डॉ सुबोध यादव ने सब रजिस्टार व ऑपरेटर पर दर्ज कराई धोखाधड़ी की रिपोर्ट

फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज) 13 मई। सपा नेता डॉक्टर सुबोध यादव ने अदालत के माध्यम से सब रजिस्टर व ऑपरेटर के विरुद्ध धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मऊ दरवाजा थाना पुलिस ने जय नरायन वर्मा रोड निवासी डा सुबोध यादव की ओर से दर्ज की गई रिपोर्ट में तहसील सदर के उप निबंधक रविकान्त व नगर के मोहल्ला बागकूंचा 5/48 प्रदीप सक्सेना पुत्र मुन्नालाल कम्प्यूटर ऑपरेटर निबंधन सदर को आरोपी बनाया है। दर्ज कराई रिपोर्ट में डॉक्टर सुबोध यादव ने कहा है कि प्रार्थी ने गाटा संख्या 978/0.8660 स्थित ग्राम सकवाई तहसील सदर की संक्रमणीय भूमिधर से 24/12/2018 को पेट्रोल पम्प हेतु रजिस्टर्ड किरायानामा राजेश कुमार पुत्र रमेश चन्द्र निवासी ग्राम पखना, ब्लाक मोहम्मदाबाद को किया था।

उसके पश्चात 25/03/2019 को इंडियन ऑयल कम्पनी की शर्तों के अनुरूप उपरोक्त किराएनामे में संशोधन रजिस्टर्ड कराया था। जिसके पश्चात स्टेट हाई-वे 29 को नेशनल हाई-वे में परिवर्तित कर दिया गया। स्टेट हाई-वे से नेशनल हाई-वे परिवर्तन के कारण इंडियन ऑयल कालि द्वारा किराऐनामे में ज्यादा भूमि उपलब्ध
कराने के लिए किराएनामे में संशोधन को कहा गया। प्रार्थी की उक्त जमीन वाद संख्या 610/2022 सरकार बनाम रामेश्वर सिंह यादव अंतर्गत धारा 14 (1) गिरोहबन्द अधिनियम एवं असमाजिक क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 के अंतर्गत 18/10/2022 को जिलाधिकारी एटा ने कुर्क करते हुए जिलाधिकारी फर्रुखाबाद को प्रशासक नियुक्ति करने हेतु कहा गया था। उसके पश्चात प्रार्थी ने संशोधन हेतु मना कर दिया था। परंतु राजेश कुमार द्वारा लगातार अनुरोध करने व लीगल नोटिस देने के पश्चात प्रार्थी ने उपरोक्त किराएनामे में 12/12/2025 को भूमि बढ़ाने का संशोधन किया गया, न ही भूमि की बिक्री और न ही स्थानान्तरित की गयी। सिर्फ पूर्व पंजीकृत किरायनामा संशोधित किया गया।

इस सम्बंध में 15/12/25 को राजेश कुमार और उनके अधिवक्ता द्वारा जिलाधिकारी से व्यक्तिगत मिलकर और प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया कि किराएनामे में जो धनराशि अंकित है, पेट्रोल पम्प चालू होने के उपरान्त, जो धनराशि मैं डा सुबोध यादव को न देकर प्रशासक के यहां गैंगेस्टर रजिस्टर में प्रतिमाह जमा करता रहूंगा। इसके बाद प्रार्थी द्वारा 12/12/2025 को किया गया संशोधन भी दिनांक 22/12/2025 को वही संख्या 1 जिल्द संख्या 14570 पृष्ठ 203 से 212 तक क्रमांक 19239 पर पंजीकृत है, उपनिबंधक के समक्ष प्रस्तुत होकर निरस्त करा दिया गया। निरस्त होने के पश्चात दिनांक 12/12/2025 को किया गया दस्तावेज औचित्यहीन है।

इस सम्बंध में अवगत कराना है कि प्रार्थी के राजनैतिक विरोधियों ने उपनिबंधक अधिकारी सदर फर्रुखाबाद रविकान्त तथा कम्प्यूटर ऑपरेटर निबंधन विभाग सदर फर्रुखाबाद प्रदीप सक्सेना से साज, धोखाधड़ी, कूटरचना, छल व प्रतिरूपण कर प्रार्थी द्वारा 12/12/2025 को पंजीकृत कराए गए संशोधित किरायानामा जो कि वही संख्या 1 जिल्द संख्या 14552 पृष्ठ 285 से 296 तक क्रमांक 18728 पर पंजीकृत है, के पृष्ठ संख्या 4 पर पैरा संख्या 8 में जहां पर प्रार्थी ने यह लिखा था कि, यह कि पूर्व निष्पादित पट्टा विलेख/किरायानामा 24/12/018 की पैमाइश / क्षेत्रफल जोड़कर पूर्व से पश्चिम 45 मीटर व उत्तर से दक्षिण 40 मीटर, कुल क्षेत्रफल 1800 वर्गमीटर होगी।

उक्त पैरा में उपनिबंधक सदर रविकान्त व प्रदीप सक्सेना तथा उनके साथ अन्य षड्यंत्रकारी लोगों ने प्रार्थी को झूठे अपराध में फंसाने हेतु साज, षड्यंत्र, कूटरचना, छल व प्रतिरूपण कर प्रार्थी के द्वारा 12/12/2025 को पंजीकृत उक्त संशोधित किरायानामा / पट्टा विलेख को कम्प्यूटर से स्कैन कपी के पृष्ठ संख्या 4 का प्रिन्ट निकालकर उसके पैरा संख्या 8 में एक लाइन बढ़ाई गयी। उक्त सम्पत्ति पर कोई वाद न्यायालय में लम्बित नहीं है और न ही सम्पत्ति कुर्क की गयी है ये लाइन बढ़ाने के उपरान्त उसको पुनः स्कैन कर अपलोड किया गया। यह बात मुझे 05/01/2026 को प्रमाणित प्रति निकलवाने के पश्चात ज्ञात हुई। इस सम्बंध में आपको अवगत कराना है कि प्रार्थी के पास मूल रजिस्टर्ड किरायानामा है, उसमें यह बात अंकित नहीं है। सब रजिस्टार रविकांत यादव ने एफबीडी न्यूज को बताया की डॉ सुबोध यादव के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं उन्होंने दबाव बनाने के लिए झूठा मुकदमा लगाया है।

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