पुलिस ने सपा नेताओं की भीड़ को राजेपुर जाने से रोका: 7 को मिली अनुमति

फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 12 मई। सपा नेताओं के हुजूम ने चाचूपुर पीड़ित परिवार के यहां जाने का प्रयास किया, पुलिस ने नेताओं को सपा कार्यालय में एक घंटे तक रोके रखा। एसपी की अनुमति से आधा दर्जन नेताओं को जाने की अनुमति मिली। आज जिला कार्यालय पर प्रतिनिधि मण्डल के सदस्य एकत्रित हुए। कार्यालय पर सीओ सिटी, क्षेत्राधिकारी ऐश्वर्या उपाध्याय के नेतृत्व में भारी पुलिस बल लगाकर सभी को रोक लिया गया। इस दौरान कार्यालय में काफी गहमागहमी रही, करीब एक एक घंटे तक सपा नेताओं एवं क्षेत्राधिकारी से पीड़ित परिवार के यहां जाने व जाने से रोकने पर बातचीत होती रही।

सपा नेता घटना स्थल पर जाने पर अड़े रहे। इसी दौरान पुलिस अधीक्षक ने जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव से फोन पर वार्ता की और सभी नेताओं के अपने कार्यालय बुलाया। पुलिस अधीक्षक ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदेश कार्यालय से नामित प्रतिनिधि मण्डल के आधा दर्जन सदस्यों को ही जाने की अनुमति दी। जिनमें जिलाध्यक्ष चन्द्रपाल सिंह यादव, महासचिव इलियास मंसूरी,श्रीमती उर्मिला राजपूत,डॉ० नवल किशोर शाक्य,डॉ० जितेन्द्र सिंह यादव डॉ०जे०पी० सिंह वर्मा एवं उदय प्रताप यादव उर्फ भोला शामिल रहे। क्षेत्राधिकारी एवं भारी पुलिस बल की कड़ी निगरानी में सिर्फ नामित सदस्य ही पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे।

सपा नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान पाया कि मृत पीड़ित परिवार की तहरीर भी पुलिस को नहीं मिल पाई है, सपा नेताओं ने अपने सामने ही पीड़ित परिवार की तहरीर क्षेत्राधिकारी को दिलवाई। पुलिस अधीक्षक ने आश्वासन दिया कि निष्पक्ष तरीके से जांच होगी और पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा। पार्टी कार्यालय में प्रदेश सचिव मनोज मिश्रा, विधानसभा अध्यक्ष अमृतपुर, उदय प्रताप सिंह भोला यादव, जिला उपाध्यक्ष अजीत यादव, जिला प्रवक्ता राधेश्याम सविता, जिला सचिव विनीत परमार, विधानसभा प्रभारी सदर पवन कठेरिया, वरिष्ठ नेता रामशरण कठेरिया, सभासद मुदस्सिर खां, जिलाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ अरविंद कश्यप, जिला अध्यक्ष सयुस शिवम यादव आदि अन्य सैकड़ों पदाधिकारी साथी मौजूद रहे।

मालूम हो कि बीते दिनों चाचूपुर जटपुरा निवासी बालक राम राजपूत के युवा पुत्र बृजेश का शव पुलिया के नीचे नाले में मिला था। पोस्टमार्टम में उजागर हुआ था कि बृजेश की मौत पसली टूटने के कारण हुई है। बृजेश को मार डालने का भ्रामक प्रचार किया गया।

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