आलू किसानों का ज्ञापन राज्यपाल को: कार्रवाई का आश्वासन

फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 8 अप्रैल। आलू किसान बचाओ यात्रा में शामिल लोगों ने आज राज्यपाल को समस्याओं के संबंध में ज्ञापन दिया। आलू किसान बचाओ यात्रा का नेतृत्व कर रहे किसान नेता अशोक कटियार के साथ प्रदेश संयोजक किसान आन्दोलन अजय अनमोल, आलू निर्यातक सुधीर शुक्ला, अध्यक्ष सरदार पटेल युवा वाहिनी अंशुल कटियार, राजीव यादव, संतोष कुमार, अरविन्द राजपूत ,नितिन कुमार , आदेश यादव, आकाश कटियार, राजेंद्र पाल का प्रतिनिधि मंडल लखनऊ राजभवन पहुंचा। जिन्होंने महामहिम राज्यपाल आंनदी बेन पटेल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में महामहिम को अवगत कराया गया कि उत्तर प्रदेश के 2207 शीतगृहों में लगभग 195 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारण है।

इस साल आलू के भाव अत्यधिक कम होने से किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है। आलू किसानों के हित में राहत हेतु उचित क़दम उठाया जाना अति आवश्यक है। राज्यपाल से अनुरोध किया गया कि आलू विकास बोर्ड की स्थापना की जाए, आलू को प्राथमिक विद्यालयों में मिड-डे मील कार्यकम में शामिल किया जाए, शीतगृहों में भंडारित आलू को सरकारी राशन की दूकानों से आलू का वितरण कराया जाए। आलू पर मंडी टैक्स देश के अन्य समस्त प्रांतों की भांति समाप्त किया जाए, चिप्सोना हाइलैंड 3797 श्रीनाथ आदि अच्छी गुणवत्ता वाले आलू बीज को पर्याप्त मात्रा में किसानों को उपलब्ध कराने की ठोस नीति बनाई जाए।

आलू भंडारण शुल्क पर किसानों को अनुदान दिया जाए, फर्रुखाबाद, कानपुर, आगरा, मेरठ, कन्नौज,सम्भल आदि से आलू नेपाल,श्रीलंका, बंगलादेश आदि में निर्यात करने के लिए आवश्यक प्रमाण पत्र फाइटी जिनेट्री लैब( रोग मुक्त) की स्थापना की जाए। आलू आधारित उद्योगों को फर्रुखाबाद, आगरा, सिरसागंज, कन्नौज, कानपुर , लखनऊ, मेरठ, मथुरा, हाथरस, अलीगढ़, बुलंदशहर, बदायूं, आदि जनपदों में प्रोत्साहन दिया जाए। उत्तर प्रदेश शासन में कानपुर के अरौल में प्रस्तावित सेंटर आफ एक्सीलेंस पार्क पोटैटों की स्थापना की जाए, शीतगृहों को कृषि उपज आलू भंडारित करने के आधार पर सस्ती दरों पर विधुत आपूर्ति करने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए। शीतगृहों से हर वर्ष सैकड़ों ट्राली सड़ा कटा हरा छर्री व आलू का मलवा बाहर सड़कों पर फेंका जाता है शीतगृह कैम्पस में ही नेडप कम्पोस्ट यूनिट लगवाने की नीति बनाई जाए।

जैविक खाद बनने से आम जनमानस को प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी और कृषि भूमि स्वास्थ्य में भी सुधार होगा तथा अतिरिक्त आय भी प्राप्त होगी। प्रायोगिक तौर पर कुछ शीतगृहों में आलू चिप्स पाउडर एल्कोहल स्टार्च आटा दवाइयों आदि के बनाने कारखाने उसी कैम्पस में संचालित किया जाए। आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर सरकारी खरीद की जाए, आलू को राशन की दुकानों के माध्यम से प्रति राशन कार्ड 25 किलो प्रतिमाह वितरित कराया जाए। जनपद फर्रुखाबाद में औद्योगिक क्षेत्र खिमसेपुर में आलू आधारित उधोग स्थापित करने पर विशेष प्रोत्साहन पैकेज दिया जाए। राज्यपाल ने आलू किसानों की समस्याओं पर चिंता प्रकट करते हुए आश्वासन दिया कि उद्यान मंत्री से बात करके कुछ न कुछ रास्ता अवश्य निकालेंगे।

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