श्रमिकों की लाभकारी योजनाये: अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस

फर्रुखाबाद (एफडी न्यूज़) 1 मई। आज अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट में सांसद मुकेश राजपूत की अध्यक्षता में भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में श्रमिकों के हितलाभ वितरण, श्रमिक पंजीयन एवं जागरूकता गोष्ठी हुई। इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ0अंकुर लाठर, मुख्य विकास अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष , जिला विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, व्यापारीगण एवं व्यापार मंडल के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर लखनऊ में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी देखा गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद मुकेश राजपूत ने कहा कि श्रमिक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने उपस्थित व्यापारियों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रमिकों का अधिक से अधिक पंजीयन प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएमएसवाईएम) योजना के अंतर्गत कराएं। जिससे श्रमिकों को सरकार द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके।

जिलाधिकारी ने श्रम विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद में निर्माण स्थलों पर विशेष पंजीयन शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक निर्माण श्रमिकों का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा पात्र श्रमिकों को योजनाओं से आच्छादित करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितलाभ वितरण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ ही विभिन्न उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्रमिक कल्याण से संबंधित योजनाओं की जानकारी भी दी गई तथा श्रमिकों को उनके अधिकारों एवं उपलब्ध सुविधाओं के प्रति जागरूक किया गया। लोगो को अवगत कराया गया कि श्रम विभाग उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में उ0 प्र० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के कल्याणार्थ निम्नलिखित योजनाएं संचालित करता है।

1- मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना:-

देय हितलाभ

* मातृत्व हितलाभ में पंजीकृत कामगारों को रु 6,000/- एकमुश्त देय।

* महिला कर्मकार को संस्थागत प्रसव की स्थिति में 3 माह के न्यूनतम वेतन के समतुल्य धनराशि तथा रू.1,000/ चिकित्सा बोनस के रूप में देय।

* महिला श्रमिक को गर्भपात होने की दशा में 06 सप्ताह के समतुल्य तथा नसबन्दी कराये आने पर 02 सप्ताह के समतुल्य न्यूनतम वेतन।

* शिशु के पुत्र होने की दशा में एकमुश्त 20,000 रुपए तथा पुत्री होने पर 25,000 रुपये प्रति शिशु की दर से देय होगा।

* परिवार में पहली सन्तान बालिका होने अथवा दूसरी सन्तान के भी बालिका होने की दशा अथवा कानूनी रूप से गोद ली गयी बालिका की दशा में रू. 25,000 की सावधि जमा। जन्म से दिव्यांग बालिका की दशा में रु. 50,000 की सावधि जमा। परिपक्वता राशि बालिका के 18 वर्ष की आयु तक अविवाहित रहने की दशा में ही देय होगी। शर्त पूर्ण न होने पर कोई भी राशि देय नहीं।

2-संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना (RSPY):-

* केवल दो बच्चों तक ही हितलाभ देय।

* कक्षा 1 से 5 तक रू. 2000/- एकमुश्त, 6 से 10 तक रु. 2500/- एकमुश्त, कक्षा 11 व 12 रु. 3000/- एकमुश्त देय।

* कक्षा 9, कक्षा 10, कक्षा 11 एवं कक्षा 12 उत्तीर्ण कर अगली कक्षा में प्रवेशित एवं शिक्षारत होने पर विद्यालय जाने हेतु निर्माण श्रमिक के पुत्र / पुत्रियों को केवल एक बार ही साइकिल क्रय किये जाने हेतु प्रदान की जाने वाली सब्सिडी अनुमन्य।

* स्नातक पाठ्यक्रम या उसके समकक्ष रू. 12000/- एकमुश्त देय।

* आई० टी० आई०, पॉलिटेक्निक, Vocational course रु. 12000/- एकमुश्त देय।

* हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा 70 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण करने तथा अगली कक्षा में प्रवेश लेने की स्थिति में प्रोत्साहन के रूप में बालकों को रू. 5000/- एवं बालिकाओं को रु. 8000/- अतिरिक्त धनराशि एकमुश्त देय।

3-अटल आवासीय विद्यालय योजना:-

* इस योजना का मूल उद्देश्य भवन एवं अन्य सन्निर्माण प्रक्रियाओं में कार्यरत लाभार्थी पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों एवं कोरोना काल में निराश्रित हुए बच्चों (महिला कल्याण विभाग, लखनऊ से प्राप्त सूची के आधार पर) तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के लिए पात्र बच्चों को कक्षा 6 से 12 तक की निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराना है।

* कोरोना काल में निराश्रित हुए बच्चों (महिला कल्याण विभाग) लखनऊ से प्राप्त सूची के आधार पर तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के लिए पात्र बच्चों एवं ऐसे अद्यतनीकृत रूप से विधिवत पंजीकृत निर्माण श्रमिक जो पंजीयन के उपरान्त कम से कम 03 वर्ष की सदस्यता अवधि पूर्ण कर चुके हो उनके बच्चे पात्र।

* योजना के अन्तर्गत पंजीकृत कामगार परिवार के अधिकतम 02 बच्चे विद्यालय में अध्ययन करने हेतु पात्र।

4-कन्या विवाह सहायता योजना:-
* इस योजना में श्रमिकों की पुत्रियों के विवाह हेतु रु 55000/एवं अंतरजातीय विवाह में 61000/प्रति विवाह अनुदान दो पुत्रियों के विवाह हेतु एवं सामुहिक विवाह की स्थिति में 65000/ का अनुदान एवं वर वधु की पोशाक हेतु रु 10000/देय।

5- महात्मा गांधी पेंशन योजना:-

* प्रत्येक पात्र श्रमिक को प्रतिमाह की दर से 1,000/- की धनराशि देय है।

* लाभार्थी श्रमिक की मृत्यु होने की दशा में पेन्शन की धनराशि उसकी पत्नी / पति, जैसी भी स्थिति हो, को देय होगी।

* पेन्शन राशि में प्रत्येक 02 वर्ष बाद रू.50 की वृद्धि, जो अधिकतम रू1250 तक होगी।
* 6- गम्भीर बीमारी सहायता योजना:-
* सरकारी / स्वायत्तशासी चिकित्सालयों अथवा SACHIS के इम्पैनल्ड चिकित्सालयों में इलाज कराने पर आयुष्मान भारत योजना में देय हितलाभ के समतुल्य राशि पूर्ण प्रतिपूर्ति।
* * चिकित्सा/शल्यक्रिया में चिकित्सालय द्वारा इलाज का इस्टीमेट दिये जाने पर चिकित्सालय को अग्रिम राशि का भी भुगतान किया जा सकता है।

7. निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना:-

* पंजीकृत श्रमिक की दुर्घटना के फलस्वरूप मृत्यु की स्थिति में रूपये 05 लाख की धनराशि 5 वर्ष तक मासिक किश्तों में देय एवं रूपये 25,000/- की धनराशि अन्त्येष्टि सहायता हेतु एकमुश्त देव।
* पंजीकृत श्रमिक की सामान्य मृत्यु की स्थिति में रूपये 02 लाख की धनराशि 2 वर्ष तक मासिक किश्तों में देय एवं रूपये 25,000/- की धनराशि अन्त्येष्टि सहायता हेतु एकमुश्त देय।
* अपंजीकृत निर्माण श्रमिक की कार्य स्थल पर हुई दुर्घटना के फलस्वरूप मृत्यु की स्थिति में रूपये 01 लाख की धनराशि एवं रूपये 25,000/- की धनराशि अन्त्येष्टि सहायता हेतु एकमुश्त देय।
* पूर्ण 100 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में रूपये 04 लाख की धनराशि 4 वर्ष तक मासिक किश्तों में देय।

* 50 प्रतिशत से अधिक स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में रूपये 03 लाख की धनराशि 3 वर्ष तक मासिक किश्तों में देय।

* 25 प्रतिशत से अधिक स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में रूपये 02 लाख की धनराशि 2 वर्ष तक मासिक किस्तों में देय।

# सभी योजनाओं का लाभ केवल पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिये ही है। अंशदान नियमित रूप से जमा करायें। अंशदान जमा न होने पर कोई हितलाभ देय नहीं होगा।
2. किसी पंजीकृत श्रमिक के 18 वर्ष से कम आयु के पुत्र/पुत्री के श्रमिक के रूप में कार्य करते पाए जाने पर सहायता नहीं दी जाएगी तथा पूर्व में दी गई सहायता वापस ली आ सकती है।
3. किसी भी दलाल को कोई पैसा न दें। यदि कोई व्यक्ति लाभ दिलाने के लिये पैसे की मांग करता है तो तत्काल उसकी शिवण्यत् उप श्रमायुक्त / स्थानीय श्रम कार्यालय/जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी से करें।

* श्रमिक पंजीकरण हेतु पात्रता एवं प्रक्रिया:-

1. पंजीयन हेतु निर्माण श्रमिक की आयु 18 वर्ष से अधिक किन्तु 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।

2. पंजीकरण के समय श्रमिक को गत 12 माह में कम से कम 90 दिन तक निर्माण श्रमिक के रूप में कार्य किया जाना अनिवार्य है।

3. पंजीयन शुल्क रु 20/- तथा वार्षिक अंशदान ₹० 20/- प्रतिवर्ष देय है।

4. निर्माण श्रमिक एक साथ 03 वर्ष का अंशदान रू. 60/- जमा करा सकते हैं।

5. पंजीयन के समय आधारकार्ड तथा पासपोर्ट साइज फोटो आवश्यक है।

6.- CSC. विदिष्ट सेन्टर CSC egov सेन्टर एवं बोर्ड की वेबसाइट (upbocw.in) से पंजीयन करा सकते है

निम्नलिखित कार्य करने वाला श्रमिक निर्माण श्रमिक माना जाएगा।

1. बेल्डिंग का कार्य

2. बढ़ई का कार्य

3. कुआँ खोदना

4. रोलर चलाना

5. छप्पर डालने का कार्य

6. राजमिस्त्री का कार्य

7. प्लम्बरिंग

8. लोहार

9. मोजैक पॉलिश

10. सड़क बनाना

11. मिक्सर चलाने का कार्य

12. पुताई

13. इलेक्ट्रिक वर्क

14. हथौड़ा चलाने का कार्य

15. सुरंग निर्माण

16. टाइल्स लगाने का कार्य

17. कुएं से तलछट हटाने का कार्य

18. चट्टान तोड़ने का कार्य या खनिकर्म

19. मार्बल एवं स्टोन वर्क

20. वर्क-सड़क निर्माण से सम्बन्धित स्प्रे वर्क या मिक्सिंग

21. मिट्टी का काम

22. सभी प्रकार के पत्थर, तोड़ने व पीसने का कार्य

23. निर्माण स्थल पर लिपिकीय व लेखा कार्य करने वाले कर्मकार

24. सीमेन्ट, कंकरीट, ईट ढोने का कार्य करने वाले

25. चूना बनाना

26. बाढ़ प्रबन्धन

27. ठंडा व गरम मशीनरी की स्थापना व मरम्मत

28. अग्निशमन प्रणाली की स्थापना व मरम्मत

29. बडे यांत्रिक कार्य – मशीनरी, पुल का निर्माण का कार्य

30. मकानों/भवनों की आन्तरिक सज्जा का कार्य

31. खिड़की, ग्रिल, दरवाजे आदि की गढ़ाई व स्थापना का कार्य

32. माड्यूलर किचन की स्थापना

33. सामुदायिक पार्क या फुटपाथ निर्माण

34. ईट भट्ठों पर ईट निर्माण कार्य

35. मिट्टी, बालू, मौरंग खनन कार्य

36. सुरक्षा द्वार व अन्य उपकरणों की स्थापना का कार्य

37. लिफ्ट व स्वचालित सीढी की स्थापना का कार्य

38. सीमेन्ट, ईट आदि ढोने का कार्य

39. चौकीदारी-निर्माण सथल पर सुरक्षा प्रदान करने के लिये

40. बांध, पुल, सड़क निर्माण या भवन निर्माण से सम्बन्धित कोई संक्रिया।

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