पसमांदा मुस्लिम समाज का ईद मिलन:काली पट्टी बांध विरोध

फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 21 मार्च।आज सुबह नगर की नई ईदगाह के सामने ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम समाज की जानिब से ईद मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की गई। लोगों को पानी के साथ कोल्ड ड्रिंक का एहतमाम किया गया। ईद की नमाज़ से फारिग होने के बाद नमाजियों ने एक दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।

इस मौके पर डॉ अतुल बाथम, अनिल श्रीवास्तव, नवीन कुमार शाक्य, जगत पाल शाक्य, डॉ महावीर सिंह, अजय कुमार शाक्य, अंकित शाक्य, अजीत कुमार शाक्य, विकास अग्निहोत्री, एडवोकेट लक्ष्मण सिंह, एडवोकेट उदित मिश्रा, संदीप बाथम, संजय बाथम, गौरव कुशवाहा, रोहित कश्यप, इरशाद सैफी, इस्लाम मंसूरी, रिज़वान अहमद ताज, मुजीब अंसारी, इस्लाम चौधरी, नईम सिद्दीकी, जावेद खान बंगश, जीशान कुरैशी, तस्लीम मंसूरी, अशफाक मंसूरी, अदनान शाकिर आदि मौजूद रहे। ईद के इस पावन अवसर पर ईदगाह से लौट रहे नमाजियों को इत्र लगाकर उनसे ईद मिले और मुबारकबाद देते हुए शरबत, कोल्ड ड्रिंक्स, मिठाई और पानी का वितरण किया और गंगा जमुनी तहज़ीब को दर्शाया।

सुनहरी मस्जिद में काली पट्टी के साथ ईद की नमाज

शहर की सुनहरी मस्जिद में ईद-उल-फितर की नमाज अदा की गई, जहां इस बार कुछ अलग नजारा देखने को मिला। नमाज के दौरान कुछ लोग बाजुओं पर काली पट्टी बांधे देखे गए। जिसको उन्होंने इसराइल बा अमेरिका के द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमले विरोध का प्रतीकात्मक संदेश दिया है। मस्जिद में एक युवक ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली हुसैनी खामेनेई की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहने था। नमाज के बाद कुछ लोगों द्वारा नारेबाजी भी की गई, जिसमें अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने की बात कही गई।

इस दौरान मौलाना मोहम्मद अब्बास ने नमाजियों को को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में होने वाले जुल्म और अत्याचार के खिलाफ खड़ा होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह विरोध किसी एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि जहां भी निर्दोष लोगों पर अत्याचार होगा, उसके खिलाफ आवाज उठाई जानी चाहिए।

मौलाना ने कहा कि इसी भावना के तहत इस बार कुछ लोगों ने काली पट्टी बांधकर ईद की नमाज अदा की और सादगी के साथ त्योहार मनाया। उन्होंने यह भी कहा कि उनका संदेश शांति, इंसाफ और मानवता के समर्थन में है। दरगाह हजरत अब्बास पर भी कुछ लोगों ने काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की गई। इस दौरान क्षेत्र में शांति बनी रही। फर्रुखाबाद में ईद का त्योहार जहां एक ओर खुशी और भाईचारे के साथ मनाया गया, वहीं कुछ स्थानों पर वैश्विक मुद्दों को लेकर प्रतीकात्मक विरोध भी देखने को मिला है।

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