फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़)16 अगस्त। अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा के तत्वावधान में आज अनंत होटल में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की अमर सेनानी वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की 195वीं जन्म जयंती भव्य रूप से मनाई गई। कार्यक्रम में समाज के लोगों ने रानी अवंतीबाई के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर उनके अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम की
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं महासभा के प्रदेश प्रचार मंत्री फतेहचंद वर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने मातृभूमि की रक्षा और स्वाधीनता के लिए अंग्रेजों से डटकर मुकाबला किया और अपने प्राणों की आहुति दे दी। 
उनका जीवन संपूर्ण राष्ट्र और युवा पीढ़ी के लिए त्याग, शौर्य और स्वाभिमान की निरंतर प्रेरणा है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में पुरुषोत्तम वर्मा ने समाज को संगठित होकर रानी अवंतीबाई के आदर्शों पर चलने और शिक्षा व सामाजिक उत्थान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। अध्यक्षता अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा के जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम वर्मा ने तथा संचालन जिला महामंत्री संदेश राजपूत ने किया। 
कार्यक्रम में कौशलेन्द्र राजपूत (जिला अध्यक्ष, युवा इकाई अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा) सुमन राजपूत (जिला अध्यक्ष, महिला मोर्चा) विशेष अतिथि के रूप में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सौभाग्यवती राजपूत, किसान नेता अरविंद राजपूत, पवन राजपूत, नंदराम राजपूत, अनुज राजपूत, सत्यवीर राजपूत, जिला महामंत्री रजनेश राजपूत सन्तोष राजपूत, विनोद राजपूत, सोबरन राजपूत, आलू आढ़ती रामलडैते राजपूत, कमलेश राजपूत, शैलेन्द्र राजपूत, जेडी राजपूत, जनार्दन दत्त सिंह राजपूत, प्रतिभा राजपूत, लक्ष्मी राजपूत आदि लोग उपस्थित रहे।
सर्व समाज का कार्यक्रम
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व सभासद श्याम सुंदर उर्फ लल्ला वर्मा ने ठंडी सड़क स्थित होटल में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की 195 जयंती मनाई। कार्यक्रम में पूर्व सभा श्याम सुंदर उर्फ लल्ला वर्मा द्वारा सर्व समाज के लोगों को आमंत्रित किया गया।कार्यक्रम की मुख्य बात यह रही कि कार्यक्रम में सभी जाति धर्म के लोग मौजूद रहे। सभी जाति धर्म के लोगों को महारानी अवंतीबाई लोधी के गौरवशाली इतिहास के बारे में बताया गया, जिसमें सभी सर्व समाज के लोगों को महारानी के इतिहास के बारे में जानने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ।

महारानी रानी अवंती बाई ने देश के लिए बलिदान दिया था ना कि किसी जाति विशेष के लिए। इसी लिए श्याम सुंदर लल्ला द्वारा जनपद में पहला कार्यक्रम रखा गया जिसमें विभिन्न जाति धर्म के लोग आमंत्रित किए गए। उनको महारानी अवंती बाई के इतिहास के बारे में संक्षेप रूप में बताया गया। सर्व समाज के लोगों ने काफी प्रशंसा की कार्यक्रम को लेकर। जनपद का पहला ऐसा कार्यक्रम रखा गया है जिसमें किसी महान क्रांतिकारी के बारे में बताया गया।
महारानी अवंती बाई ने अंग्रेजों से लोहा लेने का काम किया है वह देश की आजादी के लिए लड़ते-लड़ते अपने प्राणों की आहुति दे दी। 
इसी प्रकार सभी लोगों को जाति धर्म से उठकर अपने देश हित में कार्य करना चाहिए श्याम सुंदर लल्ला ने यह जानकारी देते हुए मीडिया को बताया कि मैंने महिला सशक्तिकरण की भी बात कही। जिसमें महिलाओं को समाज में आगे बढ़कर कार्य करने के लिए कहा । वीरांगना अवंती बाई लोधी की प्रतिमा लगाने के सर्व समाज के सामने प्रतिमा लगाने की बात रखी। प्रतिमा लगाने के लिए सर्व समाज मिलकर प्रयास करेगा और जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी करेगा।
कार्यक्रम में मानवाधिकार प्रदेश अध्यक्ष धीरज पांडे, फर्रुखाबाद विकास मंच के अध्यक्ष भईयन मिश्रा, प्रदेश सचिव संजय कटियार, सभासद विश्वनाथ राजपूत , शिवम् वर्मा प्रत्याशी जिला पंचायत सदस्य, सभासद अतुल शंकर दुबे, पूर्व सभासद कृष्णा कांत कटियार , राष्ट्रीय सचिव अपना दल सुरजीत कटिहार, अध्यक्ष सुरक्षा संगठन गौरव यादव, सभासद बाबू अभिनेत्री, महादेव राजपूत, जौहरी लाल राजपूत एवं जनपद के कई सम्मानित जन मौजूद रहे।कार्यक्रम में सभासद विश्वनाथ राजपूत आदि लोग मौजूद रहे। समाज के लोगों ने आज जयंती पर वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी को याद किया। लेकिन किसी ने भी नाला बघार पर स्थापित होने के लिए रखी 17 लाख रुपए कीमती रानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा की ओर ध्यान तक नहीं दिया।
मूर्ति की स्थापना के लिए बेकरार विक्रांत सिंह उर्फ राना ठेकेदार ने बताया कि उन्होंने करीब ढाई वर्ष पूर्व रानी अवंती बाई की मूर्ति बनवाई थी। लेकिन सांसद की अडंगेबाजी के कारण अभी तक मूर्ति की स्थापना नहीं हो सकी है। वह मूर्ति की स्थापना के लिए भरसक प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने इस बात पर अफसोस जाहिर किया कि समाज के लोगों ने भी मूर्ति की स्थापना में सहयोग करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। यदि समाज एकजुट हो जाए तो मूर्ति की स्थापना को कोई रोक नहीं सकता।

