड़ा हाथी एवं सिंह जैसे ताकतवर पशुओं की बलि चढ़ाने से मना कर दिया और बकरे की बलि चढा़ने की सहमति बनाई थी। क्योंकि बकरा में- में करता है इसी तरह हिंदू भी में-में करता है जबकि वास्तव में हिंदू कमजोर नहीं है। उन्होंने सनातन धर्म की जडें खोदने वाले के षड्यंत्र को तोड़ने का आवाहन किया। 
उन्होंने हाथ उठवाकर पूंछा कि सम्मेलन में कितने क्षत्रिय ब्राह्मण एवं वैश्य आये हैं तो थोड़े-थोड़े हाथ उठे। और हिंदू कितने आये हैं के कहते ही सभी लोगों ने हाथ उठा दिए। विराट हिंदू सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्वलित एवं कर गणेश वंदना से हुआ। कार्यक्रम के दौरान भजन कीर्तन राष्ट्रभक्ति गीत, शास्त्रीय, लोक नृत्य, रामायण एवं महाभारत आधारित नाट्य प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने हिंदू एकता, सनातन धर्म की महत्ता एवं वर्तमान चुनौतियों पर व्यापक प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समापन भारत मां की आरती एवं सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
मंच पर डॉक्टर सुबोध वर्मा एवं प्रधानाचार्य दीपिका राजपूत मौजूद रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता हर्षवर्धन कटियार एवं संचालन धनंजय कुमार ने किया। अनिल भदौरिया ने आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में नीरज वर्मा, ब्रह्म प्रकाश तिवारी, रामकुमार वर्मा, नवीन कटियार, वीरेंद्र सिंह राठौर एवं रामानंद बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य रीता दुबे का विशेष सहयोग रहा।




