गलत इंजेक्शन से महिला की मौत पर हंगामा, नर्सिंग होम सील

फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 23 मई। नगर के नर्सिंग होम में इंजेक्शन लगने के बाद महिला की हुई मौत पर हंगामा मचाया गया। प्रशासन ने नर्सिंग होम को सील कर दिया। कादरी गेट थाना क्षेत्र के एस एस नर्सिंग होम में शनिवार कस्बा राजेपुर निवासी अश्विनी की 26 वर्षीय पत्नी श्वेता राठौर को पित्त की थैली में पथरी के ऑपरेशन के लिए शुक्रवार को भर्ती कराया गया। आज सुबह महिला को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया, ऑपरेशन शुरू होने से पहले ही उसकी हालत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। महिला की मौत की सूचना मिलने पर सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार डिप्टी सीएमओ के साथ नर्सिंग होम पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के अभिलेखों की जांच कर महिला की बीएसटी सहित आवश्यक दस्तावेज कब्जे में लिए। जांच के दौरान ऑपरेशन ओटी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली।

इसी दौरान नर्सिंग होम में मौजूद कुछ लोग वहां पहुंच गए और अस्पताल के पंजीकृत होने की बात कहते हुए कार्रवाई न करने का दबाव बनाने लगे। तभी सीएमओ और अस्पताल पक्ष लोगों के बीच कहासुनी हुई, गर्मागर्मी में बदल गई। बताया गया कि सीएमओ को अस्पताल से बाहर निकलने से रोकने का भी प्रयास किया गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।

दबंग लोगों ने सीएमओ के वाहन रोकने का रोकने की कोशिश की। पुलिस ने किसी तरह लोगों को हटाकर सीएमओ के वाहन को निकलवाया। उस समय महिला का शव नर्सिंग होम के बाहर रखा था। सीएमओ के वापस जाने के बाद मामले की जानकारी डीएम को दी गई। उसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार, सीओ सिटी अभय वर्मा और स्वास्थ्य विभाग की टीम दोबारा नर्सिंग होम पहुंची। जांच के बाद पहले ऑपरेशन थिएटर और प्रथम तल के कमरों को सील किया गया, फिर भूतल पर मौजूद कमरों को भी सील कर दिया गया। बाद में मुख्य गेट पर सील लगाकर पूरे नर्सिंग होम को बंद कर दिया गया।

कार्रवाई के दौरान अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ डटी रही। सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर पुलिस ने भीड़ को हटाया। कादरी गेट थाना पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि श्वेता की मौत गलत इंजेक्शन लगाए जाने से हुई है। उसका शरीर काला पड़ गया था। नर्सिंग होम संचालक राहुल राजपूत ने बताया कि महिला को ऑपरेशन की तैयारी के दौरान अचानक घबराहट हुई, बीपी डाउन हो गया, कार्डियक अटैक पड़ने से उसकी मौत हो गई। बताया गया की बेहोशी वाले डॉक्टर के मौजूद न होने के कारण झोला छाप ने महिला को बेहोशी का इंजेक्शन लगाया था।

सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने मीडिया को बताया कि निरीक्षण के दौरान अस्पताल में जरूरी मेडिकल मानकों का पालन नहीं पाया गया। ओटी और नर्सिंग होम को गंभीर खामियां मिलने पर सील किया गया। डॉक्टर विपिन सिंह, डॉक्टर ओमप्रकाश व डॉक्टर कृतिका कटियार की टीम ने वीडियो ग्राफी के दौरान शव का पोस्टमार्टम किया है। पीएम से फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका, बिसरा सुरक्षित किया गया।

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