फर्रूखाबाद (एफबीडी) न्यूज 8 मार्च। कोतवाली कायमगंज पुलिस दोहरे हत्याकांड की जांच पड़ताल के दौरान मोहल्ले वालों का जबरदस्त ढंग से उत्पीड़न कर रही है। मोहल्ला कूंचा गंगा दरवाजा के बाशिंदों ने कोतवाली पुलिस पर जबरदस्त ढंग से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने उप जिलाधिकारी को संबोधित सामूहिक शिकायती पत्र नायब तहसीलदार अनवर हुसैन को सौंप कर उत्पीड़न से मुक्ति दिलाए जाने की फरियाद की है। मोहल्ले वालों ने आरोप लगाया कि वृद्ध दंपति दोहरे हत्याकांड के मामले में जांच की आड़ में पुलिस उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रही है। पुलिस उन्हें बार-बार कोतवाली बुलाकर घंटों बैठाती है, उनके साथ बेरहमी से मारपीट कर जुर्म कबूलने का दबाव बना रही है। पुलिस की इस कार्यप्रणाली से पूरे मोहल्ले में डर का माहौल व्याप्त है। भय के कारण हम लोगों का खाना खाना भी हराम हो रहा है।
मालूम हो कि 26 फरवरी को मोहल्ला कूंचा गंगा दरवाजा निवास वृद्ध पुरुषोत्तम कौशल व उनकी पत्नी श्रीमती पुष्पा देवी की हत्या कर दी गई थी। एक पखवारा बीत जाने पर पुलिस अभी तक इस मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। इस घटना के संबंध में डीआईजी हरीश चन्दर ने घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान हत्याकांड का शीघ्र ही खुलासा करने का वादा किया था। मोहल्ले वालों का कहना है कि वे जांच में सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन निर्दोष लोगों को प्रताड़ित करना और जबरन जुर्म कबूल करवाना और पटे से बेरहमी से पीटना बंद किया जाए। उन्होंने मांग की है कि कोतवाली प्रभारी को निर्देशित किया जाए कि वह निर्दोष लोगों को परेशान कर और बेरहमी से पिटाई न करें। शिकायती पत्र पर अजय कौशल, किशन कौशल, सचिन, काजल, सरिता, माया देवी, पिंकी साहित देढ दर्जन लोगों के हस्ताक्षर किय हैं।
पीड़ित किशन कौशल ने बताया कि वह सर्दियों में गजक पट्टी का काम करते हैं वर्तमान में गोल गप्पे बेचते हैं। कोतवाली पुलिस ने उन्हें बुलाया वह तुरंत वहां ठेला छोड़कर पहुंचे। जहां पहले दिन मेरे गालों पर तमाचे मारे और पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। दोबारा बुलाया गया तो डर के बाद भी गया। जहां मुझे पटे से मारा उसके बाद मैने आज तक फिल्मों में देखा था वैसा मेरे साथ व्यवहार किया गया। मेरे पैर के तलवों पर बुरी तरह लाठियां मारी गई। संतोष कोरी ने बताया कि मुझे पुलिस ले गई जहां मुझे पटे से पीटा गया।
नीतीश कौशल उर्फ देव ने बताया कि वह श्यामगेट पर पानी बताशा बेच रहे थे पुलिस बुलाकर ले गई और मेरे साथ मारपीट की गई।
लल्लूराम की मां ने कहा कि उसका बेटा वीपी का मरीज है पानी बताशा बेच कर गुजारा करते हैं वह भी पुलिस के नाम से काफी डरा हुआ है। हम पूछताछ में हर तरह का सहयोग देने को तैयार हैं लेकिन इतनी बेरहमी से मारपीट ना की जाए।



