डीएम ने जल परियोजना कम्पनी ब्लैकलिस्ट की: अधिशासी अभियंता को नोटिस

फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 18 मई। जिलाधिकारी ने हर घर जल परियोजना की कंपनी को लापरवाही के आरोप में ब्लैक लिस्टेड कर दिया और आइजीआरएस की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी कर दिया।
जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आज जल निगम शहरी एवं जल निगम ग्रामीण द्वारा जनपद में संचालित विभिन्न पेयजल एवं सीवर परियोजनाओं की समीक्षा बैठक हुई । बैठक में जनपद में चल रही परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जल निगम शहरी के अंतर्गत आवास विकास में संचालित 24×7 वाटर सप्लाई पायलट प्रोजेक्ट, कैंट एरिया वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट, शमसाबाद वाटर सप्लाई स्कीम तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शमसाबाद में निर्माणाधीन सीवर एवं एस०टी०पी० प्रोजेक्ट की समीक्षा की।

डीएम ने अधिशासी अभियंता जल निगम शहरी को निर्देशित किया कि जिन कार्यदायी संस्थाओं द्वारा परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण नहीं किया जा रहा है, उनके विरुद्ध नियमानुसार पेनाल्टी की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पाइपलाइन डालने हेतु खोदे गए गड्ढों को कार्य पूर्ण होते ही तत्काल बंद कराया जाए, जिससे आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने जल निगम ग्रामीण के अंतर्गत “हर घर जल” परियोजना के तहत कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान जनपद में कार्यरत वी०टी०एल० गजा एवं जीवीपीआर कंपनी द्वारा कराए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण ने अवगत कराया गया कि वी०टी०एल० गजा कंपनी द्वारा 154 ओवरहेड टैंकों के सापेक्ष 151 टैंकों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया, जबकि जीवीपीआर कंपनी द्वारा 227 टैंकों के सापेक्ष मात्र 69 टैंकों का निर्माण पूर्ण किया है। इस धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि जी०वी०पी०आर० कंपनी को ब्लैकलिस्ट किए जाने हेतु शासन को पत्र प्रेषित किया जाये। साथ ही जिन परियोजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, उनमें नियमित रूप से पेयजल आपूर्ति प्रारंभ कराई जाए। बैठक में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जल निगम ग्रामीण से संबंधित शिकायतों पर 23 प्रतिशत असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त होने पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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