डीएम ने गठित की जांच कमेटी: महिला मरीज की मौत के मामले में

फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 23 मई। जनपद फर्रुखाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की सुरक्षा तथा निजी चिकित्सालयों के संचालन में निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा सतत निरीक्षण एवं निगरानी की कार्रवाई की जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा अवनेंद्र ने यह जानकारी देते हुए मीडिया को बताया इसी क्रम में आज एस०एस० हॉस्पिटल, निकट मसेनी चौराहा में उपचार के दौरान महिला मरीज श्वेता पत्नी की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई। प्रकरण को जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर द्वारा गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए तत्काल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश प्रदान किए गए।

जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया। जिसमें क्षेत्राधिकारी नगर के साथ कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी से उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० आर०सी० माथुर एवं डॉ० दीपक कटारिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी सम्मिलित रहे। संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर एस०एस० हॉस्पिटल का गहन निरीक्षण एवं अभिलेखों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय की ऑपरेशन थियेटर (ओ०टी०) में आवश्यक व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं। इसके अतिरिक्त मृतका की बी०एच०टी० (Bed Head Ticket) फाइल अपूर्ण पाई गई तथा मरीज के उपचार संबंधी अभिलेखों में भी आवश्यक प्रविष्टियां एवं चिकित्सकीय विवरण संतोषजनक रूप से उपलब्ध नहीं मिले। जांच के दौरान चिकित्सालय के संचालन में विभिन्न अनियमितताएं परिलक्षित हुईं तथा चिकित्सालय का संचालन शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुरूप न पाए जाने पर संयुक्त टीम द्वारा तत्काल प्रभाव से एस०एस० हॉस्पिटल को सील कर दिया गया।

जांच टीम द्वारा चिकित्सालय में उपलब्ध दस्तावेजों, उपचार संबंधी अभिलेखों तथा अन्य आवश्यक साक्ष्यों को सुरक्षित करते हुए विस्तृत जांच प्रारंभ कर दी गई है। प्रकरण में संबंधित चिकित्सालय प्रबंधन एवं उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।‌सीएमओ ने बताया कि जनपद में संचालित समस्त निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम एवं क्लीनिकों को शासन द्वारा निर्धारित मानकों, चिकित्सकीय प्रोटोकॉल एवं मरीजों की सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है। किसी भी स्तर पर लापरवाही, मानकों की अनदेखी अथवा अवैध संचालन पाए जाने पर कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

उन्होंने जनसामान्य से अपील की है कि उपचार हेतु पंजीकृत एवं मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों में ही चिकित्सा सेवाएं प्राप्त करें तथा किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय अनियमितता की सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग अथवा जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं। जिससे समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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