लिंक एक्सप्रेस-वे के बैनामों में तेजी: किसान यूनियन का विरोध बेअसर

फर्रुखाबाद। (एफबीडी न्यूज़) किसान यूनियन के जबरदस्त विरोध के बावजूद किसानों ने लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के बैनामें करने शुरू कर दिए हैं। 7 ग्रामीणों ने आज रजिस्ट्री कार्यालय में बैनामें कर दिए है। इस दौरान प्रभारी तहसीलदार सनी कनौजिया, क्षेत्रीय लेखपाल सुभाष चंद्र श्रीवास्तव आदि कर्मचारी रजिस्ट्री कार्यालय में मौजूद रहे। ग्राम गुतासी निवासी चंद्र प्रकाश शुक्ला उनके बेटे विवेक शुक्ला एवं देवेंद्र कुमार शुक्ला ने 35-35 डिसमिल जमीन के बैनामें किए हैं। विवेक शुक्ला ने यह जानकारी देते हुए बताया कि हम सभी लोगों को अलग-अलग 21 लाख 43 हजार 300 रुपए ऑनलाइन खाते में आएंगे।

ग्रामीणों ने मुआवजा धनराशि के बारे में बताया कि अब कम या ज्यादा मुआवजे का कोई मतलब नहीं है हम लोगों को बैनामा करना ही पड़ेगा। कल ग्राम बीसलपुर तराई के 3 ग्रामीणों ने बैनामें किए थे, अब तक एक दर्जन ग्रामीण बैनामें कर चुके हैं। तहसील के क्षेत्रीय लेखपालों को ग्रामीणों को शीघ्र ही बैनामें करने के लिए प्रेरित करने को लगाया गया है। अब दोनों दिन किसान अधिक से अधिक संख्या में बैनामें करेंगे। उनको मालुम है कि सरकार सर्किल रेट से 4 गुना अधिक का मुआवजा दे रही है। मालूम हो किसान यूनियन किसानों की हमदर्दी हासिल करने के लिए उनसे वादा कर रही है कि हम सर्किल रेट बढवाकर और अधिक मुआवजा दिलवाएंगे। संबंधित किसानों ने किसान यूनियन की बातों पर ध्यान देना बंद कर दिया है।

उनकी समझ में आ गया है कि देर सबेर उन्हें जमीन का बैनामा करना पड़ेगा। लिंक एक्सप्रेस-वे बनने से इलाके का विकास होगा और जमीन की कीमतें काफी महंगी हो जाएगी। मालुम हो कि सरकार तय समय पर जमीनों के नए सर्किल रेट निर्धारित करती है। सरकार ने लखनऊ आगरा एक्सप्रेस-वे से गंगा एक्सप्रेस-वे को जोड़ने को जोड़ने के लिए 92 किलोमीटर लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए 900 करोड़ रुपए रुपए जारी किए हैं। तहसील सदर के 30 गांव के करीब 25 हजार किसानों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है। लिंक एक्सप्रेसवे बनने से जिले के लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी।

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