फर्रुखाबाद। (एफबीडी न्यूज़) कमालगंज थाना पुलिस ने आज हालत बिगड़ने पर दिव्यांग अधेड़ को हवालात से बाहर निकाल कर परिजनों को सौंप दिया। जो बीते तीन दिनों से कटघरे में बंद था
ग्राम विन्जी दरौरा में 15 फरवरी को समर पाल यादव व अभय सिंह यादव के बीच झगड़ा हुआ था। अभय यादव व उनके बेटों ने समर पाल पर दिनदहाड़े फायरिंग कर मारपीट की थी। शिकायत करने पर 112 नंबर पुलिस समर पाल को रिपोर्ट लिखवाने के लिए थाने ले गई थी। पुलिस ने समर पाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया। पुलिस ने राजनीतिक दबाव पड़ने पर अभय सिंह की ओर से समर पाल व उनके बेटे के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली।
कमालगंज थाना के दरोगा कमलेश कुमार ने पुलिस फोर्स के साथ 15 फरवरी को समर पाल के घर दबिश देकर तोड़फोड़ की थी। पुलिस डंडे के सहारे चलने वाले दिव्यांग समर पाल व उनके बेटे सुधीर को पकड़ ले गई थी। आज हालत बिगड़ने पर समर पाल ने कपड़ों में ही शौच हो गया। मजबूरन पुलिस ने समर पाल को कमालगंज में रहने वाले रिश्तेदारों को सौंप दिया। उनको कमालगंज सीएचसी में भर्ती कराया गया डॉक्टर विकास पटेल ने उपचार के दौरान समर पाल को ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई। अपाहिज अधेड़ समर पाल ने मीडिया को बताया की पुलिस चार दिन पहले मुझे वह मेरे बेटे को घर से पकड़ ले गई थी इस दौरान पुलिस ने मेरे घर को वीरान कर दिया था। हवालात में भुखमरी की नौबत रही रिश्तेदारों ने खाना लाकर खिलाया।
पीड़ित ग्रामीण ने बताया की पुलिस ने मेरी रिपोर्ट दर्ज नहीं की जबकि मेरे ऊपर दिनदहाड़े गोली चलाई गई थी जिसका वीडियो भी पुलिस को दिया था। एसपी से शिकायत करने की रंजिश में पुलिस ने मुझे पकडकर हवालात में डाल दिया बेटा अभी भी हवालात में बंद है। कमालगंज थाना पुलिस की बर्बरता से अंग्रेजो के शासनकाल की याद ताजा हो गई है। जब तक किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं होती है तब तक उसे हवालात में बंद नहीं किया जा सकता है। हिरासत में लिए गए व्यक्ति को हवालात के बाहर बैठाया जाता है। पुलिस अधिकारी खानापूर्ति करने के लिए थानों का निरीक्षण करते हैं इस दौरान हवालात में बंद व्यक्तियों से पूंछताछ नहीं की जाती है कि वह कब से बंद है उन्हें भोजन मिला है अथवा नहीं। पीड़ित दिव्यांग के रिश्तेदारों ने पुलिस अधीक्षक से अत्याचार करने वाले दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।




