डीएम डॉ लाठर बोली: मां जीवन की प्रथम गुरु: सीपी कालेज में मातृ दिवस

फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 13 मई। सीपी इंटरनेशनल स्कूल में मातृ दिवस के पावन अवसर पर एक भव्य, सांस्कृतिक एवं भावनात्मक समारोह का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मनोहारी एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों को भावविभोर कर दिया। विद्यालय परिसर प्रेम, सम्मान, स्नेह एवं मातृत्व भावनाओं से वशीभूत दिखाई दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर एवं विद्यालय प्रबंधन द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से ज्ञान, प्रेम, स्नेह एवं संस्कारों की ज्योति प्रज्वलित की गई।

विद्यालय परिवार द्वारा मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं हार्दिक अभिनंदन किया गया। स्वागत भाषण के माध्यम से अतिथियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना नृत्य ने वातावरण को भक्तिमय एवं सौम्य बना दिया। ‘लिटिल स्टार’ के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने अपनी माताओं को समर्पित प्रस्तुति देकर सभी का हृदय स्पर्श कर लिया। “हमारी दूसरी माताओं को समर्पित प्रस्तुति” के माध्यम से शिक्षिकाओं के प्रति आदर एवं कृतज्ञता प्रकट की गई।

“मातृत्व भावना का उत्सव” शीर्षक प्रस्तुति में विद्यार्थियों ने मां के त्याग, वात्सल्य एवं समर्पण को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से मंचित किया। “हृदय की अभिव्यक्तियाँ” कार्यक्रम के अंतर्गत अभिभावकों ने अपने विचार साझा करते हुए विद्यालय के सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों की सराहना की। “काव्यांजलि – माँ : सबसे पवित्र प्रेम” ने समस्त वातावरण को भावनाओं से सराबोर कर दिया। वहीं नुक्कड़ नाटक “स्पर्श : एक अनुभूति” के माध्यम से मां और संतान के अटूट भावनात्मक संबंध को सशक्त रूप में प्रस्तुत किया गया। “माँ के बिना जीवन” नामक मंच प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को भावुक कर दिया।

विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत संगीतमय श्रद्धांजलि “तू कितनी अच्छी है माँ” तथा शिक्षकगणों द्वारा प्रस्तुत गीत “मैं तेरा लाडला” कार्यक्रम के विशेष आकर्षण रहे। इसके अतिरिक्त आनंदमयी लय, मनमोहक प्रस्तुतियों एवं माताओं के लिए आयोजित विशेष गतिविधियों ने समारोह को अविस्मरणीय बना दिया। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि “माता जीवन की प्रथम गुरु एवं संस्कारों की आधारशिला होती हैं। मां का स्नेह, त्याग एवं समर्पण समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है। ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति एवं पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विद्यालय की निदेशक डॉ. मिथिलेश अग्रवाल ने कहा कि “मातृ शक्ति समाज एवं परिवार की आत्मा है। विद्यालय सदैव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनमें नैतिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन हेतु निरंतर प्रयासरत है। मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीमती ज्योत्सना अग्रवाल ने कहा कि “मां का प्रेम संसार का सबसे पवित्र, निस्वार्थ एवं अनमोल उपहार है। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने मातृत्व की गरिमा एवं ममत्व की भावनाओं को अत्यंत सुंदर ढंग से अभिव्यक्त किया।”
निदेशक श्रीमती अंजू राजे ने कहा कि “विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों एवं मानवीय मूल्यों के संवर्धन को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, सम्मान एवं पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं।

प्रधानाचार्य डॉ. पी. रथ ने कहा कि “मां के त्याग, प्रेम एवं समर्पण का मूल्य शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। विद्यार्थियों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने सभी को भावविभोर कर दिया।
उपप्रधानाचार्य नवीन शाक्य ने कहा कि “सांस्कृतिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उन्हें भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से आत्मीय रूप से जोड़ने का कार्य करती हैं।”
अंत में प्राइमरी विंग की इंचार्ज शिवानी दीक्षित द्वारा सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का गरिमामयी समापन हुआ।

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